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Baghpat News: सम्यक दर्शन, ज्ञान, चरित्र ही मोक्ष का मार्ग
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फोटो संख्या 4
बिनौली। बरनावा के श्री चंद्रप्रभु दिगंबर जैन मंदिर में चल रहे 41 दिवसीय शांति विधान में सोमवार को श्रद्धालुओं ने भक्तिभाव के साथ 120 अर्घ्य समर्पित कर भगवान चंद्रप्रभु की पूजा अर्चना की।
विधान में पंडित प्रदीप, पीयूष, जयकुमार जैन ने कहा कि सम्यक दर्शन, ज्ञान, चरित्र ही मोक्ष का मार्ग है। सम्यक दर्शन अर्थात धर्म को जानना, सम्यक ज्ञान अर्थात धर्म को मानना और सम्यक चरित्र अर्थात जाने माने हुए धर्म मार्ग की ओर बढ़ना। तीनों के समावेश के बाद व्यक्ति को निश्चित ही मोक्ष का मार्ग प्रशस्त हो जाता है। उन्होंने कहा देव गुरु व धर्म के प्रति सच्ची श्रद्धा रखनी चाहिए। जिस प्रकार शरीर को पानी की आवश्यकता होती है, उसी प्रकार आत्मा को परमात्मा की आवश्यकता होती है। शांतिधारा संजय जैन ने की। विधान में राजकुमार जैन, आशा जैन, बादामी जैन, सुनीता जैन, ललित जैन आदि शामिल रहे।
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बिनौली। बरनावा के श्री चंद्रप्रभु दिगंबर जैन मंदिर में चल रहे 41 दिवसीय शांति विधान में सोमवार को श्रद्धालुओं ने भक्तिभाव के साथ 120 अर्घ्य समर्पित कर भगवान चंद्रप्रभु की पूजा अर्चना की।
विधान में पंडित प्रदीप, पीयूष, जयकुमार जैन ने कहा कि सम्यक दर्शन, ज्ञान, चरित्र ही मोक्ष का मार्ग है। सम्यक दर्शन अर्थात धर्म को जानना, सम्यक ज्ञान अर्थात धर्म को मानना और सम्यक चरित्र अर्थात जाने माने हुए धर्म मार्ग की ओर बढ़ना। तीनों के समावेश के बाद व्यक्ति को निश्चित ही मोक्ष का मार्ग प्रशस्त हो जाता है। उन्होंने कहा देव गुरु व धर्म के प्रति सच्ची श्रद्धा रखनी चाहिए। जिस प्रकार शरीर को पानी की आवश्यकता होती है, उसी प्रकार आत्मा को परमात्मा की आवश्यकता होती है। शांतिधारा संजय जैन ने की। विधान में राजकुमार जैन, आशा जैन, बादामी जैन, सुनीता जैन, ललित जैन आदि शामिल रहे।
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