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साहब...गेहूं, सरसों और गन्ने का इंतजाम कर दीजिए

Mon, 13 Apr 2020 10:33 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Mon, 13 Apr 2020 10:33 PM IST
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Sir ... arrange wheat, mustard and sugarcane
बड़ौत के औसिक्का गांव में सुनसान पड़ी गलियां व घर - फोटो : BARAUT
बड़ौत (बागपत)। हमेशा गुलजार रहने वाली औसिक्का की गलियों में सन्नाटा पसरा है। हर घर में बेचैनी है। सबके अपने सवाल हैं और सबकी अपनी पीड़ा। सबसे ज्यादा मजबूर हैं किसान। वजह है गेहूं और सरसों की फसल पककर तैयार खड़ी है, जबकि गन्ने का सीजन हाथ से फिसला जा रहा है। क्या इंतजाम होगा और फसल किस तरह घर तक आएगी, इसका जवाब किसी के पास नहीं है। गांव के हर रास्ते पर बैरियर है। किसान और मजदूर खेत तक जाएं तो कैसे। बुजुर्ग बताते हैं कि अपने ही गांव में ऐसे हालात तो कभी न थे।
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किसान शान मोहम्मद ( 65) और मेहरबान (70) का कहना है कि खेतों में गेंहू की फसल पक चुकी है, जिससे पूरे साल परिवार का खर्च चलता है। लेकिन अनुमति न मिलने के कारण फसलों को नहीं काट पा रहे है। इससे पशुओं के लिए चारे का संकट भी खड़ा हो गया है। अरशद, खलील और शाकिर का कहना है कि गांव सीलबंद होने के कारण घर पर जो पूंजी जमा थी, वह अब खर्च हो चुकी है। मेहनत कर परिवार का खर्च चलाते थे, इस समय पूरा परिवार भुखमरी की कगार पर हैं।
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छह टीमें गठित, सर्वे कार्य जारी
बड़ौत। डीएम शकुंतला गौतम ने बताया कि बिहार के दो जमाती जांच में पॉजिटिव पाए गए हैं। इन लोगों किन-किन ग्रामीणों से संपर्क रहा, इसके लिए छह टीमें गांव में सर्वे कर रही हैं। 43 लोगों को क्वारंटीन किया गया है। गेहूं काटने के सवाल पर उन्होंने बताया कि खेती के कार्य में रुकावट नहीं आ रही है। जो गांव सील हुए है, उनका सर्वे कर खेती के कार्य की अनुमति मिलेगी।
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चस्पा किए पोस्टर
बड़ौत। गांव के धार्मिक स्थल में ठहरे दो जमातियों के कोरोना पॉजिटिव पाए जाने के बाद गांव को सील किया गया है। जो लोग जमातियों के संपर्क में थे, उन्हें क्वारंटीन कर दिया गया है। एसपी प्रताप गोपिंद्र यादव ने कहा कि जो बिहार के जमाती पॉजिटिव मिले थे, उनके पोस्टर चस्पा किए गए हैं और सोशल मीडिया पर भी पोस्ट किया गया, ताकि जिन लोगों ने इसका संपर्क हुआ है, वे जानकारी दे सकें।
दूध, सब्जी और राशन भी भरपूर नहीं
बड़ौत। दो दिन बीत जाने के बाद भी दूध, सब्जी व राशन की कोई व्यवस्था नहीं की गई है। मोहल्लों में लोगों की जरूरतों को पूरा करने में प्रशासन नाकाम साबित हो रही है।

ऐसा सख्त है पहरा
बड़ौत। यहां पर दो इंस्पेक्टर, छह एसआई, आठ हेड कांस्टेबल, पीएसी, 22 कांस्टेबल व 20 होमगार्ड की ड्यूटी लगाई गई है। इसके अलावा यहां 20 अवरोधक लगाए गए हैं।
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