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Baghpat News: 70 फीसदी सहमति पत्र भरते ही जमीन अधिग्रहण शुरू करेगा यूपीसीडा
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रटौल। नए औद्योगिक क्षेत्र के लिए जमीन अधिग्रहण के लिए राजस्व और यूपीसीडा के अफसरों ने तीसरे दिन भी शिविर लगाकर किसान परिवारों से सहमति पत्र भरवाए। अब यूपीसीडा का लक्ष्य 70 फीसदी किसान परिवारों की सहमति लेना है। 70 फीसदी किसान परिवारों की सहमति मिलते ही नए औद्योगिक क्षेत्र के जमीन के अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
यूपीसीडा के अफसरों ने जिले में नए औद्योगिक क्षेत्र की स्थापना के लिए सरफाबाद, गोना, गढ़ी कलंजरी, भागोट, नवादा, फुलेरा और लहचौड़ा समेत 12 गांवों की दो हजार हेक्टेयर जमीन चिह्नित कर प्रस्ताव तैयार किया था। इसकी मंजूरी मिलने के बाद जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई। इसके लिए पहले चरण में 300 किसानों से सहमति पत्र भरवाए गए। सहमति पत्र में यूपीसीडा ने सर्किल रेट से चार गुना मुआवजा देने की बात कही। पहले चरण के दौरान कुछ किसानों ने मुआवजे को कम बताकर जमीन देने से इन्कार कर दिया और बाजार भाव से चार गुना मुआवजा देने की मांग की। इसको लेकर शासन तक मुआवजा बढ़ाने की मांग की गई। हालांकि अभी तक मुआवजा बढ़ाने के लिए शासन से कोई आदेश जारी नहीं हुआ।
तीन दिन पहले यूपीसीडा और राजस्व के अफसरों ने सहमति पत्र भरवाने के लिए दूसरा चरण शुरू किया। तीन दिन में अभी तक 500 किसान परिवार सहमति पत्र भरकर जमा कर चुके हैं। यूपीसीडा की मानें तो दो हजार हेक्टेयर जमीन के अधिग्रहण के लिए 12 गांवों के 1800 से ज्यादा किसान परिवारों से सहमति पत्र भरवाए जाएंगे। साथ ही 70 फीसदी यानी 1400 परिवारों की सहमति मिलने पर रिपोर्ट बनाकर उच्चाधिकारियों को भेज दी जाएगी। साथ ही अधिग्रहण की प्रक्रिया भी शुरू कर दी जाएगी।
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दीपावली से पहले बांटा जा सकता है मुआवजा
यूपीसीडा के अफसरों की मानें तो सहमति पत्र भरने की प्रक्रिया जितनी जल्दी पूरी होगी, इतनी जल्दी ही मुआवजा बांटने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी जाएगी। अफसर इसी सप्ताह 70 फीसदी सहमति पत्र भरवाने की तैयारी में है ताकि जमीन का मुआवजा दीपावली पर्व से पहले ही बांटा जा सके।
वर्जन
-नए औद्योगिक क्षेत्र की जमीन के अधिग्रहण के लिए सहमति पत्र भरवाए जा रहे हैं। 70 फीसदी परिवारों की सहमति मिलने पर बाकी से सहमति लेने की जरूरत नहीं रहेगी। इसके बाद अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। उम्मीद है कि जल्द ही सहमति पत्र भरवाने की प्रक्रिया पूर्ण हो जाएगी। शासन से अगर मुआवजा बढ़ाया जाता है तो बढ़ा हुआ मुआवजा किसानों को दोबारा दिया जाएगा।
-उमेश चंद शुक्ला, अध्याप्ति एडीएम, यूपीसीडा
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यूपीसीडा के अफसरों ने जिले में नए औद्योगिक क्षेत्र की स्थापना के लिए सरफाबाद, गोना, गढ़ी कलंजरी, भागोट, नवादा, फुलेरा और लहचौड़ा समेत 12 गांवों की दो हजार हेक्टेयर जमीन चिह्नित कर प्रस्ताव तैयार किया था। इसकी मंजूरी मिलने के बाद जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई। इसके लिए पहले चरण में 300 किसानों से सहमति पत्र भरवाए गए। सहमति पत्र में यूपीसीडा ने सर्किल रेट से चार गुना मुआवजा देने की बात कही। पहले चरण के दौरान कुछ किसानों ने मुआवजे को कम बताकर जमीन देने से इन्कार कर दिया और बाजार भाव से चार गुना मुआवजा देने की मांग की। इसको लेकर शासन तक मुआवजा बढ़ाने की मांग की गई। हालांकि अभी तक मुआवजा बढ़ाने के लिए शासन से कोई आदेश जारी नहीं हुआ।
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तीन दिन पहले यूपीसीडा और राजस्व के अफसरों ने सहमति पत्र भरवाने के लिए दूसरा चरण शुरू किया। तीन दिन में अभी तक 500 किसान परिवार सहमति पत्र भरकर जमा कर चुके हैं। यूपीसीडा की मानें तो दो हजार हेक्टेयर जमीन के अधिग्रहण के लिए 12 गांवों के 1800 से ज्यादा किसान परिवारों से सहमति पत्र भरवाए जाएंगे। साथ ही 70 फीसदी यानी 1400 परिवारों की सहमति मिलने पर रिपोर्ट बनाकर उच्चाधिकारियों को भेज दी जाएगी। साथ ही अधिग्रहण की प्रक्रिया भी शुरू कर दी जाएगी।
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दीपावली से पहले बांटा जा सकता है मुआवजा
यूपीसीडा के अफसरों की मानें तो सहमति पत्र भरने की प्रक्रिया जितनी जल्दी पूरी होगी, इतनी जल्दी ही मुआवजा बांटने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी जाएगी। अफसर इसी सप्ताह 70 फीसदी सहमति पत्र भरवाने की तैयारी में है ताकि जमीन का मुआवजा दीपावली पर्व से पहले ही बांटा जा सके।
वर्जन
-नए औद्योगिक क्षेत्र की जमीन के अधिग्रहण के लिए सहमति पत्र भरवाए जा रहे हैं। 70 फीसदी परिवारों की सहमति मिलने पर बाकी से सहमति लेने की जरूरत नहीं रहेगी। इसके बाद अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। उम्मीद है कि जल्द ही सहमति पत्र भरवाने की प्रक्रिया पूर्ण हो जाएगी। शासन से अगर मुआवजा बढ़ाया जाता है तो बढ़ा हुआ मुआवजा किसानों को दोबारा दिया जाएगा।
-उमेश चंद शुक्ला, अध्याप्ति एडीएम, यूपीसीडा