{"_id":"60d39f948ebc3e2a007a4556","slug":"bahraich-bahraich-news-lko583846831","type":"story","status":"publish","title_hn":"हाथी ने आबादी में पहुंचकर तीन मकानों को ढहाया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हाथी ने आबादी में पहुंचकर तीन मकानों को ढहाया
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बिछिया (बहराइच)। जंगल से निकलकर टस्कर हाथी आंबा गांव में पहुंच गया। हाथी ने तीन फूस के मकानों को ढहा दिया। परिवार के लोगों ने भागकर जान बचाई। हाथी के हमले के चलते ग्रामीण रात भर सो नहीं सके। सूचना पाकर पहुंचे वनकर्मियों ने मौके का मुआयना किया। डीएफओ ने हाथी को जंगल में खदेड़ने के लिए सायरन बजाने और हवाई फायरिंग के निर्देश दिए हैं।
कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग में काफी संख्या में हाथी विचरण करते हैं। जंगल से निकलकर हाथी आबादी में पहुंचकर ग्रामीणों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। कतर्नियाघाट रेंज के आंबा गांव में देर रात को जंगल से निकलकर टस्कर हाथी (दांत वाला) पहुंच गया। उसने गांव निवासी महेंद्र पुत्र श्री भगवान के पक्के मकान को ढहा दिया। इसके बाद हाथी ने गांव के ही लक्ष्मी पत्नी करन और लक्ष्मीशंकर चौधरी पुत्र बुधराम के मकान को गिरा दिया। इसके बाद सूंड़ से अनाज समेत अन्य गृहस्थी तहस-नहस कर दी। ग्रामीणों ने शोर मचाते हुए भागकर जान बचाई। गांव के बाहर हाथी चिंघाड़ता रहा। हाथी की चिंघाड़ सुनकर ग्रामीण एकत्रित हो गए। हाथी के हमले की सूचना सभी ने रेंज कार्यालय पर दी। वनकर्मियों ने मौके पर पहुंचकर क्षति का आंकलन किया। वन क्षेत्राधिकारी रामकुमार ने बताया कि ग्रामीणों को सजग रहने के निर्देश दिए गए हैं। प्रार्थना पत्र मिलने पर मुआवजा दिया जाएगा। इस मामले में प्रभागीय वनाधिकारी आकाशदीप बाधवान का कहना है कि हाथी की लोकेशन ट्रेस की जा रही है। इसके बाद हाथी को जंगल में खदेड़ने के लिए सायरन बजवाने के साथ हवाई फायरिंग करवाकर दूर भगाया जाएगा। जिससे ग्रामीणों को नुकसान न हो सके।
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कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग में काफी संख्या में हाथी विचरण करते हैं। जंगल से निकलकर हाथी आबादी में पहुंचकर ग्रामीणों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। कतर्नियाघाट रेंज के आंबा गांव में देर रात को जंगल से निकलकर टस्कर हाथी (दांत वाला) पहुंच गया। उसने गांव निवासी महेंद्र पुत्र श्री भगवान के पक्के मकान को ढहा दिया। इसके बाद हाथी ने गांव के ही लक्ष्मी पत्नी करन और लक्ष्मीशंकर चौधरी पुत्र बुधराम के मकान को गिरा दिया। इसके बाद सूंड़ से अनाज समेत अन्य गृहस्थी तहस-नहस कर दी। ग्रामीणों ने शोर मचाते हुए भागकर जान बचाई। गांव के बाहर हाथी चिंघाड़ता रहा। हाथी की चिंघाड़ सुनकर ग्रामीण एकत्रित हो गए। हाथी के हमले की सूचना सभी ने रेंज कार्यालय पर दी। वनकर्मियों ने मौके पर पहुंचकर क्षति का आंकलन किया। वन क्षेत्राधिकारी रामकुमार ने बताया कि ग्रामीणों को सजग रहने के निर्देश दिए गए हैं। प्रार्थना पत्र मिलने पर मुआवजा दिया जाएगा। इस मामले में प्रभागीय वनाधिकारी आकाशदीप बाधवान का कहना है कि हाथी की लोकेशन ट्रेस की जा रही है। इसके बाद हाथी को जंगल में खदेड़ने के लिए सायरन बजवाने के साथ हवाई फायरिंग करवाकर दूर भगाया जाएगा। जिससे ग्रामीणों को नुकसान न हो सके।
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