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नकली नोट मामले में मैनेजर पर मुकदमा
ब्यूरो/अमर उजाला, बागपत
Updated Sun, 11 Mar 2018 12:42 AM IST
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एसबीआई की बागपत शाखा से रिजर्व बैंक कानपुर को भेजी गई नगदी में साढे़ 11 हजार रुपये के नकली नोट मिले हैं। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया कानपुर शाखा के दावा अनुभाग प्रबंधक ने बागपत कोतवाली में बैंक प्रबंधक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। बागपत से उक्त नगदी सितंबर 2017 में भेजी गई थी। पुलिस ने रिजर्व बैंक की प्राथमिक दर्ज कर जांच शुरू कर दी।
भारतीय रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की कानपुर शाखा के निर्गम विभाग के दावा अनुभाग प्रबंधक सत्य कुमार ने बागपत कोतवाली में भारतीय स्टेट बैंक के शाखा प्रबंधक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। उन्होंने बताया सितंबर 2017 में एसबीआई शाखा से भेजी गई करेंसी में एक हजार रुपये के पांच नकली नोट और पांच सौ रुपये के 13 नकली नोट मिले । इसकी जांच कराई गई। नोटों के नंबर मिलान के बाद स्पष्ट हुआ कि यह रुपये एसबीआई शाखा बागपत ने भेजे हैं।
उन्होंने बताया कि इस मामले में जो भी अधिकारी दोषी है, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। कोतवाली प्रभारी दिनेश कुमार ने बताया पुलिस ने शाखा प्रबंधक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी ।
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बैंक की चेस्ट तक कैसे पहुंचे नकली नोट
बागपत। एसबीआई से यह नकली नोट कानपुर भेजे गए। गिनती के दौरान मामला पकड़ में आ गया। सवाल है कि आखिर एसबीआई बागपत की चेस्ट तक यह नोट कैसे पहुंचे। किसकी लापरवाही से बैंक की बदनामी हुई है। बैंक अधिकारियों ने इसकी जांच शुरू करा दी है।
नोटबंदी के दौरान जमा कराए गए थे नोट
बागपत। एसबीआई बागपत में यह नोट नोटबंदी के बाद जमा कराए गए थे। जो नकली नोट मिले हैं, वह पुरानी करेंसी है। इसलिए यह साफ है कि नोटबंदी के दौरान यह नोट जमा हुए और बागपत से कानपुर भेज दिए।
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भारतीय रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की कानपुर शाखा के निर्गम विभाग के दावा अनुभाग प्रबंधक सत्य कुमार ने बागपत कोतवाली में भारतीय स्टेट बैंक के शाखा प्रबंधक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। उन्होंने बताया सितंबर 2017 में एसबीआई शाखा से भेजी गई करेंसी में एक हजार रुपये के पांच नकली नोट और पांच सौ रुपये के 13 नकली नोट मिले । इसकी जांच कराई गई। नोटों के नंबर मिलान के बाद स्पष्ट हुआ कि यह रुपये एसबीआई शाखा बागपत ने भेजे हैं।
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उन्होंने बताया कि इस मामले में जो भी अधिकारी दोषी है, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। कोतवाली प्रभारी दिनेश कुमार ने बताया पुलिस ने शाखा प्रबंधक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी ।
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बैंक की चेस्ट तक कैसे पहुंचे नकली नोट
बागपत। एसबीआई से यह नकली नोट कानपुर भेजे गए। गिनती के दौरान मामला पकड़ में आ गया। सवाल है कि आखिर एसबीआई बागपत की चेस्ट तक यह नोट कैसे पहुंचे। किसकी लापरवाही से बैंक की बदनामी हुई है। बैंक अधिकारियों ने इसकी जांच शुरू करा दी है।
नोटबंदी के दौरान जमा कराए गए थे नोट
बागपत। एसबीआई बागपत में यह नोट नोटबंदी के बाद जमा कराए गए थे। जो नकली नोट मिले हैं, वह पुरानी करेंसी है। इसलिए यह साफ है कि नोटबंदी के दौरान यह नोट जमा हुए और बागपत से कानपुर भेज दिए।