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बहराइच: एक के बाद एक पकड़े गए दो खूंखार तेंदुए, लगातार इंसान और जानवरों पर कर रहे थे हमले; मारे गए कई मवेशी

Thu, 17 Sep 2026 09:43 AM IST
रोहित मिश्र अमर उजाला नेटवर्क, बहराइच
अमर उजाला नेटवर्क, बहराइच Published by: रोहित मिश्र Updated Thu, 17 Sep 2026 09:43 AM IST
सार

Leopard caught in Bahraich: बीते दिनों बहराइच जिले के  कतर्नियाघाट इलाके में आतंक का पर्याय बन चुके दो खूंखार तेंदुए एक के बाद एक पकड़े गए हैं। 

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Bahraich: Two ferocious leopards were captured one after the other, repeatedly attacking humans and animals; s
बहराइच में तेंदुए की दहशत। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

कतर्नियाघाट वन्य जीव क्षेत्र में तेंदुए की दहशत थमने का नाम नहीं ले रही। बुधवार शाम चहलवा गांव में तेंदुआ पकड़े जाने के बाद अब भैंसा बुड़ना गांव में भी बृहस्पतिवार सुबह एक और तेंदुआ पिंजरे में कैद हो गया। लगातार दो तेंदुए पकड़े जाने से ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है।

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जानकारी के अनुसार भैंसा बुड़ना गांव में पिछले कई दिनों से तेंदुए की चहलकदमी से ग्रामीण दहशत में थे। मवेशियों पर हमले की घटनाओं के बाद वन विभाग ने तीन दिन पहले गांव में पिंजरा लगाया था। रेंजर सुजौली नीरज श्रीवास्तव के नेतृत्व में लगाए गए पिंजरे में आज सुबह करीब 3 बजे तेंदुआ कैद हो गया।
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बताया गया कि पिंजरे में बकरी को चारे के रूप में बांधा गया था, जिसके लालच में तेंदुआ पिंजरे के अंदर आ गया और गेट बंद हो गया। सुबह खेत की ओर गए ग्रामीणों ने तेंदुए को पिंजरे में कैद देखा तो वन विभाग को सूचना दी।
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सूचना पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और पिंजरे को कब्जे में लिया। वन अधिकारियों के अनुसार पकड़े गए तेंदुए का स्वास्थ्य परीक्षण किया जाएगा, जिसके बाद उच्च अधिकारियों के निर्देश पर उसे सुरक्षित जंगल में छोड़ने या अन्य निर्णय लिया जाएगा।

एक दिन पहले पकड़ा गया था तेंदुआ

Bahraich: Two ferocious leopards were captured one after the other, repeatedly attacking humans and animals; s
पिंजरे में कैद तेंदुआ।

कई दिनों से मवेशियों का शिकार कर रहे तेंदुए को वन विभाग की टीम ने बुधवार को चहलवा गांव में पिंजरा लगाकर पकड़ लिया। ग्रामीणों की शिकायत के बाद विभाग ने तेंदुए की आवाजाही वाले स्थान की सटीक जानकारी जुटाई और साजित के खेत में शाम करीब 5:30 बजे पिंजरा लगाया। इसमें बकरी को चारे के रूप में बांधा गया था। वन विभाग की रणनीति कामयाब रही और करीब एक घंटे बाद 6:30 बजे तेंदुआ पिंजरे में कैद हो गया। तेंदुए के पकड़े जाने की सूचना मिलते ही गांव में हलचल मच गई। लगातार मवेशियों के शिकार से परेशान ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। सूचना पर कतर्नियाघाट के वन क्षेत्राधिकारी आशीष गौड़, डिप्टी रेंजर मयंक पांडेय, वन रक्षक कौशल किशोर सिंह समेत टीम मौके पर पहुंची। वन क्षेत्राधिकारी ने बताया कि तेंदुए को सुरक्षित रेंज कार्यालय ले जाया गया है। स्वास्थ्य परीक्षण के बाद उच्चाधिकारियों के निर्देश पर आगे का निर्णय लिया जाएगा। 

बाघ-तेंदुओं के हमलों में सात मवेशियों की मौत, चार लापता

 कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग में मंगलवार दोपहर से बुधवार सुबह तक बाघ व तेंदुओं के ताबड़तोड़ हमलों से पशुपालकों में दहशत फैल गई। निशानगाड़ा और धर्मापुर रेंज में अलग-अलग घटनाओं में बाघ ने भैंस को मार डाला, जबकि तेंदुए के हमले में पांच बकरियों की मौत हो गई। वहीं, चार बकरे लापता हैं। उधर, बुधवार सुबह धर्मापुर रेंज के गांव में तेंदुए ने अहाते में घुसकर एक बछड़े का भी शिकार कर लिया।

निशानगाड़ा रेंज की फकीरपुरी ग्राम पंचायत के मजरा रमपुरवा में मंगलवार देर शाम बाघ ने खेत में घास चर रही गांव निवासी भग्गू की भैंस पर हमला कर दिया। हमले में भैंस की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद गांव में दहशत फैल गई। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में लगातार बाघ की चहलकदमी देखी जा रही है। घटना की सूचना पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। रेंजर शिव कुमार ने टीम के साथ पहुंचकर ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी। ग्रामीणों ने बाघ की गतिविधियों को देखते हुए क्षेत्र में नियमित गश्त बढ़ाने और सुरक्षा के इंतजाम मजबूत करने की मांग की है।

उधर धर्मापुर रेंज के छोटी बोझिया में मंगलवार दोपहर करीब दो बजे बकरियां और बकरे चराने के दौरान तेंदुए ने ग्रामीण बब्बन खान की पांच बकरियों और चार बकरों पर हमला किया। वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर पांच बकरियों के शव बरामद किए, जबकि चार बकरों का अभी पता नहीं चल सका है। बताया जा रहा है कि तेंदुआ उन्हें घने जंगल में खींच ले गया। हालांकि वन विभाग की ओर से उनकी तलाश की जा रही है। वहीं हमले में मृत बकरियों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।

वहीं इसी गांव में सुबह करीब 7:30 बजे गांव निवासी राम खेलावन द्विवेदी के अहाते में घुसकर तेंदुए ने बछड़े पर हमला कर उसे मार डाला। लगातार दो दिनों में पशुओं पर हुए हमलों के बाद ग्रामीणों में बाघ और तेंदुए का भय बढ़ गया है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते निगरानी और बचाव के उपाय नहीं किए गए तो जंगली जानवर आबादी में पहुंचकर लोगों के लिए भी खतरा बन सकते हैं।

धर्मापुर रेंज अधिकारी दीपक मिश्रा ने बताया कि मंगलवार को बकरी और बकरों पर हमले की सूचना मिली थी। पांच बकरियों के शव बरामद कर उन्हें पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। चार बकरों की तलाश की जा रही है। उन्होंने बताया कि बुधवार को बछड़े पर हुए हमले के मामले में भी जांच की जा रही है।

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