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92 स्कूलों के भवन जर्जर, 15 की चारदीवारी नहीं

Fri, 16 Mar 2018 12:52 AM IST
Updated Fri, 16 Mar 2018 12:52 AM IST
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92 स्कूलों के भवन जर्जर, 15 की चारदीवारी नहीं
सावधान, खतरे में हैं स्कूली बच्चों की जान
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बागपत। परिषदीय स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों की जान खतरे में है। जिले में एक या दो नहीं बल्कि ऐसे स्कूलों की संख्या 92 है। शासन को सूचना भेजी, लेकिन अभी तक बजट नहीं मिला। करीब 15 स्कूल ऐसे भी हैं, जिनकी चारदीवारी क्षतिग्रस्त है। दाहा स्कूल का मामला सामने आने के बाद शिक्षा विभाग हरकत में आ गया है।
परिषदीय स्कूलों के जर्जर भवन बच्चों के लिए खतरा बने हैं। खेकड़ा ब्लॉक में 16 स्कूल जर्जर हैं। अकेले बसी गांव में दो स्कूल ऐसे हैं, जिनका भवन खतरे में है। बसी, बड़ागांव, सहवानपुर, विनयपुर, सांकरौद, मवी कलां, खेकड़ा, डगरपुर, मुबारिकपुर, खेड़ा इस्लमापुर, सरूरपुर कलां संख्या तीन समेत जिले में ऐसे स्कूलों की संख्या 92 हैं। बीएसए योगराज सिंह ने बताया कि इन स्कूलों की सूची शासन को भेजी । निर्देश दिए हैं कि ऐसे स्कूलों के भवन का निर्माण या सुधार 14वें वित्त से कराया जाएगा। जल्द ही ऐसे भवनों को गिराकर नए भवनों का निर्माण होगा। उधर, जिले में ऐसे स्कूलों की संख्या भी 15 हैं, जिनकी चारदीवारी भी क्षतिग्रस्त है। दाहा का मामला सामने आने के बाद ऐसे स्कूलों में सुधार की कवायद भी शुरू होने की उम्मीद है।
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मकान के बदलते रहे मालिक
दाहा। जिस मकान की दीवार गिरी, असलियत में पिछले करीब तीन दशक में उसे कई लोगों ने खरीदा और बेचा, लेकिन किसी ने जर्जर दीवार की तरफ ध्यान नहीं दिया। इसी तरह स्कूल की तरफ से भी कभी ध्यान नहीं दिया।
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स्कूल के सामने से हटेगा अतिक्रमण
दोघट। एसडीएम बड़ौत अरविंद कुमार द्विवेदी ने स्कूल के गेट के सामने डाली कुड़ी और किए अतिक्रमण को हटाने के निर्देश दिए हैं। एसओ को निर्देश दिए शुक्रवार तक यदि कुड़ी और अतिक्रमण नहीं हटाया जाता तो कार्रवाई की जाए।


चार आंगनबाड़ी केंद्र, 120 बच्चे
दाहा। स्कूल परिसर में चार आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हैं। प्रत्येक केंद्र में 30 बच्चे हैं। इस तरह अकेले आंगनबाड़ी केंद्रों पर ही बच्चों की संख्या 120 बैठती है। केंद्र की संचालक विनोद कुमारी ने बताया हादसे के वक्त केंद्र के बच्चे भी हैंडपंप पर पानी पीने गए थे, इनमें भी कई बच्चों को चोट लगी है।
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