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गरीबी में बेटी गोद दी, लालच में मुकदमा दर्ज कराया
Updated Sat, 17 Nov 2018 01:31 AM IST
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बागपत। घर में जुड़वां बेटियों के जन्म के बाद पिता ने शर्मनाक कदम उठाया। कलर टीवी, पांच हजार रुपये और अन्य सामान के बदले एक बेटी नोएडा की महिला को सौंप दी। दो दिन बाद ही 50 हजार रुपये देने का दबाव बनाया। महिला ने इंकार किया तो अपहरण का मुकदमा दर्ज करा दिया। पुलिस ने जांच शुरू की तो असलियत खुल गई। एएसपी राजेश कुमार श्रीवास्तव ने कहा नवजात के पिता, मामा और नोएडा के एक व्यक्ति के खिलाफ किशोर न्याय (बालक की देखरेख एवं संरक्षण अधिनियम 2000) की धारा 23 और 24 के तहत मुकदमा दर्ज कराया। बच्ची को उसकी मां को सौंपया।
मुजफ्फरनगर निवासी मजदूर युवक परिवार समेत गौरीपुर जवाहर नगर में किराये पर मकान लेकर रहता है। पुलिस ने बताया कि उसकी पत्नी ने 26 अक्तूबर को सोनीपत के अस्पताल में जुड़वां बेटियों को जन्म दिया । 13 नवंबर को उसके घर पर नोएडा से दो महिलाओं सहित तीन लोग आए। पिता ने जुड़वा बेटियों में से एक नवजात बेटी को पांच हजार रुपये और कलर टीवी के बदले नोएडा से आए लोगों को दे दिया। दो दिन बाद नवजात के पिता ने बच्ची को ले जाने वाली महिला से 50 हजार रुपये की मांग की। जब रुपये की मांग पूरी नहीं हुई तो बृहस्पतिवार की रात में कोतवाली में पहुंचकर अज्ञात के खिलाफ बच्ची का अपहरण कर ले जाने का मुकदमा दर्ज कराया।
नवजात बच्ची के अपहरण से पुलिस अफसरों में हड़कंप मच गया। पुलिस ने मामले की जांच की तो अपहरण की कहानी झूठी निकली। पुलिस नोएडा से बच्ची को बरामद कर कोतवाली ले आई। दोनों पक्षों से कोतवाली में एएसपी राजेश कुमार श्रीवास्तव ने पूछताछ की। नोएडा निवासी महिला ने बताया कि उसने बच्ची को आपसी सहमति से गोद लिया है। इसके बदले में बच्ची की मां के इलाज में साढ़े 13 हजार रुपये खर्च किए। जिस दिन बच्ची को लेकर आए , उसके पिता को पांच हजार रुपये, कलर टीवी भी दिया। एएसपी ने बच्ची के पिता नीटू, नोएडा निवासी नरेंद्र चौहान एवं नीटू के मामा विनोद कश्यप निवासी जौनमाना के खिलाफ किशोर न्याय (बालक की देख रेख एवं संरक्षण अधिनियम 2000) की धारा 23 और 24 के तहत मुकदमा दर्ज कराया। पुलिस ने केस दर्ज कर तीनों आरोपियों को हिरासत में ले लिया। एएसपी ने बताया कि बच्ची के पिता द्वारा दर्ज कराया अपहरण का झूठा मुकदमा खत्म कर दिया जाएगा। बच्ची को उसकी मां के सुपुर्द कर दिया गया है।
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पुलिस के सामने बोला, नहीं बेचा बेटी को
बागपत। बच्ची के पिता ने बताया कि उसने बेटी को नहीं बेचा । गरीबी के कारण वह बच्ची की परवरिश नहीं कर सकता था, इसलिए उसने बेटी को नोएडा की महिला को गोद दे दिया चार माह पहले अल्ट्रासाउंड में उसे पता चला था कि पत्नी के गर्भ में जुड़वां बच्चे पल रहे हैं। खेकड़ा निवासी उसके दोस्त एजाज से एक बच्चे को गोद देने की बात कही। दोस्त ने नोएडा निवासी नरेंद्र चौहान से उसे मिलवाया। नरेंद्र चौहान के मकान में किराए पर रहने वाली महिला के कोई बच्चा नहीं था। इसलिए महिला ने उसका बच्चा गोद लेने की बात कही। इस पर उसने बच्चा गोद देने की सहमति दे दी । महिला ने उसकी पत्नी के इलाज पर साढ़े 13 हजार रुपये खर्च किए। पत्नी ने जुड़वा बेटियों को जन्म दिया। एक बच्ची को उसने महिला को गोद दे दिया । उसने अनजाने में अपहरण का मुकदमा दर्ज करा दिया।
