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परिजनों का हंगामा, हाईवे पर जाम

Mon, 31 Jul 2017 12:18 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बागपत
ब्यूरो/अमर उजाला, बागपत Updated Mon, 31 Jul 2017 12:18 AM IST
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The ruckus of the family, jammed on the highway
पोस्टमार्टम हाउस पर विलाप करते शिक्षक के परिजन। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
रमाला के दलित शिक्षक अरविंद कुमार की हत्या के मामले में पीड़ित परिवार ने कहा जिन लोगों पर शक है, पुलिस उन्हें गिरफ्तार नहीं कर रही है। यदि पुलिस उसके साथ रहे शिक्षक से सख्ती से पूछताछ करें तो केस का खुलासा हो जाएगा। नाराज ग्रामीणों ने कलक्ट्रेट के सामने दिल्ली-सहारनपुर हाईवे पर हंगामा किया। पुलिस ने उन्हें समझा-बुझाकर शांत किया। 
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रमाला निवासी मृतक शिक्षक की भाभी रेखा ने बताया उसका देवर अरविंद मुकंदपुर गांव के प्राथमिक विद्यालय नंबर दो में पढ़ाते थे। उन्होंने कहा गांव के प्रधान का भाई उनसे अपनी मर्जी के अनुसार कार्य कराना चाहता था। इसके लिए अरविंद तैयार नहीं था। इस बात को लेकर उनका विवाद हो गया था। आरोपी ने अरविंद को जान से मारने की धमकी दी थी। यह जानकारी अरविंद ने घर में भी दी थी। 
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प्रधान के भाई पर आरोप लगाया। इसकी अरविंद के साथी शिक्षक विकास को पूरी जानकारी है। विकास पर बार-बार बयान बदलने का आरोप लगाया। पीड़ित परिवार ने कलक्ट्रेट के पास जिला अस्पताल को जाने वाले रास्ते पर जाम लगाकर प्रदर्शन किया। इस मौके पर परिजन और काफी ग्रामीण मौजूद रहे। उधर, रमाला थानाध्यक्ष शरद तिलारा ने कहा शिक्षक हत्याकांड की जांच चल रही है। कई अहम जानकारी मिली है। जल्द ही केस का खुलासा होगा।
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उधर, उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला महामंत्री राज कुमार शर्मा के आवास पर प्राथमिक शिक्षक संघ और जूनियर शिक्षक संघ की संयुक्त बैठक हुई। वक्ताओं ने कहा शिक्षक समाज में इसका रोष है। विकास मलिक और राकेश यादव ने कहा यदि तीन दिन में शिक्षक अरविंद हत्याकांड का खुलासा नहीं होता है तो सभी विद्यालयों में तालाबंदी कर आंदोलन शुरू किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि पुलिस ने इस मामले में लापरवाही दिखाई तो अनिश्चितकालीन धरना देने के लिए शिक्षक समाज बाध्य होगा। मृतक के परिजनों को 50 लाख रुपये का मुआवजा देने की मांग की। इसमें हरपाल सिंह, योगेश शर्मा, मनोज कुमार, ईश्वर पाल, प्रदीप शर्मा, लोकेश शर्मा, मौजीराम, संजीव कौशिक, रूपेश चौधरी, भीष्म पाल, रविंद्र कुमार, जयवीर सिंह आदि रहे। 

थाने में बेहोश होकर गिरी अरविंद की बहन 
बागपत। शिक्षक अरविंद कुमार के परिजन पोस्टमार्टम हाउस पर पहुंच गए थे। वहां देरी से पोस्टमार्टम होने पर भड़क गए थे। इस दौरान कई लड़कों ने तो पोस्टमार्टम हाउस की दीवार पर चढ़ने का भी प्रयास किया था। बाद में महिला और पुरुष रमाला थाने में पहुंचे और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की। मृतक की बहन बेहोश होकर गिर रही थी। 


पांच माह पहले प्रधान ने की थी मारपीट
शिक्षक की भाभी रेखा ने बताया मुकंदपुर गांव के प्रधान के भाई ने पांच माह पहले स्कूल में ही अरविंद के साथ मारपीट की थी। उसके सिर के बाल पकड़कर भी खींचे थे, इस मामले की भी जांच होनी चाहिए।

नमस्ते न करने पर शिक्षिका रखती थी ईर्ष्या 
हंगामे के दौरान यह भी आरोप लगाया कि स्कूल की एक शिक्षिका नमस्ते न करने पर अरविंद से ईर्ष्या रखती थी। उसके साथ अभद्रता करती थी। 
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