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परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़, माहौल गमगीन

Thu, 04 Jan 2018 02:33 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बड़ौत
ब्यूरो/अमर उजाला, बड़ौत Updated Thu, 04 Jan 2018 02:33 AM IST
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sadness on the family, the atmosphere Inconsolable
सिपाही अंकित के घर के बाहर बैठे गमजदा परिजन। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
मुठभेड़ में घायल हुआ वाजिदपुर गांव का लाड़ला अंकित तोमर आखिरकार जिंदगी की जंग हार गया। गांव में माहौल गमगीन हो गया। उसके परिवारीजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव के लोगों की आंखें भी नम हो गई। ग्रामीण और रिश्तेदार परिवार को ढांढस बंधाने की कोशिश कर रहे हैं।
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शामली के जंधेड़ी गांव में जिस पुलिस टीम ने इनामी साबिर को मार गिराया, उसमें बागपत के वाजिदपुर का बेटा अंकित तोमर भी शामिल था। मुठभेड़ में अंकित गंभीर घायल हो गया था। बुुधवार  की रात में वह जिंदगी की जंग हार गया। रात करीब साढे़ दस बजे जैसे ही  अंकित की मौत का समाचार वाजिदपुर गांव में पहुंचा, यहां चीख-पुकार मच गई। दिनभर से जिंदगी बच जाने की उम्मीद में बैठे ग्रामीण बिलख उठे। महिलाओं का रो-रोकर बुरा हाल है। 
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बुधवार को दिन निकलते ही सिपाही के घर पर उसके परिवार को ढांढस बंधाने और हिम्मत देने के लिए सैकड़ों लोग जमा होने शुरू हो गए थे। अंकित के पिता जयपाल सिंह अपने बेटे के साथ पहले मेरठ और फिर नोएडा गए।
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आसपास के गांवों के लोग भी सिपाही की कुशलक्षेम जानने पहुंचे और दुआएं की गई, लेकिन आखिरकार वह जिंदगी की जंग हार गया। परिवार के सदस्यों ने बताया कि उन्हें मंगलवार रात करीब डेढ़ बजे सूचना मिली थी। अपने परिवार के लिए अंकित ही सबसे बड़ा सहारा था, लेकिन मौत ने उसे भी छीन लिया। मां अमेरश के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे हैं।

छह साल पहले भर्ती हुआ था अंकित तोमर 
बड़ौत। वाजिदपुर का अंकित तोमर वर्ष 2011 में बदायूं जनपद से यूपी पुलिस में भर्ती हुआ था। आठ माह पूर्व उसकी शामली जनपद में तैनाती        हुई थी। शामली जिला मिला तो उसकी पोस्टिंग भी कैराना कोतवाली में हो गई थी। 

तीन साल की बेटी और दो माह का बेटा 
बड़ौत। अंकित तोमर की पत्नी नेहा उसके साथ ही रहती थी। परिवार में तीन साल की बेटी और दो माह का बेटा भी है। मां अमरेश बेहद दुखी हैं। अंकित का एक छोटा भाई रामबीर है, जो बीए में पढ़ रहा हैं। 

दिनभर अंकित के लिए बागपत में दुुआएं की
बागपत। वाजिदपुर के अंकित तोमर के लिए दिनभर दुआ का दौर चला। सैकड़ों घर पहुंचे। बार-बार यही बताया जा रहा था कि ऑपरेशन सफल हो गया है। फेसबुक और व्हाट्सएप पर भी अंकित के लिए दुुआ की कामना की गई, लेकिन होनी को कुछ और ही मंजूर था।

मिलनसार और हंसमुख था अंकित
कैराना में अपनी  तैनाती के दौरान अंकित पत्नी और दोनों बच्चों के साथ कैराना के मोहल्ला गुंबद में अरविंद सिंघल के मकान में किराए पर रह रहा था, यहीं पर उसकी पत्नी नेहा ने दो माह पूर्व बेटे को जन्म दिया।


सिपाही मैनपाल, विकास और अन्य पुलिस कर्मियों का कहना है कि अंकित बहुत मिलनसार था और हंसमुख था। उसके साथियों का कहना है कि अंकित डयूटी को पूरी गंभीरता से निभाता था। किसी भी परीस्थिति में घबराता नहीं था। 
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