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इंद्रपाल हत्याकांड: सतेंद्र सोलंकी का पैतृक गांव में स्वागत, हाईकोर्ट ने किया था बरी, काट रहे थे सजा

Sun, 02 Jul 2023 03:47 PM IST
कपिल kapil संवाद न्यूज एजेंसी, बागपत
संवाद न्यूज एजेंसी, बागपत Published by: कपिल kapil Updated Sun, 02 Jul 2023 03:47 PM IST
सार

इंद्रपाल हत्याकांड: जेल से रिहा होने के बाद रविवार को पैतृक गांव पहुंचे सतेंद्र सोलंकी का स्वागत किया गया। इंद्रपाल ढाका हत्याकांड में सतेंद्र सोलंकी उम्रकैद की सजा काट रहे थे। हाल ही में हाईकोर्ट ने उन्हें बरी किया था।

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Indrapal murder: Satendra Solanki was welcomed in his native village, acquitted of life imprisonment by Court
पैतृक गांव पहुंचे सतेंद्र सोलंकी। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

पूर्व विधायक सतेंद्र सोलंकी जेल से रिहा होने के बाद रविवार को अपने गांव जीवाना गुलियान पहुंचे। इस दौरान ग्रामीणों व परिवार के सदस्यों ने स्वागत किया। बताया गया कि सतेंद्र सोलंकी इंद्रपाल ढाका हत्याकांड में जेल में उम्रकैद की सजा काट रहे थे। दिल्ली में कोर्ट ने तीन दिन पहले ही उन्हें इस केस में बरी किया है।

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तिहाड़ जेल में बंद थे सतेंद्र सोलंकी
इंद्रपाल ढाका की हत्या के मामले में करीब तीन साल से उम्र कैद की सजा होने के बाद तिहाड़ जेल में बंद पूर्व विधायक सतेंद्र सोलंकी को हाईकोर्ट ने गत सोमवार को बरी कर दिया था। उनकी तिहाड़ जेल से रिहाई हो गई थी। जिसके बाद वे रविवार को अपने जिवाना गुलियान पहुंचे, जहां पर ग्रामीणों और परिवार के सदस्यों ने उनका स्वागत किया। 
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बता दें कि 1993 में मेरठ में हुई इंद्रपाल ढाका की हत्या के मामले में दिल्ली की पटियाला कोर्ट ने बरनावा से विधायक रहे मूलरूप से जिवाना गुलियान गांव निवासी सतेंद्र सोलंकी को उम्र कैद की सजा सुनाई थी। सतेंद्र सोलंकी ने इस सजा के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट में अपील दायर की थी। तब से मामले की सुनवाई चल रही थी। गत सोमवार यानी 26 जून को दिल्ली हाईकोर्ट ने उन्हें हत्या के मामले से दोषमुक्त कर दिया। उनके दोषमुक्त होने के बाद उनके समर्थकों में काफी खुशी छा गई। इस हत्या के मामले में पूर्व विधायक के भाई पूर्व ब्लाक प्रमुख हरेंद्र सोलंकी को भी नामजद किया गया था। उनकी तिहाड़ जेल में बीमारी के दौरान मौत हो गई थी। जिससे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट गया था। वहीं, सतेंद्र सोलंकी तिहाड़ जेल से रिहा होने के बाद दिल्ली स्थित अपने मकान पर चले गए थे। जिसके बाद वे रविवार को अपने गांव जिवाना गुलियान पहुंचे, जहां पर ग्रामीणों और परिवार के सदस्यों ने उनका स्वागत किया।
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हाईकोर्ट ने किया था बरी
26 साल पहले हुए इंद्रपाल ढाका हत्याकांड में उम्रकैद की सजा पाए पूर्व विधायक सतेंद्र सोलंकी को दिल्ली हाईकोर्ट ने बरी किया था। हत्याकांड में पूर्व विधायक सतेंद्र और उसके भाई हरेंद्र सोलंकी को मई 2019 में दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी। दोनों पर 20 हजार रुपये का जुर्माना और पीड़ित परिवार को 5-5 लाख रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया था। सतेंद्र सोलंकी के भाई हरेंद्र की मौत हो चुकी है।

गोलियां मारकर की थी हत्या
बागपत के ढिकोली गांव निवासी इंद्रपाल ढाका की 24 जून 1997 को मेरठ में जेल चुंगी के पास गोलियां मारकर हत्या कर दी गई थी। घटना में घायल हुए अशोक ने शपथ पत्र दिया था कि हत्याकांड को पूर्व विधायक सतेंद्र सोलंकी और उनके भाई हरेंद्र उर्फ बिल्लू सोलंकी ने संपत्ति विवाद के चलते अंजाम दिया था। पुलिस ने हरेंद्र को गिरफ्तार किया था, जबकि सत्येंद्र सोलंकी ने न्यायालय में आत्मसमर्पण किया था।

पीड़ित पक्ष के अधिवक्ता और मृतक के भाई अमरपाल ढाका ने मामले की सुनवाई किसी अन्य राज्य में कराए जाने के लिए सुप्रीम कोर्ट में गुहार लगाई थी। उनका कहना था कि सतेंद्र सोलंकी विधायक रह चुके हैं, उनकी अपनी मजबूत पकड़ है। सुप्रीम कोर्ट ने मामले की सुनवाई मेरठ से पटियाला हाउस दिल्ली के लिए ट्रांसफर कर दी थी। मई 2019 में पटियाला हाउस कोर्ट ने सतेंद्र सोलंकी को दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी।

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मुकदमे की सुनवाई के दौरान हरेंद्र सोलंकी की तिहाड़ जेल में मृत्यु हो गई थी। उम्रकैद की सजा को सतेंद्र सोलंकी ने उच्च न्यायालय दिल्ली में चुनौती दी थी। हाईकोर्ट ने मामले की सुनवाई करते हुए अवर न्यायालय द्वारा सुनाई गई उम्रकैद की सजा को निरस्त करते हुए सतेंद्र सोलंकी को बरी करने के आदेश दिए थे। सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता के. के. मेनन ने बताया था कि पूर्व विधायक सतेंद्र सोलंकी को हाईकोर्ट ने दोषमुक्त करार दिया था।

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