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आधार लिंक कराने पर ही कर्ज माफी
ब्यूरो/अमर उजाला, बागपत
Updated Tue, 25 Jul 2017 12:36 AM IST
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कलक्ट्रेट में बैठक को संबोधित करते डीएम भवानी सिंह।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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डीएम भवानी सिंह खंगारौत ने कहा बैंक खाते से बगैर आधार लिंक कराए किसानों का फसली ऋण माफ नहीं होगा। किसानों की मैपिंग का कार्य चल रहा है। जल्द से जल्द इसे पूरा किया जाना है।
योजना की जिला स्तरीय बैठक में डीएम ने लघु और सीमांत किसानों के उन्नयन एवं सतत विकास के लिए फसली ऋण मोचन योजना की समीक्षा की। ऋण योजना से संबंधित कृषकों के आधार कार्ड एवं भूलेख से संबंधित डाटा तैयार रखें, जिससे एनआईसी को डाटा उपलब्ध होते ही कृषकों की ऋण माफी का कार्य प्रारंभ होगा।
जिले में 49366 किसानों के सापेक्ष 42166 मैपिंग हुए। इनमें अब तक 14564 आधार उपलब्ध हुए हैं। जिन किसानों ने आधार कार्ड अपने बैंक खाते से लिंक नहीं कराया है तो वह सरकार द्वारा दी योजना का लाभ नहीं ले सकेंगे।
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कर्ज माफी योजना के क्रियान्वयन में किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उत्पादकता में सुधार के लिए वैज्ञानिक तरीकों को अपना फसल की कटाई के बाद की हानियों को कम कराना, कौशल और अवस्थापना विकास, कृषि और खाद्य प्रसंस्करण के प्रोत्साहन की योजना चल रही है।
किसान के स्वामित्व की विभिन्न भूमि का कूल क्षेत्रफल लघु किसान हेतु दो हेक्टेयर और सीमांत किसान हेतु एक हेक्टेयर से अधिक नहीं होगा। पट्टे पर दी भूमि पर लिया गया फसली ऋण योजना के मानदंडों में शामिल है।
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योजना की जिला स्तरीय बैठक में डीएम ने लघु और सीमांत किसानों के उन्नयन एवं सतत विकास के लिए फसली ऋण मोचन योजना की समीक्षा की। ऋण योजना से संबंधित कृषकों के आधार कार्ड एवं भूलेख से संबंधित डाटा तैयार रखें, जिससे एनआईसी को डाटा उपलब्ध होते ही कृषकों की ऋण माफी का कार्य प्रारंभ होगा।
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जिले में 49366 किसानों के सापेक्ष 42166 मैपिंग हुए। इनमें अब तक 14564 आधार उपलब्ध हुए हैं। जिन किसानों ने आधार कार्ड अपने बैंक खाते से लिंक नहीं कराया है तो वह सरकार द्वारा दी योजना का लाभ नहीं ले सकेंगे।
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कर्ज माफी योजना के क्रियान्वयन में किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उत्पादकता में सुधार के लिए वैज्ञानिक तरीकों को अपना फसल की कटाई के बाद की हानियों को कम कराना, कौशल और अवस्थापना विकास, कृषि और खाद्य प्रसंस्करण के प्रोत्साहन की योजना चल रही है।
किसान के स्वामित्व की विभिन्न भूमि का कूल क्षेत्रफल लघु किसान हेतु दो हेक्टेयर और सीमांत किसान हेतु एक हेक्टेयर से अधिक नहीं होगा। पट्टे पर दी भूमि पर लिया गया फसली ऋण योजना के मानदंडों में शामिल है।