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लोगों ने सीएचसी में चिकित्सक से अभद्रता कर कर्मी से हाथापाई की
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खेकड़ा (बागपत)।
सोमवार की रात में क्षेत्र के ग्राम हसनपुर मसूरी के लोगों ने सीएचसी में चिकित्सक के साथ अभद्रता कर कर्मचारियों के साथ हाथापाई की। साथ ही सरकारी कागजात भी फाड़ दिए। चिकित्सक और कर्मचारियों ने खुद को कमरे में बंद कर जान बचाई और पुलिस को फोन कर सूचना दी। इस दौरान एक आरोपी को पकड़ लिया। करीब एक घंटे बाद पुलिस मौके पर पहुंची। तब तक आरोपी हंगामा कर जा चुके थे। मंगलवार को सुबह के समय चिकित्सकों ने एमएस (चिकित्सा अधीक्षक) को ज्ञापन देकर सुरक्षा की व्यवस्था कराने मांग की। ऐसा न होने पर आपातकालीन ड्यूटी का बहिष्कार करने की चेतावनी दी।
खेकड़ा शहर में स्थित सीएचसी में सोमवार की रात में क्षेत्र के ग्राम हसनपुर मसूरी में एक विवाद को लेकर सौ नंबर पुलिस कुछ लोगों की चिकित्सा के लिए लेकर आई । पुलिस उनको छोड़कर तुरंत चली गई। चिकित्सक टीम ने उनका इलाज किया। इनमें से एक गंभीर घायल को दिल्ली रेफर किया। तभी वहां टाटा टेंपो में सवार दर्जनों लोग भी सीएचसी में पहुंचे। उन्होंने तैनात चिकित्सक और कर्मचारियों के साथ अभद्रता शुरू कर दी। गाली गलौच कर सामान इधर उधर पटकने लगे। साथ ही चिकित्सक से घायलों की रिपोर्ट बदलने का दबाव बनाया। चिकित्सक ने रिपोर्ट बदलने से मना किया। नाराज लोगों नेे चिकित्सक के साथ हाथापाई शुरू कर दी। सरकारी कागजात भी फाड़ डाले। चिकित्सक और कर्मचारियों ने खुद को एक कमरे में बंद कर जान बचाई और पुलिस को फोन कर घटना की सूचना दी। इस दौरान एक आरोपी को पकड़ लिया।
आरोप है कि पुलिस करीब एक घंटा देरी से पहुंची। तब तक आरोपी जा चुके थे। कर्मचारियों ने पकड़े एग एक आरोपी को पुलिस के सुपुर्द कर दिया। पीड़ित स्टाफ में ड्यूटी डॉ. दीपक, फार्मेसिस्ट धर्मेंद्र सिंह, स्टाफ नर्स आरिफा तबस्सुम, वार्ड बॉय अनिल और प्रदीप कुमार रहे। मंगलवार को सुबह के समय चिकित्सकों ने सीएचसी अधीक्षक डॉ. ताहिर को उच्चाधिकारियों के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपा। इसमें सीएचसी में तैनात स्टाफ की सुरक्षा व्यवस्था कराने की मांग की। उन्होंने सुरक्षा न मिलने पर रात्रि में ड्यूटी का बहिष्कार करने की चेतावनी भी दे दी। इनमें डॉ. दीपक, डॉ. सतीश, डॉ. आशीष, डॉ. प्रियंका कसाना, डॉ. प्रगति अग्रवाल आदि रहे।
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क्या बोले चिकित्सा अधीक्षक
एमएस डॉ. ताहिर ने बताया कि घटना शर्मनाक है। चिकित्सक रात दिन लोगों की सेवा करते हैं, लेकिन असामाजिक तत्व अपनी हरकतों से बाज नहीं आते है। इस घटना से उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया गया है। सीएचसी में जल्द ही सीसीटीवी कैमरे लगवा दिए जाएंगे। रात्रि में सीएचसी के पास पुलिस पिकेट लगवाने के लिए पुलिस अधिकारियों से वार्ता की जाएगी।
