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Bahraich News: साहब... डॉक्टर पीएचसी में आते ही नहीं
Mon, 28 Apr 2025 01:13 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
Updated Mon, 28 Apr 2025 01:13 AM IST
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खुटेहना के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जन आरोग्य मेले में मौजूद फार्मासिस्ट व वार्डब्वाय।
बहराइच/खुटेहना/रिसिया। साहब... मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेले में बेहतर इलाज की उम्मीद लेकर पिछले रविवार को भी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर आए थे, तब भी डॉक्टर नहीं मिले और इस बार भी लंबी दूरी तय कर मेले में आए तो डॉक्टर साहब नहीं मिले। जब डीएम से शिकायत करने की बात कही तो कर्मचारी ने बताया कि डॉक्टर साहब की पहुंच ऊपर तक है, कुछ नहीं होगा।
यह दर्द रविवार को खुटेहना प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर आए ग्रामीण राहुल द्विवेदी ने बयां की। मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेले को लेकर जब पीएचसी खुटेहना पहुंचे तो वहां प्रभारी डॉ. राजीव सिंह नदारद मिले। पीएचसी में फार्मासिस्ट एमए अंसारी व वार्ड बॉय शिवपूजन यादव मौजूद रहे। वहीं, पीएचसी के बाहर कुछ मरीज टहलते दिखे। मरीजोंं ने बताया कि पीएचसी में अव्यस्थाओंं की भरमार है। इलाज के लिए फार्मासिस्ट को दिखाना मजबूरी है।
बताया कि तैनात चिकित्सक पांच महीने में 10 से 12 बार ही पीएचसी आए हैं। चिकित्सक को लेकर जब फार्मासिस्ट एमए अंसारी से जानकारी ली गई तो उन्होंने कुछ भी बताने से इन्कार कर दिया। रिसिया के पीएचसी नर्सिंगडीहा में डॉ. जीशान मौजूद मिले। इस दौरान शेखावत अली, शिफा, दरख्शा, मेराज, बद्रिका, तिलक राम, सालमा, आदित्य, सायरा, तरन्नुम सहित अन्य मरीजों की सेहत जांच कर दवाएं दी गईं।
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यह दर्द रविवार को खुटेहना प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर आए ग्रामीण राहुल द्विवेदी ने बयां की। मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेले को लेकर जब पीएचसी खुटेहना पहुंचे तो वहां प्रभारी डॉ. राजीव सिंह नदारद मिले। पीएचसी में फार्मासिस्ट एमए अंसारी व वार्ड बॉय शिवपूजन यादव मौजूद रहे। वहीं, पीएचसी के बाहर कुछ मरीज टहलते दिखे। मरीजोंं ने बताया कि पीएचसी में अव्यस्थाओंं की भरमार है। इलाज के लिए फार्मासिस्ट को दिखाना मजबूरी है।
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बताया कि तैनात चिकित्सक पांच महीने में 10 से 12 बार ही पीएचसी आए हैं। चिकित्सक को लेकर जब फार्मासिस्ट एमए अंसारी से जानकारी ली गई तो उन्होंने कुछ भी बताने से इन्कार कर दिया। रिसिया के पीएचसी नर्सिंगडीहा में डॉ. जीशान मौजूद मिले। इस दौरान शेखावत अली, शिफा, दरख्शा, मेराज, बद्रिका, तिलक राम, सालमा, आदित्य, सायरा, तरन्नुम सहित अन्य मरीजों की सेहत जांच कर दवाएं दी गईं।
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