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ईपीई पर रोके वाहन, रोज हो रहा 50 लाख का नुकसान
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ईस्टर्न पेरिफैरल एक्सप्रेस-वे पर लगी ट्रकों की कतारें
- फोटो : BAGHPAT
बागपत। ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे से दिल्ली-सहारनपुर नेशनल हाईवे पर गौरीपुर मोड़ तक भले ही कांवड़िये नहीं हों, लेकिन एक्सप्रेस-वे से इस बीच भी वाहनों को रोक दिया गया है। जिस कारण औद्योगिक क्षेत्र में फैक्टरी तक माल नहीं पहुंच रहा है। इससे फैक्टरी बंद होने से प्रतिदिन करीब 50 लाख का नुकसान हो रहा है।
बागपत में कलक्ट्रेट से सटे हुए औद्योगिक क्षेत्र में करीब 110 फैक्टरियां हैं। इनमें फूड प्रोसेसिंग, पैकेजिंग, रिम-धुरा, पत्थर, होम फर्निशिंग आदि की फैक्टरी ज्यादा है। यहां दिल्ली, गाजियाबाद, सोनीपत, पानीपत समेत अन्य जगहों से कच्चा माल आता है और उसको इस्तेमाल करके सामान बनाने के अलावा पैकेजिंग की जाती हैं।
कांवड़ यात्रा के मद्देनजर प्रशासन ने ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे से वाहनों को औद्योगिक क्षेत्र में आने से रोक दिया है। जिससे फूड प्रोसेसिंग व पैकेजिंग की करीब 50 फैक्टरी माल नहीं आने के कारण बंद हो गई हैं। इसके अलावा अन्य फैक्टरी की रफ्तार भी धीमी हो गई है और इससे लाखों का नुकसान प्रतिदिन उद्यमियों को हो रहा है। फैक्टरी मालिकों का कहना है कि जहां से कांवड़िये निकल रहे हैं, वहां तक वाहन जाते ही नहीं हैं। एक्सप्रेसवे से औद्योगिक क्षेत्र तक कांवड़िये रहते ही नहीं है।
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मजदूरों के लिए भी होने लगी परेशानी
बागपत इंडस्ट्रीयल वेलफेयर एसोसिएशन के महासचिव अश्विनी शर्मा बताते हैं कि फूड प्रोसेसिंग और पैकेजिंग की फैक्टरी में कच्चे व तैयार माल किसी को भी दो दिन से ज्यादा नहीं रखा जा सकता है। इसके साथ ही माल के दाम रोजाना बदलते रहते हैं। मगर अब माल नहीं आने के कारण फैक्टरी बंद हो गई है। इससे कुछ जगह मजदूर नहीं पहुंच रहे हैं, तो किसी ने फैक्टरी बंद होने पर अभी उनको आने से रोक दिया है।
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एक्सप्रेस-वे से औद्योगिक क्षेत्र तक एक भी कांवड़ियां नहीं आता है। वह गौरीपुर मोड़ से हरियाणा व राजस्थान की तरफ चले जाते हैं। इसके बाद भी वाहनों को फैक्टरी तक नहीं आने दिया जा रहा है, जिससे फैक्टरी बंद होने के कारण काफी नुकसान झेलना पड़ा रहा है। प्रशासन को वाहन पास की व्यवस्था करानी चाहिए। - लोकेश कुमार, कोषाध्यक्ष बागपत इंडस्ट्रीयल वेलफेयर एसोसिएशन
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फूड प्रोसेसिंग को सबसे ज्यादा नुकसान हो रहा है। क्योंकि रोजाना माल आता है और सप्लाई होता है। ऐसे में वाहन रोके जाने से बड़ी समस्या हो रही है। जबकि सड़क पर कांवड़िये भी नहीं हैं। ऐसे में फैक्टरी में माल लेकर आने वाले वाहनों के लिए पास की व्यवस्था होनी चाहिए। - हिमांशु गोयल, निदेशक फूड प्रोसेसिंग इंडस्ट्री
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कांवड़ यात्रा के सभी पक्षधर हैं और कांवड़ियों की सेवा भी फैक्टरी मालिक करते हैं। मगर एक्सप्रेस-वे से औद्योगिक क्षेत्र तक कांवड़िये नहीं हैं। इसके बाद भी रास्तों को बंद कर दिया गया है। इससे फैक्टरी में माल नहीं पहुंच रहा है, तो माल किसी जगह भेज भी नहीं सकते हैं। इससे काफी नुकसान हो रहा है। - भगत सिंह, निदेशक रिम-धुरा फैक्टरी
कोट...
