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सावन के पहले दिन झमाझम बरसे बादल
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 10 Jul 2017 10:06 PM IST
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सावन माह के पहले दिन तराई झमाझम बरसात से तर हो गई। रात एक बजे से शुरू हुई बारिश सोमवार को पूरे दिन होती रही। 55 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड हुई। इससे लोगों को जहां गर्मी से निजात मिली, वहीं मौसम सुहावना दिखा।
मौसमविदों की मानें तो चार दिन तक इसी तरह के मौसम की उम्मीद है। अभी और भारी वर्षा का सामना करना पड़ सकता है। गर्मी से परेशान लोगों को बारिश का इंतजार था। सावन के पहले दिन रविवार देर रात से तराई में झमाझम बरसात शुरू हो गई। रात से शुरू हुई वर्षा सोमवार को पूरे दिन जारी रही।
55 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड हुई है। इससे गर्मी से लोगों को जहां निजात मिल गई है, वहीं उमस से भी राहत मिली। भारी वर्षा से जगह-जगह जलभराव की स्थिति बनी है। तापमान लुढ़क कर 30 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया है।
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फसल अनुसंधान केंद्र के प्रभारी वैज्ञानिक डॉ. एमवी सिंह का कहना है कि रात से सोमवार दोपहर बाद तक 55 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड हुई है। चार दिन इसी तरह के मौसम का सामना बहराइच के लोगों को करना पड़ सकता है। ऐसे में किसानों को सजग रहने की जरूरत है।
फसल अनुसंधान केंद्र के प्रभारी वैज्ञानिक डॉ. एमवी सिंह ने कहा कि भारी वर्षा हो रही है। अभी और भारी वर्षा के संकेत मिले हैं। ऐसे में किसान चार दिन रुक कर धान की रोपाई करें। जिससे स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। फसल भी सुरक्षित रहेगी।
भारी वर्षा के बीच मोतीपुर में एक पेड़ सोमवार सुबह मोतीपुर-बिछिया मार्ग पर गिर गया। जिससे कतर्नियाघाट सेंक्चुरी का आवागमन ठप हो गया है। बसें नहीं चलीं। इससे लेागों को काफी परेशानियां उठानी पड़ीं।
सोमवार को पूरे दिन रुक-रुक कर बरसात हुई। इससे जगह-जगह जलभराव हो गया। शहर के मोहल्ला बख्शीपुरा, तिकोनीबाग, घसियारीपुरा, चांदमारी नईबस्ती, सलारगंज, कल्पीपारा में लोगों को जलभराव का सामना करना पड़ रहा है। सबसे बुरी स्थिति घसियारीपुरा मोहल्ले की है।
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मौसमविदों की मानें तो चार दिन तक इसी तरह के मौसम की उम्मीद है। अभी और भारी वर्षा का सामना करना पड़ सकता है। गर्मी से परेशान लोगों को बारिश का इंतजार था। सावन के पहले दिन रविवार देर रात से तराई में झमाझम बरसात शुरू हो गई। रात से शुरू हुई वर्षा सोमवार को पूरे दिन जारी रही।
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55 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड हुई है। इससे गर्मी से लोगों को जहां निजात मिल गई है, वहीं उमस से भी राहत मिली। भारी वर्षा से जगह-जगह जलभराव की स्थिति बनी है। तापमान लुढ़क कर 30 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया है।
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फसल अनुसंधान केंद्र के प्रभारी वैज्ञानिक डॉ. एमवी सिंह का कहना है कि रात से सोमवार दोपहर बाद तक 55 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड हुई है। चार दिन इसी तरह के मौसम का सामना बहराइच के लोगों को करना पड़ सकता है। ऐसे में किसानों को सजग रहने की जरूरत है।
फसल अनुसंधान केंद्र के प्रभारी वैज्ञानिक डॉ. एमवी सिंह ने कहा कि भारी वर्षा हो रही है। अभी और भारी वर्षा के संकेत मिले हैं। ऐसे में किसान चार दिन रुक कर धान की रोपाई करें। जिससे स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। फसल भी सुरक्षित रहेगी।
भारी वर्षा के बीच मोतीपुर में एक पेड़ सोमवार सुबह मोतीपुर-बिछिया मार्ग पर गिर गया। जिससे कतर्नियाघाट सेंक्चुरी का आवागमन ठप हो गया है। बसें नहीं चलीं। इससे लेागों को काफी परेशानियां उठानी पड़ीं।
सोमवार को पूरे दिन रुक-रुक कर बरसात हुई। इससे जगह-जगह जलभराव हो गया। शहर के मोहल्ला बख्शीपुरा, तिकोनीबाग, घसियारीपुरा, चांदमारी नईबस्ती, सलारगंज, कल्पीपारा में लोगों को जलभराव का सामना करना पड़ रहा है। सबसे बुरी स्थिति घसियारीपुरा मोहल्ले की है।