बहराइच। कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग में बाघों की गणना के लिए कैमरे लगाए जा रहे हैं। इनमें 66 कैमरों के एसडी कार्ड खराब हो गए हैं। इसकी सूचना उच्चाधिकारियों को दी गई। जैम पोर्टल के माध्यम से कैमरों की खरीद हुई, जिन्हें जंगल में लगाया जा रहा है। अब तक 90 प्रतिशत क्षेत्र में कैमरे लगाए जा चुके हैं।
कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग 551 वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है। संरक्षित वन क्षेत्र में चार वर्ष बाद फिर बाघों की गणना होने जा रही है। इसके लिए वन विभाग और डब्ल्यूडब्ल्यूएफ की ओर से जंगल में चिह्नित स्थान पर कैमरे लगाने जा रहे हैं। इसमें वन विभाग और डब्ल्यूडब्ल्यूएफ की ओर से 588 कैमरे लगाए जाएंगे। डीएफओ यशवंत सिंह ने बताया कि संरक्षित वन क्षेत्र के 90 प्रतिशत क्षेत्र में कैमरे लगा दिए गए हैं, लेकिन 66 कैमरों में एसडी कार्ड खराब हो गए हैं, जिससे लगाए नहीं जा सके। जैम पोर्टल के माध्यम से विदेशी कंपनियों से सस्ते दर पर 66 एसडी कार्ड खरीदे गए हैं, जिन्हें कैमरे में लगा दिए गए हैं। डीएफओ के मुताबिक इस पर लगभग 30 हजार रुपये का खर्च आया है। यह सभी 66 कैमरे भी जंगल में दो दिनों में लगा दिए जाएंगे। इसके बाद लगातार 25 दिन बाघ के मूवमेंट पर नजर रखी जाएगी। इसके बाद कैमरे की चिप जांच के लिए वन्यजीव संस्थान देहरादून भेजी जाएगी।