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Bahraich News: बच्चे पर हमला करने वाली मादा तेंदुआ पिंजरे में कैद

Sat, 12 Sep 2026 12:50 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Sat, 12 Sep 2026 12:50 AM IST
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Female leopard that attacked a child captured in a cage.
पचासा गांव में वन विभाग के पिंजरे कैद तेंदुआ।
बिछिया। कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग के निशानगाड़ा रेंज के पचासा-मटेही गांव में बच्चे पर हमला करने वाली मादा तेंदुआ आखिरकार वन विभाग के पिंजरे में बृहस्पतिवार रात कैद हो गई। रात करीब 11 बजे तेंदुआ पिंजरे में बकरी के शिकार के लालच में फंसी। वन विभाग की टीम ने उसे कब्जे में लेकर रात में ही सुरक्षित तरीके से रेंज कार्यालय पहुंचाया। तेंदुए के पकड़े जाने के बाद गांव के लोगों ने राहत की सांस ली है।
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पचासा-मटेही गांव में छह सितंबर को एक बच्चे पर तेंदुए ने हमला कर दिया था। इसके अलावा मवेशियों पर तेंदुआ लगातार हमले कर रही थी। इसके चलते ग्रामीण खेत खलियान भी नहीं जा पा रहे थे। क्षेत्र में तेंदुए की लगातार मौजूदगी और हमले को देखते हुए वन विभाग ने पिंजरा लगाया था। इसके बाद से वन विभाग की तीन टीमें लगातार गश्त कर तेंदुए की गतिविधियों पर नजर रख रही थीं। टीमों ने पिंजरे के आसपास भी निगरानी बढ़ा दी थी। छह दिन की निगरानी के बाद आखिरकार मादा तेंदुआ बृहस्पतिवार रात में पिंजरे में कैद हो गई।
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स्वास्थ्य परीक्षण में पूरी तरह मिली स्वस्थ

डीएफओ अपूर्व दीक्षित ने बताया कि तेंदुए को पकड़ने के बाद पशु चिकित्सक डॉ. दीपक वर्मा ने टीम के साथ उसका स्वास्थ्य परीक्षण किया। जांच में तेंदुए के मादा होने की पुष्टि हुई। उसकी उम्र करीब सात वर्ष तथा वजन करीब 50 किलोग्राम है। चिकित्सकीय जांच में वह पूरी तरह स्वस्थ और सक्रिय मिली। वह सामान्य प्राकृतिक व्यवहार कर रही है। चिकित्सक के अनुसार तेंदुआ सुरक्षित परिवहन और प्राकृतिक वास में छोड़े जाने के लिए स्वस्थ है।
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उच्चाधिकारियों की अनुमति के बाद छोड़ेंगे
डीएफओ ने कहा कि तेंदुए को कहां छोड़ा जाएगा, इसका निर्णय उच्चाधिकारियों के निर्देश और नियमानुसार आवश्यक स्वीकृतियां मिलने के बाद किया जाएगा। इसके बाद ही उसे उपयुक्त प्राकृतिक क्षेत्र में छोड़े जाने की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल आदेश का इंतजार किया जा रहा है।
जुलाई से अब तक पिंजरे में कैद हुए तेंदुए
11 सितंबर : निशानगाड़ा रेंज के पचासा-मटेही गांव में पिंजरे में कैद हुई मादा तेंदुआ।
6 सितंबर : नानपारा रेंज के ग्राम जुगराज पुरवा में पिंजरे में कैद हुई मादा तेंदुआ।
02 सितंबर : ककरहा रेंज के महबूबनगर गांव में तेंदुआ पिंजरे में कैद।

01 सितंबर: सुजौली रेंज के बाजार टोला में तेंदुआ पिंजरे में कैद।

31 अगस्त: ककरहा रेंज के रामसहाय पुरवा गांव में पिंजरे में कैद हुई मादा तेंदुआ।

25 अगस्त: मोतीपुर वन रेंज के जगतापुर गुलरिहा गांव में पिंजरे में कैद हुआ तेंदुआ।
20 अगस्त: ककरहा रेंज के ढोढ़ेपुरवा में वयस्क नर तेंदुआ कैद।

13 अगस्त: हरदी के बाजपेयीपुरवा में मादा तेंदुआ पकड़ी गई।

11 अगस्त: मोतीपुर के दौलतपुर नई बस्ती में करीब सात वर्ष का नर तेंदुआ कैद।

4 अगस्त: सुजौली के त्रिलोकीगौढ़ी में करीब चार वर्ष का नर तेंदुआ पकड़ा गया।

31 जुलाई: ककरहा क्षेत्र में बकरी के शिकार के लिए लगाए पिंजरे में मादा तेंदुआ कैद।

20 जुलाई: अहिरनपुरवा में बुजुर्ग पर हमले के बाद पांच वर्षीय मादा तेंदुआ पकड़ी गई।
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