फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Baghpat News ›   टायर से शव जलाने वाला हेड कांस्टेबल सस्पेंड

टायर से शव जलाने वाला हेड कांस्टेबल सस्पेंड

Fri, 11 Jan 2019 01:07 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Fri, 11 Jan 2019 01:07 AM IST
विज्ञापन
टायर से शव जलाने वाला हेड कांस्टेबल सस्पेंड
बागपत। सिसाना गांव के यमुना खादर में लकड़ी के बजाए टायरों से लावारिस शव का अंतिम संस्कार करने के मामले में एसपी ने हेड कांस्टेबल को सस्पेंड कर दिया है। अज्ञात व्यक्ति के शव का अंतिम संस्कार करने के लिए कोतवाली प्रभारी ने साढ़े चार हजार रुपये की धनराशि भी दी थी, लेकिन हेड कांस्टेबल ने गाड़ी के टायरों से शव का अंतिम संस्कार कर दिया।
विज्ञापन

सिसाना गांव के जंगल में चार दिन पहले नलकूप के हौज में अज्ञात व्यक्ति का शव मिला था। शिनाख्त न होने पर पुलिस ने 72 घंटे बाद शव का अंतिम संस्कार किया। कोतवाली में तैनात हेड कांस्टेबल जयवीर सिंह को शव का अंतिम संस्कार करने के लिए भेजा गया। हेड कांस्टेबल ने लकड़ी के स्थान पर गाड़ी के टायरों से शव का अंतिम संस्कार कर दिया। एसपी शैलेश कुमार पांडेय ने मामले को गंभीरता से लेते हुए हेड कांस्टेबल जयवीर सिंह को सस्पेंड कर दिया है। एसपी ने बताया कि कोतवाली प्रभारी आरके सिंह ने हेड कांस्टेबल को शव के अंतिम संस्कार के लिए साढ़े चार हजार रुपये भी दिए थे, लेकिन इसके बावजूद शव का अंतिम संस्कार टायरों से कर दिया। यह गलत है। इसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सरकार की तरफ से भी लावारिस शवों का अंतिम संस्कार करने के लिए 2700 रुपये मिलते हैं। उन्होंने कहा कि शव का अंतिम संस्कार सम्मान से करना चाहिए। यदि कोई भी पुलिसकर्मी इस तरह का कृत्य करता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन


लकड़ी जलाने के लिए जलाया टायर
बागपत। हेड कांस्टेेबल जयवीर सिंह का कहना है कि लकड़ियां गीली होनेे के कारण आग नहीं पकड़ रही थी। इस लिए उसने लकड़ी जलाने के लिए गाड़ी के टायर का प्रयोग किया। आग लगाने के लिए गाड़ी का टायर जलाया गया था। जब लकड़ी में आग लग गई तो टायर हटा दिया था। उसने एसपी से लिखित में गलती भी मानी है।
विज्ञापन
विज्ञापन


सुधरने को तैयार नहीं पुलिस कर्मी
बागपत। जिले में शव कर दुर्गति का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी यमुना खादर में पुलिसकर्मियों द्वारा इसी तरह से लावारिस शवों का अंतिम संस्कार किया गया। लकड़ी की जगह कभी घास-फूंस तो कभी मिट्टी का तेल छिड़क कर शवों का अंतिम संस्कार किया जाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed