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समय पर बोए धान की नर्सरी, अच्छी होगी पैदावार
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बड़ौत। गेहूं की फसल कटने के बाद खाली खेतों में अब किसान धान की फसल की तैयारियों में लग गए हैं। एक माह बाद यानी जून के तीसरे सप्ताह से धान की रोपाई शुुरू हो जाएगी। समय से नर्सरी तैयार करने पर ही अच्छी पैदावार होगी। ऐसे में धान उत्पादक किसानों को एडीओ कृषि रक्षा अधिकारी ने टिप्स दिए।
धान की रोग रहित नर्सरी की तैयारी
- धान की नर्सरी की तैयारी करने के लिए हल्की एवं उर्वर भूमि को चुनते हैं। जिससे पौधों का विकास अच्छी प्रकार से हो सके। रोपाई के लिए उखाड़ते समय जड़ें कम क्षतिग्रस्त होती हैं। रोपाई करने से 20 से 25 दिन पहले नर्सरी तैयार करना चाहिए।
बीज शोधन
- नर्सरी डालने से पूर्व बीज शोधन अवश्य कर लें। जीवाणु झुलसा या जीवाणु धारी रोग की समस्या होने पर 25 किलोग्राम बीज के लिए 4 ग्राम स्ट्रेप्टोमाइसीन सल्फेट या 40 ग्राम प्लांटोमाइसीन को मिलाकर पानी में रात भर भिगो दें। दूसरे दिन छाया में सुखाकर नर्सरी डालें।
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बड़ौत। एक हेक्टेयर क्षेत्रफल की रोपाई के लिए 700-800 वर्ग मीटर क्षेत्रफल में महीन धान का 30 किलोग्राम मध्यम धान का 35 किलोग्राम, मोटे धान का 40 किलाग्राम तथा संकर धान (हाईब्रिड) 15 से 20 किलोग्राम बीज पौध तैयार करने के लिए पर्याप्त होता है। एक हेक्टेयर नर्सरी से लगभग 15 हेक्टेयर क्षेत्रफल की रोपाई होती है। समय से नर्सरी में बीज डालें। ट्राइकोडर्मा का एक छिड़काव नर्सरी लगने के 10 दिन के अंदर कर देना चाहिए।
उचित गहराई व दूरी पर रोपाई
बड़ौत। पौध की रोपाई 3 से 4 सेंटीमीटर गहराई पर करनी चाहिए। एक स्थान पर दो से तीन पौध लगाने चाहिए। रोपाई में देर हो जाने पर एक स्थान पर तीन से चार पौधे लगाना उचित होगा। साथ ही पंक्तियों से पंक्तियों की दूरी 5 सेंटीमीटर होनी चाहिए।
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धान की रोग रहित नर्सरी की तैयारी
- धान की नर्सरी की तैयारी करने के लिए हल्की एवं उर्वर भूमि को चुनते हैं। जिससे पौधों का विकास अच्छी प्रकार से हो सके। रोपाई के लिए उखाड़ते समय जड़ें कम क्षतिग्रस्त होती हैं। रोपाई करने से 20 से 25 दिन पहले नर्सरी तैयार करना चाहिए।
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बीज शोधन
- नर्सरी डालने से पूर्व बीज शोधन अवश्य कर लें। जीवाणु झुलसा या जीवाणु धारी रोग की समस्या होने पर 25 किलोग्राम बीज के लिए 4 ग्राम स्ट्रेप्टोमाइसीन सल्फेट या 40 ग्राम प्लांटोमाइसीन को मिलाकर पानी में रात भर भिगो दें। दूसरे दिन छाया में सुखाकर नर्सरी डालें।
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बड़ौत। एक हेक्टेयर क्षेत्रफल की रोपाई के लिए 700-800 वर्ग मीटर क्षेत्रफल में महीन धान का 30 किलोग्राम मध्यम धान का 35 किलोग्राम, मोटे धान का 40 किलाग्राम तथा संकर धान (हाईब्रिड) 15 से 20 किलोग्राम बीज पौध तैयार करने के लिए पर्याप्त होता है। एक हेक्टेयर नर्सरी से लगभग 15 हेक्टेयर क्षेत्रफल की रोपाई होती है। समय से नर्सरी में बीज डालें। ट्राइकोडर्मा का एक छिड़काव नर्सरी लगने के 10 दिन के अंदर कर देना चाहिए।
उचित गहराई व दूरी पर रोपाई
बड़ौत। पौध की रोपाई 3 से 4 सेंटीमीटर गहराई पर करनी चाहिए। एक स्थान पर दो से तीन पौध लगाने चाहिए। रोपाई में देर हो जाने पर एक स्थान पर तीन से चार पौधे लगाना उचित होगा। साथ ही पंक्तियों से पंक्तियों की दूरी 5 सेंटीमीटर होनी चाहिए।