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अच्छे संस्कारों से आती है परोपकार की भावना
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बिनौली। महाभारत कालीन लाक्षागृह स्थित श्री महानंद संस्कृत महाविद्यालय गुरुकुल में चल रहे आठ दिवसीय 63वें विश्व कल्याण चतुर्वेद पारायण महायज्ञ का बुधवार को चौथा दिन रहा। वैदिक विद्वान आचार्य डॉ. कपिल मलिक ने कहा कि यज्ञ को व्यवहारिक जीवन में उतारकर परोपकारी मानव बनने का प्रयास करें।
उन्होंने कहा कि संस्कारों के बिना कोई भी व्यक्ति पूर्ण नहीं होता। अच्छे संस्कारों से ही मानव में परोपकार की भावना जाग्रत होती है। पूर्व प्रधानाचार्य आचार्य विनोद कुमार शास्त्री ने कहा कि यज्ञ प्रकृति संतुलन का सबसे बड़ा मार्ग है। पर्यावरण संतुलन के लिए विश्व में इससे अच्छा और कोई माध्यम नहीं है। आचार्य गुरुवचन शास्त्री, प्रधानाचार्य आचार्य अरविंद कुमार शास्त्री, सुनील शास्त्री, देवेंद्र शास्त्री, आचार्य रविदत्त शास्त्री, सोमदत्त भारद्वाज आदि विद्वानों ने भी वेदोपदेश दिए। गुरुकुल के ब्रह्मचारी जयकृष्ण शास्त्री, रोहित शास्त्री, मोहित शास्त्री, कपिल शास्त्री ने सस्वर वेदपाठ किया। अशोक चौहान, कांति त्यागी, महेंद्र सिंह, नरेंद्र सिंह, बालकृष्ण त्यागी, हर्ष कुमार, फकीर चंद त्यागी, अमित कुमार, मधुसूदनेश्वर, विशु, राहुल त्यागी सपत्नीक यज्ञमान रहे। यज्ञ में बीएसएनएल के पूर्व जीएम चंद्रहास, प्रधान यशोधर्मा सोलंकी, मंत्री राजपाल त्यागी, ब्रजपाल सिंह शास्त्री, डॉ. रवि पंवार, एसआई ओमवीर सिंह रंछाड, विजय कुमार, गंगाशरण, सेवाराम आर्य, अजय त्यागी, ब्रह्मप्रकाश त्यागी, अरुण त्यागी, कविराज त्यागी आदि श्रद्धालुओं ने यज्ञ में आहुति दी।
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उन्होंने कहा कि संस्कारों के बिना कोई भी व्यक्ति पूर्ण नहीं होता। अच्छे संस्कारों से ही मानव में परोपकार की भावना जाग्रत होती है। पूर्व प्रधानाचार्य आचार्य विनोद कुमार शास्त्री ने कहा कि यज्ञ प्रकृति संतुलन का सबसे बड़ा मार्ग है। पर्यावरण संतुलन के लिए विश्व में इससे अच्छा और कोई माध्यम नहीं है। आचार्य गुरुवचन शास्त्री, प्रधानाचार्य आचार्य अरविंद कुमार शास्त्री, सुनील शास्त्री, देवेंद्र शास्त्री, आचार्य रविदत्त शास्त्री, सोमदत्त भारद्वाज आदि विद्वानों ने भी वेदोपदेश दिए। गुरुकुल के ब्रह्मचारी जयकृष्ण शास्त्री, रोहित शास्त्री, मोहित शास्त्री, कपिल शास्त्री ने सस्वर वेदपाठ किया। अशोक चौहान, कांति त्यागी, महेंद्र सिंह, नरेंद्र सिंह, बालकृष्ण त्यागी, हर्ष कुमार, फकीर चंद त्यागी, अमित कुमार, मधुसूदनेश्वर, विशु, राहुल त्यागी सपत्नीक यज्ञमान रहे। यज्ञ में बीएसएनएल के पूर्व जीएम चंद्रहास, प्रधान यशोधर्मा सोलंकी, मंत्री राजपाल त्यागी, ब्रजपाल सिंह शास्त्री, डॉ. रवि पंवार, एसआई ओमवीर सिंह रंछाड, विजय कुमार, गंगाशरण, सेवाराम आर्य, अजय त्यागी, ब्रह्मप्रकाश त्यागी, अरुण त्यागी, कविराज त्यागी आदि श्रद्धालुओं ने यज्ञ में आहुति दी।
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