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मियाद खत्म के बाद भी जमानत राशि जब्त नहीं

Mon, 29 Nov 2021 10:57 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Mon, 29 Nov 2021 10:57 PM IST
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Even after the fixed period is over, the security amount has not been confiscated.
बहराइच। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में हिस्सेदारी को जिला पंचायत सदस्य, क्षेत्र पंचायत सदस्य, ग्राम प्रधान व ग्राम पंचायत सदस्य पद के लिए लगभग 33,966 लोगों ने नामांकन करवाया था। नियमों के तहत पंचायत चुनाव की मतगणना पूरी होने की तिथि के तीन माह पूरे होने की मियाद बाद जमानत राशि की वापसी को आवेदन न करने वाले की राशि जब्त किए जाने का प्रावधान है। तीन अगस्त को खत्म हुई तय मियाद के तीन माह बाद भी निर्वाचन कार्यालय की ओर से जमानत राशि की जब्ती की कार्रवाई शुरू नहीं हो पायी है।
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त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में इस बार 63 जिला पंचायत सदस्य के पद के लिए 993, क्षेत्र पंचायत सदस्य पद पर 8036, ग्राम प्रधान पद पर 9997 व ग्राम पंचायत सदस्य पदों पर 15440 लोगों ने अपना नामांकन दाखिल किया था। इसके लिए जिला पंचायत सदस्य पद के लिए 4000 , बीडीसी व ग्राम प्रधान पद के लिए 2-2 हजार और ग्राम पंचायत सदस्य पद के लिए 1000 रुपये की धरोहर राशि बतौर जमानत आयोग ने जमा करायी थी। आयोग के नियमानुसार मतगणना के तीन माह के भीतर सभी नामांकन कर्ताओं को जमानत राशि वापस लेने के लिए आवेदन करना जरूरी होता है।
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इसके बावजूद 3 अगस्त को पूरी हुई तय मियाद के दौरान जिला पंचायत कार्यालय पर जमानत वापसी के लिए मात्र 11 आवेदन ही प्राप्त हुए। वहीं तहसील मिहींपुरवा में एक भी आवेदन प्राप्त नहीं हुए है। शेष बची तहसीलों व ब्लॉकों के आवेदनों की संख्या अभी तक निर्वाचन कार्यालय को प्राप्त नहीं हुई। जिसके कारण आवेदन देने की अंतिम तारीख 3 अगस्त के पूर्ण होने के तीन माह बाद भी जब्ती कार्रवाई नही हो पायी है।
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ऐसी स्थिति में जब्त होती है जमानत राशि
मतगणना संपन्न होने के बाद कुल पड़े वोटों का 1/5 से अधिक वोट पाने वाले की जमानत राशि वापस की जाती है। अगर कोई विजयी प्रत्याशी है और उसने कुल पड़े मतों में से 1/5 से कम मत भी प्राप्त किए हैं तो आवेदन करने पर उसकी राशि भी वापस की जाती है। जमानत वापसी के लिए नामांकन पत्र वापस लेने वाले, नामांकन पत्र खारिज होने वाले व निर्विरोध जीत दर्ज करने वाले लोग भी पात्र होते हैं। बस उन्हें व्यय ब्यौरा के साथ जमानत राशि वापसी के लिए आवेदन करना होता है।

जमानत वापसी के लिए मात्र एक तहसील से जानकारी प्राप्त हुई है। अन्य ब्लॉक व तहसीलों से सूचना प्राप्त की जा रही है। सूचना मिलने के बाद जमानत राशि जब्त कराने की कार्रवाई पूरी करायी जाएगी। -देवेंद्र कुमार, सहायक निर्वाचन अधिकारी पंचायत
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