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महिलाओं का सम्मान सबसे ऊपर
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बलिया। पीयरीया स्थित सेंट जोसेफ़ पब्लिक स्कूल में पवन राजा के अध्यक्षता में बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ व्याख्यान का शुभारंभ स्वामी अभिषेक ब्रह्मचारी, युवा चेतना के राष्ट्रीय संयोजक रोहित कुमार सिंह ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
उद्घाटन करने के बाद स्वामी अभिषेक ब्रह्मचारी ने कहा की भारतीय समाज में महिलाओं का सम्मान सबसे ऊपर है। जिसमें गौरीशंकर, सीताराम, राधाकृष्ण नामों में भी देवियों का नाम पहले आता है। यह दर्शाता है कि महिलाओं का स्थान सर्वोच्च है। कहा कि देश की तरक़्क़ी हेतु बेटियों का पढ़ना और सुरक्षित रहना आवश्यक है।
युवा चेतना के राष्ट्रीय संयोजक रोहित ने कहा कि मैं तीन बेटियों का पिता हूं। बेटी का बाप होना गर्व का विषय है। कहा की बच्चों की पहली शिक्षक मां होती है, मां के द्वारा प्रारंभिक जीवन में दी हुई शिक्षा से ही बच्चा आगे बढ़ता है। आजादी के बाद नेताओं ने अपनी सत्ता बरक़रार रखने के लिए महिलाओं को कमजोर किया। रामायण, महाभारत के समय भी नारी रक्षा के लिए समाज ने लड़ाई लड़ी थी। अब भी आवश्यकता है बेटियों के सम्मान के लिए समाज को आगे आना होगा। बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ और बेटी बढ़ाओ के संकल्प से ही देश आगे बढ़ सकता है। इस मौके पर अजय राय, रघुपति सिंह, मोहन सिंह, सुनील पासवान, बैजू राय, चंद्रप्रकाश सिंह, दीपक राय, नरोत्तम आदि मौजूद रहे।
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उद्घाटन करने के बाद स्वामी अभिषेक ब्रह्मचारी ने कहा की भारतीय समाज में महिलाओं का सम्मान सबसे ऊपर है। जिसमें गौरीशंकर, सीताराम, राधाकृष्ण नामों में भी देवियों का नाम पहले आता है। यह दर्शाता है कि महिलाओं का स्थान सर्वोच्च है। कहा कि देश की तरक़्क़ी हेतु बेटियों का पढ़ना और सुरक्षित रहना आवश्यक है।
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युवा चेतना के राष्ट्रीय संयोजक रोहित ने कहा कि मैं तीन बेटियों का पिता हूं। बेटी का बाप होना गर्व का विषय है। कहा की बच्चों की पहली शिक्षक मां होती है, मां के द्वारा प्रारंभिक जीवन में दी हुई शिक्षा से ही बच्चा आगे बढ़ता है। आजादी के बाद नेताओं ने अपनी सत्ता बरक़रार रखने के लिए महिलाओं को कमजोर किया। रामायण, महाभारत के समय भी नारी रक्षा के लिए समाज ने लड़ाई लड़ी थी। अब भी आवश्यकता है बेटियों के सम्मान के लिए समाज को आगे आना होगा। बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ और बेटी बढ़ाओ के संकल्प से ही देश आगे बढ़ सकता है। इस मौके पर अजय राय, रघुपति सिंह, मोहन सिंह, सुनील पासवान, बैजू राय, चंद्रप्रकाश सिंह, दीपक राय, नरोत्तम आदि मौजूद रहे।
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