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अमृतपुर पुरैना व कांटा गांव में फैला खसरा, 60 चपेट में
बहराइच/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 06 Dec 2015 10:43 PM IST
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मौसम बदलने व गंदगी के चलते मुर्तिहा कोतवाली के अमृतपुर पुरैना व कांटा गांव में खसरा फैल गया है। बीते तीन दिनों से गांव के युवा, बूढ़े व नौनिहाल समेत 60 लोग इसके चपेट में है लेकिन सीएचसी प्रशासन कागजों पर ही इलाज कर अपने कर्तव्यों की इतिश्री कर रहा है। वहीं पीड़ित परिवार निकटवर्ती झोलाछापों से इलाज कराने को मजबूर हैं।
तराई में मौसम तेजी से बदल रहा है। गांवों में गंदगी है। मुर्तिहा कोतवाली अंतर्गत अमृतपुर पुरैना व कांटा गांव में खसरा फैला हुआ है। अमृतपुर पुरैना गांव निवासी राधा (4), सुनीता (4), सुनील (4), कृष्णा (4), नेहा (5), प्रियंका (5), राजा (5) व कांटा गांव निवासी अवधेश (45), सद्दाम (25), सत्तन (5), रानी (30), साक्षी (2), तन्नो (3), दुखी (40), राजू (30) समेत 60 लोग खसरे की बीमारी से जूझ रहे हैं।
पीड़ितों को तीन दिन पूर्व बुखार आया। इसके बाद शरीर पर दाने व लाल चकत्ते निकल आए। तीन दिन पूर्व गांव वालों ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के डॉक्टरों व स्थानीय एएनएम को सूचित किया था लेेकिन आज तक कोई भी अधिकारी या कर्मचारी गांव नहीं पहुंचा है। इससे ग्रामीणों में आक्रोश है। यदि स्वास्थ्य विभाग ने समय रहते ध्यान नहीं दिया तो खसरे का प्रकोप महामारी का रूप अख्तियार कर लेगा।
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तराई में मौसम तेजी से बदल रहा है। गांवों में गंदगी है। मुर्तिहा कोतवाली अंतर्गत अमृतपुर पुरैना व कांटा गांव में खसरा फैला हुआ है। अमृतपुर पुरैना गांव निवासी राधा (4), सुनीता (4), सुनील (4), कृष्णा (4), नेहा (5), प्रियंका (5), राजा (5) व कांटा गांव निवासी अवधेश (45), सद्दाम (25), सत्तन (5), रानी (30), साक्षी (2), तन्नो (3), दुखी (40), राजू (30) समेत 60 लोग खसरे की बीमारी से जूझ रहे हैं।
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पीड़ितों को तीन दिन पूर्व बुखार आया। इसके बाद शरीर पर दाने व लाल चकत्ते निकल आए। तीन दिन पूर्व गांव वालों ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के डॉक्टरों व स्थानीय एएनएम को सूचित किया था लेेकिन आज तक कोई भी अधिकारी या कर्मचारी गांव नहीं पहुंचा है। इससे ग्रामीणों में आक्रोश है। यदि स्वास्थ्य विभाग ने समय रहते ध्यान नहीं दिया तो खसरे का प्रकोप महामारी का रूप अख्तियार कर लेगा।
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