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शिक्षकों ने बुना टीईटी में गड़बड़ी का जाल
ब्यूरो/अमर उजाला, बागपत
Updated Mon, 16 Oct 2017 12:40 AM IST
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बागपत यमुना इंटर कालेज में परीक्षा देने पहुंचे अभ्यर्थियों को समझाते केंद्र व्यवस्थापक जयपाल शर्मा।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) में गड़बड़ी का जाल शिक्षकों ने ही बुना। बावली का विनय सहारनपुर के प्राइमरी स्कूल में हेडमास्टर है। जबकि बरेली का रविंद्र भी शिक्षक है और वर्तमान समय में नोएडा में रह रहा था।
सोनू के साथ मिलकर तीनों ने टीईटी पास कराने का झांसा देकर अभ्यर्थियों को जाल में फंसाया। एसटीएफ ने इस गिरोह की जड़ों को खंगालना शुरू कर दिया है। विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाएं लीक करा चुके अरविंद राणा गैंग से तार जुड़े हैं।
एसटीएफ मेरठ को इनपुट मिला अरविंद राणा के नजदीकी पेपर लीक कराने और दूसरे अभ्यर्थियों को परीक्षा में बैठाने का ठेका ले रखा है। सटीक सूचना पर सबसे पहले खेकड़ा में छापा मारकर बागपत के शाहनवाज और सरूरपुर कलां के सोनू उर्फ सोहन पाल शर्मा को गिरफ्तार किया।
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सोनू अपने गांव में प्राइवेट स्कूल का संचालन कर चुका हैं। इसके बाद जेवी इंटर कॉलेज बड़ौत से विनय बावली, रविंद्र बरेली और संजीव शामली को पकड़ा गया। एसटीएफ के सीओ ब्रिजेश कुमार ने बताया कि बावली का विनय सहारनपुर के शिमलाना स्थित एक स्कूल में हेड मास्टर है।
बरेली का रविंद्र इन दिनों नोएडा में रह रहा है, वह भी एक स्कूल में शिक्षक है। बागपत की माता कॉलोनी का रहने वाला शाहनवाज भी शिक्षा क्षेत्र से ही जुड़ा है। वह बच्चों को ट्यूशन कराता है।
एसटीएफ का कहना है कि गिरोह लंबे समय से सक्रिय है। विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में पास कराने का अभ्यर्थियों को झांसा देते हैं। बावली का विनय जिला पंचायत चुनाव लड़ चुका है और अरविंद राणा का करीबी हैं।
एसटीएफ सीओ ब्रिजेश कुमार ने बताया कि टीईटी पास कराने के लिए दो से पांच लाख रुपये में सेटिंग की जाती थी। वहीं, खेकड़ा के परीक्षा केंद्र में शाहनवाज परीक्षा में बैठ गया। प्रवेश पत्र पर फोटो धुंधला था।
केंद्र व्यवस्थापक डॉ. प्रशांत कुमार ने बताया कि ऑनलाइन भी उसका फार्म नहीं खुला। इस बीच एसटीएफ की टीम पहुंची। टीम के पास पहले से ही सारा रिकॉर्ड था। उन्होंने अमरोहा के रघु प्रताप की भी तलाश की, क्योंकि रघु की जगह ही शाहनवाज परीक्षा में बैठा हुआ था।
दो लाख की नगदी और फर्जी आईडी बरामद
बागपत। टीईटी में जालसाजी करते पकड़े गए बागपत और सहारनपुर के आरोपियों से पुलिस ने एक लाख की नगदी और कई फर्जी आईडी बरामद की है। सीओ ब्रिजेश कुमार ने बताया कि आरोपियों के पास से चार मोबाइल, एक फर्जी वोटर आईडी, तीन फर्जी आधार कार्ड, दूसरे छात्रों के शैक्षिक प्रमाण पत्र और करीब दो लाख रुपये की नगदी बरामद हुई है।
वेस्ट यूपी में फैला आरोपियों का जाल, तीन सरगना
