{"_id":"62853a7ad058e54d7265a795","slug":"if-the-arrears-of-sugarcane-is-not-paid-then-there-is-no-electricity-bill-baraut-news-mrt5891605165","type":"story","status":"publish","title_hn":"बकाया गन्ना भुगतान नहीं तो बिजली बिल नहीं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बकाया गन्ना भुगतान नहीं तो बिजली बिल नहीं
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
बड़ौत। मलकपुर गांव के शिव मंदिर में बकाया गन्ना भुगतान, बढ़ी विद्युत दरों को वापस लेने, आवारा पशुओं से निजात दिलाने सहित अन्य समस्याओं को लेकर पंचायत हुई। किसानों ने समस्याओं का निस्तारण न होने पर आक्रोश जताया। पंचायत में जल्द ही डीएम से मिलकर ज्ञापन सौंपने का निर्णय लिया गया।
पंचायत की अध्यक्षता करते हुए सुखपाल प्रधान ने बताया कि एक तो किसानों का चीनी मिलों पर करोड़ों रुपये बकाया है, ऊपर से विद्युत निगम बिजली बिल जमा करने का दबाव बना रहा है। किसानों के नलकूपों पर मीटर भी लगा रहा है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कहा कि जब तक बकाया गन्ना भुगतान नहीं होता, तब तक किसान बिजली का बिल नहीं देंगे। बबली तोमर ने कहा कि किसान परेशान है। आवारा पशु फसलों को नष्ट कर रहे है। पेट्रोल-डीजल, खाद व दवाइयों के रेट बढ़ गए है। किसान एक-एक पैसे का मोहताज बन गया है। पंचायत में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि इन तमाम समस्याओं का निस्तारण कराने के लिए जल्द ही डीएम को ज्ञापन सौंपा जाएगा। ज्ञापन सौंपने के सात दिनों के अंदर कार्रवाई न होने पर गांव-गांव बैठक और पंचायत कर आंदोलन शुरू करने की रणनीति तैयार की जाएगी। पंचायत में ओमपाल मास्टर, रविंद्र, राजीव, पंकज, रणधीर, जगवीर सिंह, संजू, सुखपाल, दीपक, प्रदीप शामिल रहे। पंचायत का संचालन रमेश मास्टर ने किया।
विज्ञापन
बड़ौत। मलकपुर गांव के शिव मंदिर में बकाया गन्ना भुगतान, बढ़ी विद्युत दरों को वापस लेने, आवारा पशुओं से निजात दिलाने सहित अन्य समस्याओं को लेकर पंचायत हुई। किसानों ने समस्याओं का निस्तारण न होने पर आक्रोश जताया। पंचायत में जल्द ही डीएम से मिलकर ज्ञापन सौंपने का निर्णय लिया गया।
पंचायत की अध्यक्षता करते हुए सुखपाल प्रधान ने बताया कि एक तो किसानों का चीनी मिलों पर करोड़ों रुपये बकाया है, ऊपर से विद्युत निगम बिजली बिल जमा करने का दबाव बना रहा है। किसानों के नलकूपों पर मीटर भी लगा रहा है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कहा कि जब तक बकाया गन्ना भुगतान नहीं होता, तब तक किसान बिजली का बिल नहीं देंगे। बबली तोमर ने कहा कि किसान परेशान है। आवारा पशु फसलों को नष्ट कर रहे है। पेट्रोल-डीजल, खाद व दवाइयों के रेट बढ़ गए है। किसान एक-एक पैसे का मोहताज बन गया है। पंचायत में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि इन तमाम समस्याओं का निस्तारण कराने के लिए जल्द ही डीएम को ज्ञापन सौंपा जाएगा। ज्ञापन सौंपने के सात दिनों के अंदर कार्रवाई न होने पर गांव-गांव बैठक और पंचायत कर आंदोलन शुरू करने की रणनीति तैयार की जाएगी। पंचायत में ओमपाल मास्टर, रविंद्र, राजीव, पंकज, रणधीर, जगवीर सिंह, संजू, सुखपाल, दीपक, प्रदीप शामिल रहे। पंचायत का संचालन रमेश मास्टर ने किया।
विज्ञापन