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खंडहर में तब्दील हो गया नांगल का शहीद मेजर रणवीर सिंह अस्पताल

Tue, 28 Sep 2021 10:33 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Tue, 28 Sep 2021 10:33 PM IST
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Martyr Major Ranveer Singh Hospital ruined
नांगल गांव में खंडहर बना शहीद मेजर रणवीर सिंह हॉस्पिटल - फोटो : BAGHPAT
40 साल से अस्पताल में नहीं हुई चिकित्सकों की तैनाती
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उपचार के लिए छपरौली और बड़ौत लगानी पड़ती है दौड़
छपरौली। नांगल गांव में 1965 के युद्ध के शहीद हुए मेजर रणवीर सिंह के नाम पर बनाया अस्पताल खंडहर में तब्दील हो गया है। अस्पताल में पिछले 40 वर्षों से चिकित्सकों की तैनाती नहीं हुई है। गांव के अतिरिक्त क्षेत्र के लोगों को उपचार के लिए छपरौली और बड़ौत की दौड़ लगानी पड़ती है। ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन की लापरवाही के कारण अस्पताल की बिल्डिंग खंडहर हो गई है। उन्होंने गांव में ही उपचार की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए अस्पताल को फिर से शुरू कराने की मांग की है।
नांगल गांव में शहीद रणवीर सिंह की याद में डिस्ट्रिक्ट बोर्ड के अधीन अस्पताल का निर्माण कराया गया था। अस्पताल का शिलान्यास 1969 में पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी स्वर्गीय चरण सिंह की धर्मपत्नी गायत्री देवी ने किया था। अस्पताल में ग्रामीणों को निशुल्क उपचार की सुविधा मिलती थी। ग्रामीणों के अनुसार लगभग 15 साल तक अस्पताल में उपचार दिया गया, मगर बाद में चिकित्सकों की तैनाती न होने व रखरखाव के अभाव में अस्पताल की बिल्डिंग खंडहर हो गई।
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मेजर रणवीर सिंह के भाई गजेंद्र सिंह ने बताया कि प्रशासनिक लापरवाही के कारण अस्पताल बंद हो गया। उन्होंने अस्पताल को फिर से शुरू कराने के लिए चिकित्सकों की तैनाती कराने की मांग की है। ग्रामीण मलूक सिंह ने बताया कि गांव के अस्पताल में लोगों को निशुल्क चिकित्सा सुविधा का लाभ मिलता था। अब उन्हें छपरौली और बड़ौत दौड़ लगानी पड़ रही है। उन्होंने अस्पताल शुरू कराने की मांग की है।
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राजपाल सिंह ने का कहना है कि अस्पताल शुरू होने पर तिलवाड़ा के हरदेवा वैद्य और हजूराबाद गढ़ी के डॉ. इंद्रपाल सिंह की तैनाती हुई थी। उनके बाद अस्पताल में चिकित्सकों तैनात नहीं किए। पूर्व प्रधान अर्जुन सिंह ने बताया कि अस्पताल संचालन के लिए डिस्ट्रिक्ट कोर्ट से बीएएमएस चिकित्सकों की तैनाती की गई थी। चार दशक से अस्पताल में चिकित्सक नहीं होने से सेवा नहीं मिल रही है। ग्रामीण कंवरपाल, प्रवेंद्र, योगेंद्र सिंह, ओमपाल सिंह, संजीव चौधरी, प्रदीप कुमार, संजीव दूहूण व जयवीर सिंह ने शासन से अस्पताल में स्टाफ की नियुक्ति कराने की मांग की है।
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