बागपत। पकड़े गए आरोपी बागपत और मुजफ्फरनगर के रहने वाले हैं, लेकिन इनका जाल कई जिलों में फैला है। आरोपी शाहनवाज बागपत की माता कॉलोनी, सोहन पाल शर्मा सरूरपुर कलां, रविंद्र कुमार मूल निवासी पूठी बागपत, विनय कुमार बावली, संजीव निवासी शामली को बागपत से पकड़ा गया, जबकि सहारनपुर में पकड़ा गया आरोपी अनिल बालियान मुजफ्फरनगर के सिसौली का रहने वाला है। सीओ ने बताया कि गिरोह के तीन सरगना है। इनमें सोहनपाल शर्मा, विनय बावली और रविंद्र है।
कहां बने थे फर्जी आधार कार्ड
बागपत। प्रतियोगी परीक्षा के ऑनलाइन फार्म निकलते ही गैंग का काम शुरू हो जाता है। संबंधित अभ्यर्थियों के फार्म पर खराब फोटो अप लोड कराते हैं। इसके बाद जिस युवक को परीक्षा देनी होती है, उसका परीक्षार्थी के नाम से आधार कार्ड तैयार कराते और उसकी मार्कशीट या शैक्षिक प्रमाणपत्र ले लेते हैं।
सीओ ब्रिजेश कुमार ने बताया कि जिन परीक्षार्थियों ने ठेका दिया , उनकी तलाश पुलिस करेगी। यही नहीं जहां से फर्जी आधार कार्ड जहां तैयार कराए, उनकी जांच कराई जाएगी और मुकदमा दर्ज होगा।
बड़ौत और खेकड़ा में दर्ज हुए मुकदमे
बड़ौत। जनता वैदिक इंटर कॉलेज में पकड़े गए विनय पुत्र हरवीर निवासी बावली और रविंद्र पुत्र कृष्णपाल निवासी मोहनपुर सरीफपुर तहसील फरीदपुर जनपद बरेली के खिलाफ केंद्र व्यवस्थापक और प्रधानाचार्य यशपाल शास्त्री ने बड़ौत कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया है। उधर, खेकड़ा में जैन इंटर कॉलेज के केंद्र व्यवस्थापक डॉ प्रशांत कुमार ने शाहनवाज और सोनू उर्फ सोहन पाल शर्मा के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है।
विनय पर दर्ज हैं कई मुकदमे
बागपत। बावली के विनय पर दिल्ली और यूपी में कई मुकदमे दर्ज हैं। सीओ बड़ौत का कहना है जानकारी जुटाई जा रही है।
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सोनू के साथ मिलकर तीनों ने टीईटी पास कराने का झांसा देकर अभ्यर्थियों को जाल में फंसाया। एसटीएफ ने इस गिरोह की जड़ों को खंगालना शुरू कर दिया है। विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाएं लीक करा चुके अरविंद राणा गैंग से तार जुड़े हैं।
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एसटीएफ मेरठ को इनपुट मिला अरविंद राणा के नजदीकी पेपर लीक कराने और दूसरे अभ्यर्थियों को परीक्षा में बैठाने का ठेका ले रखा है। सटीक सूचना पर सबसे पहले खेकड़ा में छापा मारकर बागपत के शाहनवाज और सरूरपुर कलां के सोनू उर्फ सोहन पाल शर्मा को गिरफ्तार किया।
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सोनू अपने गांव में प्राइवेट स्कूल का संचालन कर चुका हैं। इसके बाद जेवी इंटर कॉलेज बड़ौत से विनय बावली, रविंद्र बरेली और संजीव शामली को पकड़ा गया। एसटीएफ के सीओ ब्रिजेश कुमार ने बताया कि बावली का विनय सहारनपुर के शिमलाना स्थित एक स्कूल में हेड मास्टर है।
बरेली का रविंद्र इन दिनों नोएडा में रह रहा है, वह भी एक स्कूल में शिक्षक है। बागपत की माता कॉलोनी का रहने वाला शाहनवाज भी शिक्षा क्षेत्र से ही जुड़ा है। वह बच्चों को ट्यूशन कराता है।
