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मंदिर के पुजारी की हत्या

अमर उजाला/बहराइच Updated Tue, 23 May 2017 10:36 PM IST
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पुजारी की हत्या के बाद जुटे ग्रामीण
पुजारी की हत्या के बाद जुटे ग्रामीण - फोटो : अमर उजाला

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 इटहा गांव में स्थित बेरिया समय माता दुर्गा मंदिर के पुजारी की सोमवार की रात गला दबाकर हत्या कर दी गई। वह मंदिर के तीसरी मंजिल पर स्थित आवास में सो रहे थे। हत्या के कारणों का पता नहीं चल सका है। एसपी ने घटनास्थल का मुआयना किया। डाग स्क्वॉयड व फोरेंसिक टीम ने भी मंदिर परिसर मेें जांच-पड़ताल की। मृतक के चचेरे भाई की तहरीर पर अज्ञात के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया गया है। मंदिर में रहने वाली एक वृद्धा को पुलिस ने हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।
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कोतवाली देहात क्षेत्र के चौखड़िया गांव निवासी संगम लाल (65) कोतवाली नानपारा अंतर्गत इटहा गांव के पास स्थित बेरिया समय माता दुर्गा मंदिर में पुजारी थे। प्रतिदिन की तरह मंदिर में पूजा-अर्चना करने के बाद वह मंदिर के तीसरी मंजिल पर स्थित आवास में सो गए। इसी बीच देर रात मंदिर में घुसे अज्ञात लोगों ने सो रहे पुजारी संगम की उनके गमछे से गला कसकर हत्या कर दी।


मौके पर संघर्ष के निशान भी मिले हैं। सुबह आसपास के लोगों को घटना की सूचना मिली तो मौके पर भीड़ जुट गई। सूचना पाकर पुलिस अधीक्षक सुनील सक्सेना, सीओ एसके यादव भी दलबल के साथ मौके पर पहुंचे। एसपी ने गांव व आसपास के लोगों से पूछताछ कर उनका बयान दर्ज किया।

मौके पर पहुंचे डाग स्क्वॉयड दस्ते ने भी मंदिर परिक्षेत्र की जांच की। फोरेंसिक टीम ने भी जांच के लिए बिखरे खून के सैंपल एकत्रित किए। प्रभारी निरीक्षक आलोक राव ने बताया कि पुजारी के चचेरे भाई बुधराम की तहरीर पर अज्ञात के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया गया है, लेकिन बुधराम हत्या के कारणों के बारे में नहीं बता सके। उधर, मंदिर परिसर में रह रही वृद्धा सूका को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की गई है। हालांकि अभी किसी नतीजे पर पुलिस नहीं पहुंची है। 

एसपी सुनील सक्सेना ने कहा कि पुजारी की हत्या के मामले में क्षेत्र के सभी हिस्ट्रीशीटरों पर नजर रखी जा रही है। उनकी गतिविधियों का आकलन करने के बाद सभी से पूछताछ की जाएगी। शीघ्र ही हत्या का खुलासा किया जाएगा। 

मंदिर की संपत्ति हत्या का कारण हो सकती है। ऐसा अनुमान गांव के लोग भी लगा रहे हैं। गौरतलब हो कि मंदिर की स्थापना डेढ़ दशक पूर्व हुई थी। मंदिर संस्थापक अवतारी बाबा की वर्ष 2012 में मौत हो गई थी। उस समय उनकी गद्दी के तीन दावेदार सामने आए थे। हालांकि अरसे से मंदिर की सेवा में लगे रहने के चलते चौखड़िया निवासी संगमलाल को पुजारी नियुक्त किया गया था। उस समय काफी दिनों तक विवाद चला था। किसी तरह मामला शांत हुआ था।

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