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गर्भवती को नहीं किया भर्ती, अस्पताल गेट पर जना मृत शिशु
अमर उजाला ब्यूरो/बहराइच
Updated Thu, 13 Aug 2015 10:28 PM IST
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बहराइच। जिला अस्पताल के डॉक्टरों की मनमानी बढ़ती जा रही है। गुरुवार सुबह फिर ऐसा ही मामला सामने आया जब प्रसव पीड़िता को भर्ती करने के बजाय डॉक्टर ने बाहर से अल्ट्रासाउंड कराने का पर्चा लिख दिया।
तीमारदार जब पीड़िता को डायग्नोस्टिक सेंटर ले जाने लगे तभी अस्पताल कैंपस में ही महिला का प्रसव हो गया। उसने मृत शिशु को जन्म दिया।
घर वाले अस्पताल प्रशासन के खिलाफ हंगामा करने लगे तो आननफानन महिला को भर्ती किया गया। इस मामले में पीड़िता के पति ने सीएमएस और सीएमओ को पत्र लिखकर महिला चिकित्सक की शिकायत की है। घटना के चलते अस्पताल में डेढ़ घंटे तक अफरातफरी रही।
सोनवा थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम मोहनापुर तुरहनी रज्जब गांव निवासी रिजवान अहमद की पत्नी सोनी बेगम को गुरुवार सुबह आठ बजे के आसपास प्रसव पीड़ा शुरू हुई।
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परिवारीजन सोनी को सुबह 10 बजे के करीब जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। महिला चिकित्सालय में उस समय डॉ. रेखा मौजूद थीं लेकिन उन्होंने सोनी को भर्ती करने से इन्कार कर दिया।
डॉक्टर ने कहा कि पहले पहले बाहर से जांच और अल्ट्रासाउंड करवाकर लाओ। डॉ. रेखा ने एक पर्ची पर जांच लिखकर रिजवान को थमा दी। महिला की हालत गंभीर होने के कारण परिवारीजनों ने मिन्नतें करके स्ट्रेचर का इंतजाम किया।
सोनी को जब निजी पैथॉलाजी ले जाया जा रहा था तभी उसे असहनीय पीड़ा होने लगी। साथ में मौजूद महिलाओं ने अस्पताल गेट के पास ही पर्दा बनाकर प्रसव कराया। मृत शिशु का जन्म हुआ।
इतने में परिवार के सदस्यों ने महिला की स्थिति के लिए डॉ. रेखा को जिम्मेदार बताते हुए हंगामा शुरू कर दिया। हालात गंभीर होते देख सोनी बेगम को भर्ती किया गया। फिलहाल, महिला की स्थिति स्थिर बताई जा रही है।
इस मामले में प्रसूता सोनी बेगम और उनके पति रिजवान अहमद ने सीएमएस और सीएमओ को हस्ताक्षरित पत्र सौंपकर डॉ. रेखा की शिकायत की है। उन्होंने बच्चे की मौत के लिए चिकित्सक को जिम्मेदार बताया।
बख्शे नहीं जाएंगे दोषी : सीएमएस
मुख्य चिकित्साधीक्षक डॉ. अजय वर्मा का कहना है कि शिकायती पत्र मिला है। वह स्वयं मामले की जांच कर रहे हैं। जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि अस्पताल में सभी जांचे मौजूद हैं, फिर बाहर से जांच कराने की क्या जरूरत है।
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तीमारदार जब पीड़िता को डायग्नोस्टिक सेंटर ले जाने लगे तभी अस्पताल कैंपस में ही महिला का प्रसव हो गया। उसने मृत शिशु को जन्म दिया।
घर वाले अस्पताल प्रशासन के खिलाफ हंगामा करने लगे तो आननफानन महिला को भर्ती किया गया। इस मामले में पीड़िता के पति ने सीएमएस और सीएमओ को पत्र लिखकर महिला चिकित्सक की शिकायत की है। घटना के चलते अस्पताल में डेढ़ घंटे तक अफरातफरी रही।
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सोनवा थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम मोहनापुर तुरहनी रज्जब गांव निवासी रिजवान अहमद की पत्नी सोनी बेगम को गुरुवार सुबह आठ बजे के आसपास प्रसव पीड़ा शुरू हुई।
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परिवारीजन सोनी को सुबह 10 बजे के करीब जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। महिला चिकित्सालय में उस समय डॉ. रेखा मौजूद थीं लेकिन उन्होंने सोनी को भर्ती करने से इन्कार कर दिया।
डॉक्टर ने कहा कि पहले पहले बाहर से जांच और अल्ट्रासाउंड करवाकर लाओ। डॉ. रेखा ने एक पर्ची पर जांच लिखकर रिजवान को थमा दी। महिला की हालत गंभीर होने के कारण परिवारीजनों ने मिन्नतें करके स्ट्रेचर का इंतजाम किया।
सोनी को जब निजी पैथॉलाजी ले जाया जा रहा था तभी उसे असहनीय पीड़ा होने लगी। साथ में मौजूद महिलाओं ने अस्पताल गेट के पास ही पर्दा बनाकर प्रसव कराया। मृत शिशु का जन्म हुआ।
इतने में परिवार के सदस्यों ने महिला की स्थिति के लिए डॉ. रेखा को जिम्मेदार बताते हुए हंगामा शुरू कर दिया। हालात गंभीर होते देख सोनी बेगम को भर्ती किया गया। फिलहाल, महिला की स्थिति स्थिर बताई जा रही है।
इस मामले में प्रसूता सोनी बेगम और उनके पति रिजवान अहमद ने सीएमएस और सीएमओ को हस्ताक्षरित पत्र सौंपकर डॉ. रेखा की शिकायत की है। उन्होंने बच्चे की मौत के लिए चिकित्सक को जिम्मेदार बताया।
बख्शे नहीं जाएंगे दोषी : सीएमएस
मुख्य चिकित्साधीक्षक डॉ. अजय वर्मा का कहना है कि शिकायती पत्र मिला है। वह स्वयं मामले की जांच कर रहे हैं। जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि अस्पताल में सभी जांचे मौजूद हैं, फिर बाहर से जांच कराने की क्या जरूरत है।