एसटीएफ का कहना है कि गिरोह लंबे समय से सक्रिय है। विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में पास कराने का अभ्यर्थियों को झांसा देते हैं। बावली का विनय जिला पंचायत चुनाव लड़ चुका है और अरविंद राणा का करीबी हैं।
एसटीएफ सीओ ब्रिजेश कुमार ने बताया कि टीईटी पास कराने के लिए दो से पांच लाख रुपये में सेटिंग की जाती थी। वहीं, खेकड़ा के परीक्षा केंद्र में शाहनवाज परीक्षा में बैठ गया। प्रवेश पत्र पर फोटो धुंधला था।
केंद्र व्यवस्थापक डॉ. प्रशांत कुमार ने बताया कि ऑनलाइन भी उसका फार्म नहीं खुला। इस बीच एसटीएफ की टीम पहुंची। टीम के पास पहले से ही सारा रिकॉर्ड था। उन्होंने अमरोहा के रघु प्रताप की भी तलाश की, क्योंकि रघु की जगह ही शाहनवाज परीक्षा में बैठा हुआ था।
दो लाख की नगदी और फर्जी आईडी बरामद
बागपत। टीईटी में जालसाजी करते पकड़े गए बागपत और सहारनपुर के आरोपियों से पुलिस ने एक लाख की नगदी और कई फर्जी आईडी बरामद की है। सीओ ब्रिजेश कुमार ने बताया कि आरोपियों के पास से चार मोबाइल, एक फर्जी वोटर आईडी, तीन फर्जी आधार कार्ड, दूसरे छात्रों के शैक्षिक प्रमाण पत्र और करीब दो लाख रुपये की नगदी बरामद हुई है।
वेस्ट यूपी में फैला आरोपियों का जाल, तीन सरगना
बागपत। पकड़े गए आरोपी बागपत और मुजफ्फरनगर के रहने वाले हैं, लेकिन इनका जाल कई जिलों में फैला है। आरोपी शाहनवाज बागपत की माता कॉलोनी, सोहन पाल शर्मा सरूरपुर कलां, रविंद्र कुमार मूल निवासी पूठी बागपत, विनय कुमार बावली, संजीव निवासी शामली को बागपत से पकड़ा गया, जबकि सहारनपुर में पकड़ा गया आरोपी अनिल बालियान मुजफ्फरनगर के सिसौली का रहने वाला है। सीओ ने बताया कि गिरोह के तीन सरगना है। इनमें सोहनपाल शर्मा, विनय बावली और रविंद्र है।
कहां बने थे फर्जी आधार कार्ड
बागपत। प्रतियोगी परीक्षा के ऑनलाइन फार्म निकलते ही गैंग का काम शुरू हो जाता है। संबंधित अभ्यर्थियों के फार्म पर खराब फोटो अप लोड कराते हैं। इसके बाद जिस युवक को परीक्षा देनी होती है, उसका परीक्षार्थी के नाम से आधार कार्ड तैयार कराते और उसकी मार्कशीट या शैक्षिक प्रमाणपत्र ले लेते हैं।
सीओ ब्रिजेश कुमार ने बताया कि जिन परीक्षार्थियों ने ठेका दिया , उनकी तलाश पुलिस करेगी। यही नहीं जहां से फर्जी आधार कार्ड जहां तैयार कराए, उनकी जांच कराई जाएगी और मुकदमा दर्ज होगा।
बड़ौत और खेकड़ा में दर्ज हुए मुकदमे
बड़ौत। जनता वैदिक इंटर कॉलेज में पकड़े गए विनय पुत्र हरवीर निवासी बावली और रविंद्र पुत्र कृष्णपाल निवासी मोहनपुर सरीफपुर तहसील फरीदपुर जनपद बरेली के खिलाफ केंद्र व्यवस्थापक और प्रधानाचार्य यशपाल शास्त्री ने बड़ौत कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया है। उधर, खेकड़ा में जैन इंटर कॉलेज के केंद्र व्यवस्थापक डॉ प्रशांत कुमार ने शाहनवाज और सोनू उर्फ सोहन पाल शर्मा के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है।
विनय पर दर्ज हैं कई मुकदमे
बागपत। बावली के विनय पर दिल्ली और यूपी में कई मुकदमे दर्ज हैं। सीओ बड़ौत का कहना है जानकारी जुटाई जा रही है।