सरूरपुपुर सीएचसी में तीमारदारों पर तोड़फोड़ का आरोप
बागपत। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सरूरपुर कलां में सोमवार की रात मरीज के साथ आए तीमारदारों ने गेट नहीं खोलने पर तोड़फोड़ कर दी। सीएचसी के गेट का शीशा तोड़ दिया। चिकित्सक ने मरीज को जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। सीएचसी अधीक्षक ने तीन लोगों के खिलाफ एनसीआर दर्ज कराई है। पुलिस ने तीनों आरोपियों को हिरासत में ले लिया।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सरूरपुर कलां के अधीक्षक डॉ. कुमार अभिषेक ने कोतवाली में एनसीआर दर्ज कराते हुए बताया कि सोमवार की रात 10 बजे के लगभग अस्पताल के मेन गेट पर लगे कांच का दरवाजा बंद था। अंदर उनके साथ फार्मेसिस्ट मुकेश कुमार, वार्ड ब्वॉय विशाल मौजूद थे। कांच के दरवाजे से थपथपाने की आवाज आई। बाहर कुछ लोग जोर-जोर से चिल्ला रहे थे। बाहर एंबुलेंस में मरीज बबलू निवासी सरूरपुर कलां को लेकर आए थे। जब वार्ड ब्वॉय दरवाजा खोलने गया तो मरीज के तीमारदारों ने पथराव कर दिया, जिससे कांच के गेट टूट गए। अस्पताल में घुसकर स्टाफ को धमकी दी। सीएचसी अधीक्षक ने मरीज की गंभीर हालत को देखते हुए जिला अस्पताल रेफर कर दिया। सूचना पर रात्रि में पुलिस पहुंची। पुलिस ने सरूरपुर निवासी तीन लोगों के खिलाफ धारा 427 आईपीसी के तहत एनसीआर दर्ज की। कोतवाली प्रभारी शिव प्रकाश सिंह ने बताया कि सीएचसी पर दरवाजा खोलने को लेकर दोनों पक्षों में विवाद हुआ।
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सोमवार की रात में क्षेत्र के ग्राम हसनपुर मसूरी के लोगों ने सीएचसी में चिकित्सक के साथ अभद्रता कर कर्मचारियों के साथ हाथापाई की। साथ ही सरकारी कागजात भी फाड़ दिए। चिकित्सक और कर्मचारियों ने खुद को कमरे में बंद कर जान बचाई और पुलिस को फोन कर सूचना दी। इस दौरान एक आरोपी को पकड़ लिया। करीब एक घंटे बाद पुलिस मौके पर पहुंची। तब तक आरोपी हंगामा कर जा चुके थे। मंगलवार को सुबह के समय चिकित्सकों ने एमएस (चिकित्सा अधीक्षक) को ज्ञापन देकर सुरक्षा की व्यवस्था कराने मांग की। ऐसा न होने पर आपातकालीन ड्यूटी का बहिष्कार करने की चेतावनी दी।
खेकड़ा शहर में स्थित सीएचसी में सोमवार की रात में क्षेत्र के ग्राम हसनपुर मसूरी में एक विवाद को लेकर सौ नंबर पुलिस कुछ लोगों की चिकित्सा के लिए लेकर आई । पुलिस उनको छोड़कर तुरंत चली गई। चिकित्सक टीम ने उनका इलाज किया। इनमें से एक गंभीर घायल को दिल्ली रेफर किया। तभी वहां टाटा टेंपो में सवार दर्जनों लोग भी सीएचसी में पहुंचे। उन्होंने तैनात चिकित्सक और कर्मचारियों के साथ अभद्रता शुरू कर दी। गाली गलौच कर सामान इधर उधर पटकने लगे। साथ ही चिकित्सक से घायलों की रिपोर्ट बदलने का दबाव बनाया। चिकित्सक ने रिपोर्ट बदलने से मना किया। नाराज लोगों नेे चिकित्सक के साथ हाथापाई शुरू कर दी। सरकारी कागजात भी फाड़ डाले। चिकित्सक और कर्मचारियों ने खुद को एक कमरे में बंद कर जान बचाई और पुलिस को फोन कर घटना की सूचना दी। इस दौरान एक आरोपी को पकड़ लिया।
