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दरगाह के पूर्व थाना प्रभारी पर दर्ज हुआ केस
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 26 Sep 2016 09:54 PM IST
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डीआईजी व एसपी के आदेश के बावजूद एक युवती के साथ हुई छेड़छाड़ और मारपीट की रिपोर्ट हफ्तों बाद दर्ज करने वाले दरगाह के पूर्व थानाध्यक्ष अजीत वर्मा के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। यह कार्रवाई एसपी द्वारा कराई गई जांच के बाद की गई।
दरगाह के थानाध्यक्ष शैलेंद्र कुमार त्रिपाठी के मुताबिक 21 नवंबर 2015 को क्षेत्र की रहने वाली एक युवती के घर में घुसकर कुछ लोगों ने छेड़छाड़ और मारपीट की। युवती के पिता ने घटना की तहरीर दी लेकिन केस दर्ज नहीं हुआ। पीड़िता ने 30 नवंबर को एसपी को पत्र देकर अवगत कराया।
एसपी के आदेश के बावजूद तत्कालीन थानाध्यक्ष अजीत वर्मा ने प्रार्थना पत्र जांच के लिए दयानंद यादव को दे दिया। केस मुकदमा दर्ज नहीं किया। पीड़िता के प्रार्थना पत्र पर देवीपाटन के डीआईजी ने 18 दिसंबर 2015 को केस दर्ज कर कार्रवाई करने का आदेश दिया। अधिकारियों के निर्देश के बावजूद तत्कालीन एसओ अजीत वर्मा ने एक माह 10 दिन बाद केस दर्ज किया।
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इस मामले की विभागीय जांच एसपी सालिकराम वर्मा ने कराई। जांच में तत्कालीन थानाध्यक्ष अजीत वर्मा की लापरवाही और हीलाहवाली मिली। थानाध्यक्ष के मुताबिक एसपी के आदेश पर तत्कालीन एसओ अजीत वर्मा के खिलाफ धारा 166ए के तहत केस दर्ज कर जांच की जा रही है।
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दरगाह के थानाध्यक्ष शैलेंद्र कुमार त्रिपाठी के मुताबिक 21 नवंबर 2015 को क्षेत्र की रहने वाली एक युवती के घर में घुसकर कुछ लोगों ने छेड़छाड़ और मारपीट की। युवती के पिता ने घटना की तहरीर दी लेकिन केस दर्ज नहीं हुआ। पीड़िता ने 30 नवंबर को एसपी को पत्र देकर अवगत कराया।
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एसपी के आदेश के बावजूद तत्कालीन थानाध्यक्ष अजीत वर्मा ने प्रार्थना पत्र जांच के लिए दयानंद यादव को दे दिया। केस मुकदमा दर्ज नहीं किया। पीड़िता के प्रार्थना पत्र पर देवीपाटन के डीआईजी ने 18 दिसंबर 2015 को केस दर्ज कर कार्रवाई करने का आदेश दिया। अधिकारियों के निर्देश के बावजूद तत्कालीन एसओ अजीत वर्मा ने एक माह 10 दिन बाद केस दर्ज किया।
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इस मामले की विभागीय जांच एसपी सालिकराम वर्मा ने कराई। जांच में तत्कालीन थानाध्यक्ष अजीत वर्मा की लापरवाही और हीलाहवाली मिली। थानाध्यक्ष के मुताबिक एसपी के आदेश पर तत्कालीन एसओ अजीत वर्मा के खिलाफ धारा 166ए के तहत केस दर्ज कर जांच की जा रही है।