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एसबीआई ग्राहक सेवा केंद्र का संचालक 15 लाख लेकर भागा
अमर उजाला ब्यूरो/बहराइच
Updated Fri, 29 Jan 2016 09:44 PM IST
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नानपारा (बहराइच)। अगैया चौराहे पर संचालित स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के ग्राहक सेवा केंद्र का संचालक डेढ़ हजार ग्रामीणों के करीब 15 लाख रुपये लेकर भाग निकला।
10 दिन से केंद्र न खुलने पर शुक्रवार को खाताधारकों की शिकायत पर नानपारा मुख्य शाखा प्रबंधक ने जांच करवाई तो मामला सही निकला।
इस पर शाखा प्रबंधक ने रिपोर्ट जोनल प्रबंधक को भेज दी है। संचालक के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई गई है।
स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की ओर से बैंकिंग सेवा को घर-घर पहुंचाने के उद्देश्य से ग्रामीण अंचलों में ग्राहक सेवा केंद्र की स्थापना की गई है।
इन सेवा केंद्रों का संचालन स्थानीय व्यक्तियों का चयन कर करवाया जा रहा है। इसी के तहत नानपारा क्षेत्र में अगैया चौराहे पर साल भर पहले किओस्क बैंकिंग ग्राहक सेवा केंद्र की स्थापना हुई थी।
संचालन का जिम्मा नानपारा नगर के जामा मस्जिद निवासी मोहम्मद अहमद को सौंपा गया था। इस सेवा केंद्र पर अगैया, हांड़ा बसेहरी, परसा, मधुबन, प्रेमनगर, लखैया कला समेत 13 गांवों के डेढ़ हजार से अधिक खाताधारक लेनदेन करते थे लेकिन 19 जनवरी से ग्राहक सेवा केंद्र में ताला लटक रहा है।
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शुक्रवार को केंद्र पर पहुंचे अगैया निवासी महमूद अली, करामत अली, सन्नो, फातिमा, मेराज, लालू, सफूकन ने बताया कि पहले तो हमें लगा कि अवकाश या फिर विभागीय कारणों से सेवा केंद्र बंद हो लेकिन जब आज फिर केंद्र पर ताला मिला तो शक हुआ।
सभी ने नानपारा स्टेट बैंक में बैंक प्रबंधक पीके सक्सेना को जानकारी दी। बैंक प्रबंधक ने तत्काल जांच करवाई तो ग्रामीणों के शिकायत की पुष्टि हुई।
अगैया चौराहे के लोगों ने भी ग्राहक सेवा केंद्र 10 दिन से बंद होने की पुष्टि की। इस पर शाखा प्रबंधक पीके सक्सेना ने तत्काल क्षेत्रीय प्रबंधक कार्यालय को पत्र लिखकर मामले की जानकारी दी है।
अनुमान लगाया जा रहा है कि संचालक मोहम्मद अहमद ग्रामीणों का लाखों रुपये समेटकर चंपत हुआ है। शाखा प्रबंधक ने कहा कि जांच की जा रही है। खाताधारकों से भी संपर्क साधा जा रहा है।
जांच के बाद ग्राहक सेवा केंद्र संचालक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करवाई जाएगी। केंद्र संचालक के फरार होने से ग्राहकों को अपनी कमाई डूबने की चिंता सता रही है।
अकाउंट सीज
शाखा प्रबंधक ने कहा कि संचालक के करंट अकाउंट को सीज कर दिया गया है क्योंकि संचालक कहीं भी रहकर अकाउंट से लेनदेन कर सकता था। उन्होंने कहा कि एजीएम ने स्वयं मामले की जांच शुरू की है। वह बहराइच भी आएंगे।
लेनदेन की प्रक्रिया
शाखा प्रबंधक पीके सक्सेना ने बताया कि ग्राहक सेवा केंद्रों के संचालकों का करंट अकाउंट बैंक में होता है। इसके माध्यम से वह ग्राहकों का पैसा जमा करते हैं और निकालते हैं।
करंट अकाउंट में लगभग 15 लाख के आसपास होने का अनुुमान लगाया जा रहा है। इसके अलावा हो सकता है कि कुछ नकद भी जमा हुआ हो, जिसका ब्यौरा संचालक ने न दर्ज किया हो।
लखनऊ में भी ठगे गए थे लाखों
