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बंद होगी नानपारा चीनी मिल की आसवनी इकाई
Updated Mon, 10 Jul 2017 11:19 PM IST
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नानपारा चीनी मिल की आसवनी इकाई होगी बंद
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने मानक पूरे न होने पर दिया आदेश
नानपारा (बहराइच)। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने मानक पूरे न करने पर श्रावस्ती किसान सहकारी चीनी मिल नानपारा में स्थापित आसवनी इकाई प्लांट को बंद करने का आदेश दिया है। कई अल्टीमेटम के बावजूद भी आसवनी इकाई में जीरो लिक्विड डिस्चार्ज प्लांट स्थापित नहीं हो सका। आसवनी इकाई बंद होने से उसके सहयोगी प्लांट भी बंद हो जाएंगे। इन प्लाटों में काम करन ेवाले कर्मचारियों का क्या होगा, इस पर संशय बना हुआ है।
श्रावस्ती किसान सहकारी चीनी मिल के घाटे को कम करने के उद्देश्य से चीनी मिल परिसर में आसवनी इकाई स्थापित की गई थी। इकाई के तहत वर्ष 1988-89 में लगभग तीन करोड़ 41 लाख रुपए की लागत से ऐल्कोहल प्लांट लगाया गया था। नवंबर 2015 में तीन करोड़ 94 लाख रुपये की लागत से एथनॉल प्लांट व वर्ष 2010-11 में 65 लाख रुपये की लागत से ईएनए प्लांट लगा था, जिससे देसी शराब बनती थी। देसी शराब का प्लांट पहले ही बंद हो चुका है। इसके कारण लगभग पचास हजार लीटर ईएनए बेकार पड़ा है। जिसकी लागत करीब 19 लाख रुपए के आसपास है। सरकार की नई प्रदूषण नीति के तहत बिना जीरो लिक्विड डिस्चार्ज प्लांट लगाए प्रदेश में कोई भी आसवनी इकाई के ऐल्कोहल, एथनाल व ईएनए प्लांट नहीं चल सकते। जीरो लिक्विड डिस्चार्ज प्लांट लगाने पर 25 करोड़ रुपए का खर्च आता है। नानपारा चीनी मिल के आसवनी इकाई में जीरो लिक्विड डिस्चार्ज प्लांट लगाने को पिछली सरकार ने हरी झंडी दी थी पर नोटबंदी के कारण मिलों को पैसा नहीं मिल पाया था। समय रहते इन प्लांटों के न लगने से नानपारा के साथ ही प्रदेश की सात चीनी मिलों में स्थापित आसवानी ईकाई प्लांट बंद हो गए हैं। प्लांट बंद होने से नानपारा चीनी मिल में आसवानी इकाई के 35 स्थायी कर्मचारी व 32 संविदा कर्मचारी व तीन उत्तर प्रदेश सहकारी मिल संघ कार्यालय लखनऊ के कर्मचारी बेकार हो जाएंगे। आसवानी इकाइयों के लाभ से भी चीनी मिल वंचित हो जाएंगी।
चीनी मिल में समायोजित होंगे कर्मचारी
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने जीरो लिक्विड डिस्चार्ज प्लांट स्थापित करने के आदेश दिए थे। लेकिन बजट न होने से समस्या उत्पन्न हुई है। आसवनी इकाई और सहयोगी प्लांट के संचालन के मामले में शासन स्तर से बात चल रही है। आसवनी इकाई के कर्मचारियों को चीनी मिल में समायोजित किया जाएगा।
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-एके रिजवी, आसवानी इकाई प्रबंधक
लगभग 04 अरब 50 करोड़ के घाटे में चल रही
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प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने मानक पूरे न होने पर दिया आदेश
नानपारा (बहराइच)। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने मानक पूरे न करने पर श्रावस्ती किसान सहकारी चीनी मिल नानपारा में स्थापित आसवनी इकाई प्लांट को बंद करने का आदेश दिया है। कई अल्टीमेटम के बावजूद भी आसवनी इकाई में जीरो लिक्विड डिस्चार्ज प्लांट स्थापित नहीं हो सका। आसवनी इकाई बंद होने से उसके सहयोगी प्लांट भी बंद हो जाएंगे। इन प्लाटों में काम करन ेवाले कर्मचारियों का क्या होगा, इस पर संशय बना हुआ है।
श्रावस्ती किसान सहकारी चीनी मिल के घाटे को कम करने के उद्देश्य से चीनी मिल परिसर में आसवनी इकाई स्थापित की गई थी। इकाई के तहत वर्ष 1988-89 में लगभग तीन करोड़ 41 लाख रुपए की लागत से ऐल्कोहल प्लांट लगाया गया था। नवंबर 2015 में तीन करोड़ 94 लाख रुपये की लागत से एथनॉल प्लांट व वर्ष 2010-11 में 65 लाख रुपये की लागत से ईएनए प्लांट लगा था, जिससे देसी शराब बनती थी। देसी शराब का प्लांट पहले ही बंद हो चुका है। इसके कारण लगभग पचास हजार लीटर ईएनए बेकार पड़ा है। जिसकी लागत करीब 19 लाख रुपए के आसपास है। सरकार की नई प्रदूषण नीति के तहत बिना जीरो लिक्विड डिस्चार्ज प्लांट लगाए प्रदेश में कोई भी आसवनी इकाई के ऐल्कोहल, एथनाल व ईएनए प्लांट नहीं चल सकते। जीरो लिक्विड डिस्चार्ज प्लांट लगाने पर 25 करोड़ रुपए का खर्च आता है। नानपारा चीनी मिल के आसवनी इकाई में जीरो लिक्विड डिस्चार्ज प्लांट लगाने को पिछली सरकार ने हरी झंडी दी थी पर नोटबंदी के कारण मिलों को पैसा नहीं मिल पाया था। समय रहते इन प्लांटों के न लगने से नानपारा के साथ ही प्रदेश की सात चीनी मिलों में स्थापित आसवानी ईकाई प्लांट बंद हो गए हैं। प्लांट बंद होने से नानपारा चीनी मिल में आसवानी इकाई के 35 स्थायी कर्मचारी व 32 संविदा कर्मचारी व तीन उत्तर प्रदेश सहकारी मिल संघ कार्यालय लखनऊ के कर्मचारी बेकार हो जाएंगे। आसवानी इकाइयों के लाभ से भी चीनी मिल वंचित हो जाएंगी।
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चीनी मिल में समायोजित होंगे कर्मचारी
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने जीरो लिक्विड डिस्चार्ज प्लांट स्थापित करने के आदेश दिए थे। लेकिन बजट न होने से समस्या उत्पन्न हुई है। आसवनी इकाई और सहयोगी प्लांट के संचालन के मामले में शासन स्तर से बात चल रही है। आसवनी इकाई के कर्मचारियों को चीनी मिल में समायोजित किया जाएगा।
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-एके रिजवी, आसवानी इकाई प्रबंधक
लगभग 04 अरब 50 करोड़ के घाटे में चल रही