कांवड़ यात्रा के कारण दिल्ली-सहारनपुर नेशनल हाईवे पर वाहनों को रोका गया है। एक्सप्रेस-वे से नीचे बड़े वाहनों को नहीं आने दिया जा रहा है। किसी भी वाहन के लिए पास की व्यवस्था नहीं की गई है। खाद्य सामग्री का वाहन है तो उसको निकाला जा सकता है। - अमित कुमार, एडीएम
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बागपत में कलक्ट्रेट से सटे हुए औद्योगिक क्षेत्र में करीब 110 फैक्टरियां हैं। इनमें फूड प्रोसेसिंग, पैकेजिंग, रिम-धुरा, पत्थर, होम फर्निशिंग आदि की फैक्टरी ज्यादा है। यहां दिल्ली, गाजियाबाद, सोनीपत, पानीपत समेत अन्य जगहों से कच्चा माल आता है और उसको इस्तेमाल करके सामान बनाने के अलावा पैकेजिंग की जाती हैं।
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कांवड़ यात्रा के मद्देनजर प्रशासन ने ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे से वाहनों को औद्योगिक क्षेत्र में आने से रोक दिया है। जिससे फूड प्रोसेसिंग व पैकेजिंग की करीब 50 फैक्टरी माल नहीं आने के कारण बंद हो गई हैं। इसके अलावा अन्य फैक्टरी की रफ्तार भी धीमी हो गई है और इससे लाखों का नुकसान प्रतिदिन उद्यमियों को हो रहा है। फैक्टरी मालिकों का कहना है कि जहां से कांवड़िये निकल रहे हैं, वहां तक वाहन जाते ही नहीं हैं। एक्सप्रेसवे से औद्योगिक क्षेत्र तक कांवड़िये रहते ही नहीं है।
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मजदूरों के लिए भी होने लगी परेशानी
बागपत इंडस्ट्रीयल वेलफेयर एसोसिएशन के महासचिव अश्विनी शर्मा बताते हैं कि फूड प्रोसेसिंग और पैकेजिंग की फैक्टरी में कच्चे व तैयार माल किसी को भी दो दिन से ज्यादा नहीं रखा जा सकता है। इसके साथ ही माल के दाम रोजाना बदलते रहते हैं। मगर अब माल नहीं आने के कारण फैक्टरी बंद हो गई है। इससे कुछ जगह मजदूर नहीं पहुंच रहे हैं, तो किसी ने फैक्टरी बंद होने पर अभी उनको आने से रोक दिया है।
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एक्सप्रेस-वे से औद्योगिक क्षेत्र तक एक भी कांवड़ियां नहीं आता है। वह गौरीपुर मोड़ से हरियाणा व राजस्थान की तरफ चले जाते हैं। इसके बाद भी वाहनों को फैक्टरी तक नहीं आने दिया जा रहा है, जिससे फैक्टरी बंद होने के कारण काफी नुकसान झेलना पड़ा रहा है। प्रशासन को वाहन पास की व्यवस्था करानी चाहिए। - लोकेश कुमार, कोषाध्यक्ष बागपत इंडस्ट्रीयल वेलफेयर एसोसिएशन
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फूड प्रोसेसिंग को सबसे ज्यादा नुकसान हो रहा है। क्योंकि रोजाना माल आता है और सप्लाई होता है। ऐसे में वाहन रोके जाने से बड़ी समस्या हो रही है। जबकि सड़क पर कांवड़िये भी नहीं हैं। ऐसे में फैक्टरी में माल लेकर आने वाले वाहनों के लिए पास की व्यवस्था होनी चाहिए। - हिमांशु गोयल, निदेशक फूड प्रोसेसिंग इंडस्ट्री
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कांवड़ यात्रा के सभी पक्षधर हैं और कांवड़ियों की सेवा भी फैक्टरी मालिक करते हैं। मगर एक्सप्रेस-वे से औद्योगिक क्षेत्र तक कांवड़िये नहीं हैं। इसके बाद भी रास्तों को बंद कर दिया गया है। इससे फैक्टरी में माल नहीं पहुंच रहा है, तो माल किसी जगह भेज भी नहीं सकते हैं। इससे काफी नुकसान हो रहा है। - भगत सिंह, निदेशक रिम-धुरा फैक्टरी
कोट...
कांवड़ यात्रा के कारण दिल्ली-सहारनपुर नेशनल हाईवे पर वाहनों को रोका गया है। एक्सप्रेस-वे से नीचे बड़े वाहनों को नहीं आने दिया जा रहा है। किसी भी वाहन के लिए पास की व्यवस्था नहीं की गई है। खाद्य सामग्री का वाहन है तो उसको निकाला जा सकता है। - अमित कुमार, एडीएम