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आरोप है कि पुलिस करीब एक घंटा देरी से पहुंची। तब तक आरोपी जा चुके थे। कर्मचारियों ने पकड़े एग एक आरोपी को पुलिस के सुपुर्द कर दिया। पीड़ित स्टाफ में ड्यूटी डॉ. दीपक, फार्मेसिस्ट धर्मेंद्र सिंह, स्टाफ नर्स आरिफा तबस्सुम, वार्ड बॉय अनिल और प्रदीप कुमार रहे। मंगलवार को सुबह के समय चिकित्सकों ने सीएचसी अधीक्षक डॉ. ताहिर को उच्चाधिकारियों के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपा। इसमें सीएचसी में तैनात स्टाफ की सुरक्षा व्यवस्था कराने की मांग की। उन्होंने सुरक्षा न मिलने पर रात्रि में ड्यूटी का बहिष्कार करने की चेतावनी भी दे दी। इनमें डॉ. दीपक, डॉ. सतीश, डॉ. आशीष, डॉ. प्रियंका कसाना, डॉ. प्रगति अग्रवाल आदि रहे।
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क्या बोले चिकित्सा अधीक्षक
एमएस डॉ. ताहिर ने बताया कि घटना शर्मनाक है। चिकित्सक रात दिन लोगों की सेवा करते हैं, लेकिन असामाजिक तत्व अपनी हरकतों से बाज नहीं आते है। इस घटना से उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया गया है। सीएचसी में जल्द ही सीसीटीवी कैमरे लगवा दिए जाएंगे। रात्रि में सीएचसी के पास पुलिस पिकेट लगवाने के लिए पुलिस अधिकारियों से वार्ता की जाएगी।
सरूरपुपुर सीएचसी में तीमारदारों पर तोड़फोड़ का आरोप
बागपत। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सरूरपुर कलां में सोमवार की रात मरीज के साथ आए तीमारदारों ने गेट नहीं खोलने पर तोड़फोड़ कर दी। सीएचसी के गेट का शीशा तोड़ दिया। चिकित्सक ने मरीज को जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। सीएचसी अधीक्षक ने तीन लोगों के खिलाफ एनसीआर दर्ज कराई है। पुलिस ने तीनों आरोपियों को हिरासत में ले लिया।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सरूरपुर कलां के अधीक्षक डॉ. कुमार अभिषेक ने कोतवाली में एनसीआर दर्ज कराते हुए बताया कि सोमवार की रात 10 बजे के लगभग अस्पताल के मेन गेट पर लगे कांच का दरवाजा बंद था। अंदर उनके साथ फार्मेसिस्ट मुकेश कुमार, वार्ड ब्वॉय विशाल मौजूद थे। कांच के दरवाजे से थपथपाने की आवाज आई। बाहर कुछ लोग जोर-जोर से चिल्ला रहे थे। बाहर एंबुलेंस में मरीज बबलू निवासी सरूरपुर कलां को लेकर आए थे। जब वार्ड ब्वॉय दरवाजा खोलने गया तो मरीज के तीमारदारों ने पथराव कर दिया, जिससे कांच के गेट टूट गए। अस्पताल में घुसकर स्टाफ को धमकी दी। सीएचसी अधीक्षक ने मरीज की गंभीर हालत को देखते हुए जिला अस्पताल रेफर कर दिया। सूचना पर रात्रि में पुलिस पहुंची। पुलिस ने सरूरपुर निवासी तीन लोगों के खिलाफ धारा 427 आईपीसी के तहत एनसीआर दर्ज की। कोतवाली प्रभारी शिव प्रकाश सिंह ने बताया कि सीएचसी पर दरवाजा खोलने को लेकर दोनों पक्षों में विवाद हुआ।