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किसानों के बीच चकरोड का विवाद गहराया

Mon, 08 Jan 2018 01:29 AM IST
Updated Mon, 08 Jan 2018 01:29 AM IST
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किसानों के बीच चकरोड का विवाद गहराया
दोघट (बागपत)। मुलसम और चंदायन गांव के किसानों में चकरोड पर कब्जे को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। मुलसम गांव के किसान ने दूसरे गांव के किसानों पर गलत तरीके से गन्ने की फसल काटने की शिकायत बिनौली थाने में की है। दूसरी तरफ राजस्व विभाग की टीम के चकरोड को कब्जा मुक्त कराने के बाद भी क्षेत्र में तनाव की स्थिति बनी हुई है।
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मुलसम गांव निवासी किसान प्रमोद पुत्र रणधीर और लक्ष्मी पत्नी सरदारे और चंदायन गांव के किसान रामकिशन के खेतों के बीच से चकरोड गुजरती है। इस चकरोड पर किसानों का कब्जा था। चंदायन निवासी किसान रामकिशन के बेटों ने इसकी शिकायत तहसील दिवस में की । इसके बाद शनिवार को एंटी भू-माफिया टास्क फोर्स टीम ने बिनौली पुलिस के साथ मौके पर पहुंचकर पैमाइश कर निशानदेही की और चकरोड को कब्जा मुक्त कराई, लेकिन चंदायन के किसानों ने निशानदेही को गलत बताया और मुलसम गांव के किसानों की गन्ने की फसल काट ली। इससे दोनों गांव के किसानों में तनावपूर्ण स्थिति पैदा हो गई है। मुलसम के किसान प्रमोद ने थाना बिनौली में दी तहरीर में कहा दूसरे गांव के किसानों ने गलत तरीके से ईख की फसल काटी ली। इसकी भरापाई राजस्व विभाग कराए।
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दूसरी तरफ चंदायन के किसान राम किशन ने कहा निशानदेही गलत की गई है। इसे नहीं माना जाएगा। इस संबंध में चंदायन के ग्राम प्रधान राज कुमार ने बताया कि चकरोड को अभी तक कब्जा मुक्त ही नहीं कराया गया है। राजस्व विभाग के अधिकारी पैमाइश ठीक करके गए है। शिकायतकर्ता के खेत से दी चक रोड निकाल दी, लेकिन राम किशन के बेटों ने डोल बंदी नहीं होने दी। इस संबंध में राजस्व निरीक्षक उमर मोहम्मद ने कहा निशानदेही सही तरीके से कराकर चकरोड को कब्जा मुक्त कराया गया है। यदि चंदायन के किसानों ने ईख की फसल काटी गई है, वह गलत है। संबंधित किसानों के खिलाफ खिलाफ कार्रवाई होगी।
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