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कोट बाजार में इंटरलॉकिंग और नाली निर्माण कार्य में घोटाला
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पयागपुर नगर पंचायत के कोट बाजार में निर्माणाधीन इंटरलाकिंग की जांच करते अधिकारी।
- फोटो : BAHRAICH
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बहराइच। जब पयागपुर को नगर पंचायत का दर्जा मिला था, उस समय यहां के नागरिकों को बेहतर जीवन की उम्मीद बंधी थी, लेकिन नगर पंचायत के हुक्मरानों और भ्रष्टाचारी ठेकेदारों ने सबकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया। प्रकरण कोट बाजार में नाली और इंटरलॉकिंग निर्माण का है, जिसे बनाने में भ्रष्टाचार के सभी रिकॉड तोड़ दिए गए। जांच करने गए जेई ने जब पैरों से निर्माणाधीन नाली को चोट मारी तो कई पक्की जोड़ाई युक्त ईंटें भर-भराकर गिर गए। तमाम शिकायत अपने मन में संजोए नागरिकों ने उस समय राहत की सांस ली, जब उनके सामने जेई ने निर्माण का भौतिक सत्यापन किया।
कोटबाजार में नगर पंचायत के मद से चल रहे निर्माण कार्यों की एक शिकायत पर एसडीएम पयागपुर दिनेश कुमार ने नगर पंचायत के प्रभारी जेई संजीव चंद्र को मौके पर भौतिक सत्यापन करने के लिए भेजा था। जब वह मौके पर पहुंचे तो स्थानीय व्यापारियों ने उनसे अपना रोना रोया। इस दौरान उन्होंने जब पैर से निर्माणाधीन नाली पर ठोक मारी तो ईंट भर-भराकर गिर गया। लोगों ने जेई से बताया कि नाली में ईंट की चुनाई के दौरान 9 : 1 के मसाला लगाया गया है। अभी नाली में प्लास्टर नहीं हुआ कि गंदा पानी बहने लगा, जिससे अब गुणवत्तायुक्त नाली का निर्माण नहीं हो सकता।
लोगों ने बताया कि यहां पर कार्य सिर्फ पैसे बनाने के लिए किया जा रहा है। मौके पर सड़क दबी हुई और नाली ऊंची दिखाई पड़ी। यह अनुमान लगाया जा रहा है कि बरसात का पानी सड़क पर ही भरा रहेगा। हालांकि जेई ने यह जरूर माना कि जब खोदकर देखा गया तो इंटरलॉकिंग टाइल्स के नीचे पत्थर आदि पाए गए। उन्होंने कहा कि समस्त रिपोर्ट एसडीएम को भेज दी जाएगी। ठेकेदार को फोन करके फटकार लगाई गई है। गौरतलब हो कि नगर पंचायत का दर्जा मिलने के बाद कोटबाजार में पहली बार इंटरलॉकिंग और नाली का निर्माण कार्य चल रहा है। इस दौरान यहां के स्थानीय नागरिकों में गुणवत्ता को लेकर भारी नाराजगी है।
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कोटबाजार में नगर पंचायत के मद से चल रहे निर्माण कार्यों की एक शिकायत पर एसडीएम पयागपुर दिनेश कुमार ने नगर पंचायत के प्रभारी जेई संजीव चंद्र को मौके पर भौतिक सत्यापन करने के लिए भेजा था। जब वह मौके पर पहुंचे तो स्थानीय व्यापारियों ने उनसे अपना रोना रोया। इस दौरान उन्होंने जब पैर से निर्माणाधीन नाली पर ठोक मारी तो ईंट भर-भराकर गिर गया। लोगों ने जेई से बताया कि नाली में ईंट की चुनाई के दौरान 9 : 1 के मसाला लगाया गया है। अभी नाली में प्लास्टर नहीं हुआ कि गंदा पानी बहने लगा, जिससे अब गुणवत्तायुक्त नाली का निर्माण नहीं हो सकता।
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लोगों ने बताया कि यहां पर कार्य सिर्फ पैसे बनाने के लिए किया जा रहा है। मौके पर सड़क दबी हुई और नाली ऊंची दिखाई पड़ी। यह अनुमान लगाया जा रहा है कि बरसात का पानी सड़क पर ही भरा रहेगा। हालांकि जेई ने यह जरूर माना कि जब खोदकर देखा गया तो इंटरलॉकिंग टाइल्स के नीचे पत्थर आदि पाए गए। उन्होंने कहा कि समस्त रिपोर्ट एसडीएम को भेज दी जाएगी। ठेकेदार को फोन करके फटकार लगाई गई है। गौरतलब हो कि नगर पंचायत का दर्जा मिलने के बाद कोटबाजार में पहली बार इंटरलॉकिंग और नाली का निर्माण कार्य चल रहा है। इस दौरान यहां के स्थानीय नागरिकों में गुणवत्ता को लेकर भारी नाराजगी है।
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