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आवारा पशुओं को किया प्राइमरी पाठशाला में बंद
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बड़ौत (बागपत)। लोयन मलकपुर गांव के ग्रामीणों ने आवारा पशुओं से तंग आकर उन्हें लोयन गांव की प्राइमरी पाठशाला नंबर एक में बांध दिया। बुधवार को इस संबंध में डीएम को सूचना दी जाएगी कि इन पशुओं की व्यवस्था करें।
लोयन गांव के प्रधान दीपक तोमर के नेतृत्व में ग्रामीणों ने आवारा पशुओं को पूरे गांव व जंगलों से भगाकर प्राइमरी पाठशाला नंबर एक में बंद कर दिया। प्रधान ने बताया कि काफी दिनों से आवारा पशु उनकी फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। उनकी गेहूं की फसल भी पशुओं ने नष्ट कर दी। अधिकारियों से शिकायत करने पर भी कोई कार्रवाई नहीं की गई। इन आवारा पशुओं से लोग तंग आ चुके हैं और पूरी रात जागकर किसानों को अपनी फसलों को बचाने के लिए जंगलों मेें घूमना पड़ता है। उन्होंने कहा कि जब तक सभी आवारा पशुओं को प्राइमरी स्कूल में बंद नहीं करेंगे, उनका यह अभियान जारी रहेगा। इस दौरान अनिरुद्ध, सत्यपाल, हरपाल, रामकिशन, संजू शामिल रहे। उधर एसडीएम आशीष का कहना था कि उन्हें जानकारी मिली है कि आवारा पशुओं को बंद कर दिया गया है, ग्रामीणों को समझाया गया है कि विद्यालय से अलग स्थान पर उन्हेें ले जाए, उन्हें चारा दे, ताकि बच्चों की शिक्षा पर प्रभावित न हो। बदरखा गांव में गोशाला बनने के बाद वहां से हटा दिया जाएगा।
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लोयन गांव के प्रधान दीपक तोमर के नेतृत्व में ग्रामीणों ने आवारा पशुओं को पूरे गांव व जंगलों से भगाकर प्राइमरी पाठशाला नंबर एक में बंद कर दिया। प्रधान ने बताया कि काफी दिनों से आवारा पशु उनकी फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। उनकी गेहूं की फसल भी पशुओं ने नष्ट कर दी। अधिकारियों से शिकायत करने पर भी कोई कार्रवाई नहीं की गई। इन आवारा पशुओं से लोग तंग आ चुके हैं और पूरी रात जागकर किसानों को अपनी फसलों को बचाने के लिए जंगलों मेें घूमना पड़ता है। उन्होंने कहा कि जब तक सभी आवारा पशुओं को प्राइमरी स्कूल में बंद नहीं करेंगे, उनका यह अभियान जारी रहेगा। इस दौरान अनिरुद्ध, सत्यपाल, हरपाल, रामकिशन, संजू शामिल रहे। उधर एसडीएम आशीष का कहना था कि उन्हें जानकारी मिली है कि आवारा पशुओं को बंद कर दिया गया है, ग्रामीणों को समझाया गया है कि विद्यालय से अलग स्थान पर उन्हेें ले जाए, उन्हें चारा दे, ताकि बच्चों की शिक्षा पर प्रभावित न हो। बदरखा गांव में गोशाला बनने के बाद वहां से हटा दिया जाएगा।
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