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Baghpat News: महरमपुर गांव के कुलदीप के हत्यारे रिंकू को आजीवन कारावास
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बागपत। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश एफटीसी द्वितीय नीलू मैनवाल ने महरमपुर गांव के कुलदीप के हत्यारे रिंकू उर्फ हरेंद्र को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। उस पर 30 हजार रुपये अर्थदंड लगाया गया, जिसे अदा नहीं करने पर एक साल की सजा बढ़ाई जाएगी। इसमें चार लोगों को साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त किया गया।
महरमपुर गांव निवासी सोनू ने 13 मई 2020 को खेकड़ा कोतवाली में अपने भाई कुलदीप की हत्या की प्राथमिकी दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि वह शाम करीब छह बजे अपने भाई कुलदीप के साथ खेत से गांव की तरफ आ रहा था। जैसे ही वे गांव के बाहर पुल पर पहुंचे तो वहां पर लीलू उर्फ धर्मपाल, रिंकू, उसके भाई गौरव, सौरभ और फिरे ने गाली-गलौज करते हुए झगड़ा शुरू कर दिया। उन्होंने विरोध किया तो लीलू और उसके बेटे रिंकू ने तमंचे, पिस्टल से कुलदीप के सिर और सीने में गोली मार दी।
गोली लगते ही उसका भाई जमीन पर गिर गया। वह उठाकर टटीरी के निजी अस्पताल में ले गया, जहां चिकित्सक ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने पांचों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया और जांच के बाद न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल कर दिया। इस मामले की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायालय एफटीसी द्वितीय में चल रही थी।
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दो दिन पहले सुनवाई पूरी होने पर न्यायाधीश नीलू मैनवाल ने रिंकू उर्फ हरेंद्र पर दोषसिद्ध कर दिया, जबकि लीलू उर्फ धर्मपाल, गौरव, सौरभ और फिरे को दोषमुक्त कर दिया। इस मामले में बुधवार को सजा पर सुनवाई हुई। न्यायाधीश नीलू मैनवाल ने रिंकू को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 30 हजार रुपये अर्थदंड लगाया।
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महरमपुर गांव निवासी सोनू ने 13 मई 2020 को खेकड़ा कोतवाली में अपने भाई कुलदीप की हत्या की प्राथमिकी दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि वह शाम करीब छह बजे अपने भाई कुलदीप के साथ खेत से गांव की तरफ आ रहा था। जैसे ही वे गांव के बाहर पुल पर पहुंचे तो वहां पर लीलू उर्फ धर्मपाल, रिंकू, उसके भाई गौरव, सौरभ और फिरे ने गाली-गलौज करते हुए झगड़ा शुरू कर दिया। उन्होंने विरोध किया तो लीलू और उसके बेटे रिंकू ने तमंचे, पिस्टल से कुलदीप के सिर और सीने में गोली मार दी।
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गोली लगते ही उसका भाई जमीन पर गिर गया। वह उठाकर टटीरी के निजी अस्पताल में ले गया, जहां चिकित्सक ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने पांचों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया और जांच के बाद न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल कर दिया। इस मामले की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायालय एफटीसी द्वितीय में चल रही थी।
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दो दिन पहले सुनवाई पूरी होने पर न्यायाधीश नीलू मैनवाल ने रिंकू उर्फ हरेंद्र पर दोषसिद्ध कर दिया, जबकि लीलू उर्फ धर्मपाल, गौरव, सौरभ और फिरे को दोषमुक्त कर दिया। इस मामले में बुधवार को सजा पर सुनवाई हुई। न्यायाधीश नीलू मैनवाल ने रिंकू को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 30 हजार रुपये अर्थदंड लगाया।