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कोतवाली इंस्पेक्टर पर तहरीर बदलवाने और मुकदमा दर्ज नहीं करने का आरोप
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कोर्ट रोड पर घर में घुसकर हमला व छेड़छाड़ करने का मामला, पिटाई से गर्भ में बच्चा भी मरा
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। घर में घुस हमला करने और गर्भवती के पेट पर लात मारने के मामले में कोतवाली के इंस्पेक्टर पर तहरीर बदलने और रिपोर्ट दर्ज नहीं करने का आरोप लगाया गया है। पीड़ित से एसपी से मामले की जांच की मांग की है।
नगर में कोर्ट रोड पर गली नंबर दो में रहने वाले यामीन ने बताया कि 15 मार्च को उसके बेटे कामिल से काली मंदिर के पास तीन युवकों ने सिलोचन मांगी। उसने सिलोचन नहीं दिया तो उसके साथ गाली-गलौच करते हुए मारपीट की। लोगों ने उसे बचाते हुए मामला शांत करा दिया था। इसके बाद तीनों उनके घर पहुंचे और कामिल के बारे में पूछने लगे। कामिल के वहां नहीं होने पर आरोपियों ने उस पर पर हमला कर दिया तो परिवार की महिलाओं के साथ अश्लील हरकत की गई। इसके साथ ही एक गर्भवती महिला के पेट पर लात मारी, जिससे बच्चा गर्भ में मर गया। पड़ोसियों के आने पर आरोपी भाग गए। आरोप है कि उसी दिन से डाक्टरी कराकर कोतवाली में तहरीर दी हुई है, लेकिन उसपर मुकदमा दर्ज नहीं किया। वह रविवार को कोतवाली में गए तो पुलिस कर्मी ने उनकी तहरीर बदलकर दूसरी तहरीर लिखी और उसे इंस्पेक्टर के सामने रख दिया। आरोप है कि इंस्पेक्टर ने कहा कि पुलिस कर्मी की लिखी हुई तहरीर पर हस्ताक्षर कर दे, जिससे उसके आधार पर मुकदमा दर्ज कराया जा सके। पीड़ितों ने उसपर हस्ताक्षर करने से इंकार कर दिया तो उनको वहां से भगा दिया गया। इस मामले में पीड़ित परिवार सोमवार को एसपी से मिलकर इंस्पेक्टर की शिकायत करेगा।
इस तरह से तहरीर बदलना पूरी तरह से गलत है। इस मामले को दिखवाया जाएगा। जिसने भी ऐसा किया है, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। अनुज मिश्रा, सीओ बागपत
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बागपत। घर में घुस हमला करने और गर्भवती के पेट पर लात मारने के मामले में कोतवाली के इंस्पेक्टर पर तहरीर बदलने और रिपोर्ट दर्ज नहीं करने का आरोप लगाया गया है। पीड़ित से एसपी से मामले की जांच की मांग की है।
नगर में कोर्ट रोड पर गली नंबर दो में रहने वाले यामीन ने बताया कि 15 मार्च को उसके बेटे कामिल से काली मंदिर के पास तीन युवकों ने सिलोचन मांगी। उसने सिलोचन नहीं दिया तो उसके साथ गाली-गलौच करते हुए मारपीट की। लोगों ने उसे बचाते हुए मामला शांत करा दिया था। इसके बाद तीनों उनके घर पहुंचे और कामिल के बारे में पूछने लगे। कामिल के वहां नहीं होने पर आरोपियों ने उस पर पर हमला कर दिया तो परिवार की महिलाओं के साथ अश्लील हरकत की गई। इसके साथ ही एक गर्भवती महिला के पेट पर लात मारी, जिससे बच्चा गर्भ में मर गया। पड़ोसियों के आने पर आरोपी भाग गए। आरोप है कि उसी दिन से डाक्टरी कराकर कोतवाली में तहरीर दी हुई है, लेकिन उसपर मुकदमा दर्ज नहीं किया। वह रविवार को कोतवाली में गए तो पुलिस कर्मी ने उनकी तहरीर बदलकर दूसरी तहरीर लिखी और उसे इंस्पेक्टर के सामने रख दिया। आरोप है कि इंस्पेक्टर ने कहा कि पुलिस कर्मी की लिखी हुई तहरीर पर हस्ताक्षर कर दे, जिससे उसके आधार पर मुकदमा दर्ज कराया जा सके। पीड़ितों ने उसपर हस्ताक्षर करने से इंकार कर दिया तो उनको वहां से भगा दिया गया। इस मामले में पीड़ित परिवार सोमवार को एसपी से मिलकर इंस्पेक्टर की शिकायत करेगा।
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इस तरह से तहरीर बदलना पूरी तरह से गलत है। इस मामले को दिखवाया जाएगा। जिसने भी ऐसा किया है, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। अनुज मिश्रा, सीओ बागपत