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ऊर्जा निगम के 2.95 करोड़ दबाए बैठे प्राथमिक विद्यालय, प्रधान जमा करने की जगह विरोध में उतरे

Mon, 11 Oct 2021 11:48 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Mon, 11 Oct 2021 11:48 PM IST
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Energy Corporation's 2.95 crore primary schools are suppressed
बागपत। जिले के परिषदीय विद्यालय ऊर्जा निगम के दो करोड़ 95 लाख रुपये दबाए बैठे हैं। शासन ने ग्राम प्रधानों को 2018 के बाद का बकाया बिजली बिल भुगतान करने तथा इससे पूर्व का भुगतान बेसिक शिक्षा विभाग से कराने के निर्देश दिए हैं। उधर, ग्राम प्रधान स्कूलों के बिजली बिलों का भुगतान कराने का विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि स्कूलों के बिजली बिल जमा कराने के लिए अलग से बजट की व्यवस्था होनी चाहिए।
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बेसिक शिक्षा निदेशक ने परिषदीय विद्यालयों पर 2018 के बाद के बिजली बिल के बकाए का भुगतान ग्राम प्रधानों से कराने के निर्देश दिए हैं, जबकि इससे पूर्व के बकाए का भुगतान विभाग को करना होगा। जिले में बेसिक शिक्षा विभाग के 530 विद्यालय हैं। इनमें 332 प्राथमिक, 62 उच्च प्राथमिक और 136 कंपोजिट विद्यालय हैं। इन विद्यालयों में 70 हजार 370 छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं। जिले में बेसिक शिक्षा विभाग के विद्यालयों पर विद्युत के 2 करोड़ 95 लाख 36 हजार रुपये बकाया हैं। शासन ने विद्यालयों के 2018 के बाद के बकाए के भुगतान की जिम्मेदारी ग्राम प्रधानों को सौंपी है। स्कूलों के बकाए का भुगतान पंचम राज्य वित्त आयोग से किया जाएगा।
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अभी केवल 55 लाख रुपये बकाया
जिले के परिषदीय विद्यालयों पर ऊर्जा निगम के दो करोड़ 95 लाख 36 हजार रुपये बकाया हैं। इसमें से अभी तक केवल 55 लाख 27 हजार चार सौ 88 रुपये का बकाया जमा कराया गया है।
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प्रभावित होंगे विकास कार्य
अहमदपुर गठीना के ग्राम प्रधान नरेश का कहना है कि स्कूलों में बिजली के कनेक्शन विभाग की ओर से लिए गए हैं। बिजली का बिल जमा करने की जिम्मेदारी भी बेसिक शिक्षा विभाग की होनी चाहिए।
सिंघावली अहीर के ग्राम प्रधान सतपाल यादव का कहना है कि स्कूलों के बिल जमा करने पर गांव के विकास कार्य प्रभावित हो जाएंगे। स्कूलों का बिल जमा करने के लिए शासन को अलग से बजट का आवंटन करना चाहिए।
बिलोचपुरा के ग्राम प्रधान नासिर का कहना है कि ग्राम प्रधानों के पास गांव के विकास कार्यों के लिए ही राशि नहीं है। अब स्कूलों का बिल जमा करने की जिम्मेदारी ग्राम प्रधानों को दे दी गई। इससे गांव के विकास पर असर पडे़गा।
शासन के निर्देश पर ग्राम प्रधानों को स्कूलों के बिजली बिल जमा करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। कुछ ग्राम प्रधानों ने स्कूलों का बिल जमा भी कर दिया है।-डीपीआरओ बनवारी सिंह

परिषदीय विद्यालयों का वर्ष 2018 के बाद बिजली बिल के बकाए का भुगतान करने की जिम्मेदारी ग्राम प्रधानों को सौंपी है। 2018 से पूर्व के बकाए का भुगतान विभाग की ओर से कराया जाएगा।-अजय कुमार, कार्यवाहक बीएसए
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