राजधानी के बंथरा में भी बीते वर्ष मई में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया का ग्राहक सेवा केंद्र खोलकर ठग दंपती और उनके भतीजे ने करीब 70 लोगों के 20 लाख रुपये ठग लिए थे। यह ग्राहक सेवा केंद्र सिकंदरपुर शाखा के थे। शाखा प्रबंधक ने तीनों के खिलाफ केस दर्ज कराया था।
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10 दिन से केंद्र न खुलने पर शुक्रवार को खाताधारकों की शिकायत पर नानपारा मुख्य शाखा प्रबंधक ने जांच करवाई तो मामला सही निकला।
इस पर शाखा प्रबंधक ने रिपोर्ट जोनल प्रबंधक को भेज दी है। संचालक के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई गई है।
स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की ओर से बैंकिंग सेवा को घर-घर पहुंचाने के उद्देश्य से ग्रामीण अंचलों में ग्राहक सेवा केंद्र की स्थापना की गई है।
इन सेवा केंद्रों का संचालन स्थानीय व्यक्तियों का चयन कर करवाया जा रहा है। इसी के तहत नानपारा क्षेत्र में अगैया चौराहे पर साल भर पहले किओस्क बैंकिंग ग्राहक सेवा केंद्र की स्थापना हुई थी।
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संचालन का जिम्मा नानपारा नगर के जामा मस्जिद निवासी मोहम्मद अहमद को सौंपा गया था। इस सेवा केंद्र पर अगैया, हांड़ा बसेहरी, परसा, मधुबन, प्रेमनगर, लखैया कला समेत 13 गांवों के डेढ़ हजार से अधिक खाताधारक लेनदेन करते थे लेकिन 19 जनवरी से ग्राहक सेवा केंद्र में ताला लटक रहा है।
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शुक्रवार को केंद्र पर पहुंचे अगैया निवासी महमूद अली, करामत अली, सन्नो, फातिमा, मेराज, लालू, सफूकन ने बताया कि पहले तो हमें लगा कि अवकाश या फिर विभागीय कारणों से सेवा केंद्र बंद हो लेकिन जब आज फिर केंद्र पर ताला मिला तो शक हुआ।
सभी ने नानपारा स्टेट बैंक में बैंक प्रबंधक पीके सक्सेना को जानकारी दी। बैंक प्रबंधक ने तत्काल जांच करवाई तो ग्रामीणों के शिकायत की पुष्टि हुई।
अगैया चौराहे के लोगों ने भी ग्राहक सेवा केंद्र 10 दिन से बंद होने की पुष्टि की। इस पर शाखा प्रबंधक पीके सक्सेना ने तत्काल क्षेत्रीय प्रबंधक कार्यालय को पत्र लिखकर मामले की जानकारी दी है।
अनुमान लगाया जा रहा है कि संचालक मोहम्मद अहमद ग्रामीणों का लाखों रुपये समेटकर चंपत हुआ है। शाखा प्रबंधक ने कहा कि जांच की जा रही है। खाताधारकों से भी संपर्क साधा जा रहा है।
जांच के बाद ग्राहक सेवा केंद्र संचालक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करवाई जाएगी। केंद्र संचालक के फरार होने से ग्राहकों को अपनी कमाई डूबने की चिंता सता रही है।
अकाउंट सीज
शाखा प्रबंधक ने कहा कि संचालक के करंट अकाउंट को सीज कर दिया गया है क्योंकि संचालक कहीं भी रहकर अकाउंट से लेनदेन कर सकता था। उन्होंने कहा कि एजीएम ने स्वयं मामले की जांच शुरू की है। वह बहराइच भी आएंगे।
लेनदेन की प्रक्रिया
शाखा प्रबंधक पीके सक्सेना ने बताया कि ग्राहक सेवा केंद्रों के संचालकों का करंट अकाउंट बैंक में होता है। इसके माध्यम से वह ग्राहकों का पैसा जमा करते हैं और निकालते हैं।
करंट अकाउंट में लगभग 15 लाख के आसपास होने का अनुुमान लगाया जा रहा है। इसके अलावा हो सकता है कि कुछ नकद भी जमा हुआ हो, जिसका ब्यौरा संचालक ने न दर्ज किया हो।
लखनऊ में भी ठगे गए थे लाखों
राजधानी के बंथरा में भी बीते वर्ष मई में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया का ग्राहक सेवा केंद्र खोलकर ठग दंपती और उनके भतीजे ने करीब 70 लोगों के 20 लाख रुपये ठग लिए थे। यह ग्राहक सेवा केंद्र सिकंदरपुर शाखा के थे। शाखा प्रबंधक ने तीनों के खिलाफ केस दर्ज कराया था।