घर पर ताला, दिनभर थाने में जमावड़ा
बागपत। आरोपी मजदूर के घर पर दिनभर ताला लटका रहा। आरोपियों के अलावा उनके परिवार के सदस्य दिनभर थाने में जमा रहे। पुलिस ने यहीं पर बच्ची को उसकी मां के सुपुर्द किया।
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मुजफ्फरनगर निवासी मजदूर युवक परिवार समेत गौरीपुर जवाहर नगर में किराये पर मकान लेकर रहता है। पुलिस ने बताया कि उसकी पत्नी ने 26 अक्तूबर को सोनीपत के अस्पताल में जुड़वां बेटियों को जन्म दिया । 13 नवंबर को उसके घर पर नोएडा से दो महिलाओं सहित तीन लोग आए। पिता ने जुड़वा बेटियों में से एक नवजात बेटी को पांच हजार रुपये और कलर टीवी के बदले नोएडा से आए लोगों को दे दिया। दो दिन बाद नवजात के पिता ने बच्ची को ले जाने वाली महिला से 50 हजार रुपये की मांग की। जब रुपये की मांग पूरी नहीं हुई तो बृहस्पतिवार की रात में कोतवाली में पहुंचकर अज्ञात के खिलाफ बच्ची का अपहरण कर ले जाने का मुकदमा दर्ज कराया।
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नवजात बच्ची के अपहरण से पुलिस अफसरों में हड़कंप मच गया। पुलिस ने मामले की जांच की तो अपहरण की कहानी झूठी निकली। पुलिस नोएडा से बच्ची को बरामद कर कोतवाली ले आई। दोनों पक्षों से कोतवाली में एएसपी राजेश कुमार श्रीवास्तव ने पूछताछ की। नोएडा निवासी महिला ने बताया कि उसने बच्ची को आपसी सहमति से गोद लिया है। इसके बदले में बच्ची की मां के इलाज में साढ़े 13 हजार रुपये खर्च किए। जिस दिन बच्ची को लेकर आए , उसके पिता को पांच हजार रुपये, कलर टीवी भी दिया। एएसपी ने बच्ची के पिता नीटू, नोएडा निवासी नरेंद्र चौहान एवं नीटू के मामा विनोद कश्यप निवासी जौनमाना के खिलाफ किशोर न्याय (बालक की देख रेख एवं संरक्षण अधिनियम 2000) की धारा 23 और 24 के तहत मुकदमा दर्ज कराया। पुलिस ने केस दर्ज कर तीनों आरोपियों को हिरासत में ले लिया। एएसपी ने बताया कि बच्ची के पिता द्वारा दर्ज कराया अपहरण का झूठा मुकदमा खत्म कर दिया जाएगा। बच्ची को उसकी मां के सुपुर्द कर दिया गया है।
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पुलिस के सामने बोला, नहीं बेचा बेटी को
बागपत। बच्ची के पिता ने बताया कि उसने बेटी को नहीं बेचा । गरीबी के कारण वह बच्ची की परवरिश नहीं कर सकता था, इसलिए उसने बेटी को नोएडा की महिला को गोद दे दिया चार माह पहले अल्ट्रासाउंड में उसे पता चला था कि पत्नी के गर्भ में जुड़वां बच्चे पल रहे हैं। खेकड़ा निवासी उसके दोस्त एजाज से एक बच्चे को गोद देने की बात कही। दोस्त ने नोएडा निवासी नरेंद्र चौहान से उसे मिलवाया। नरेंद्र चौहान के मकान में किराए पर रहने वाली महिला के कोई बच्चा नहीं था। इसलिए महिला ने उसका बच्चा गोद लेने की बात कही। इस पर उसने बच्चा गोद देने की सहमति दे दी । महिला ने उसकी पत्नी के इलाज पर साढ़े 13 हजार रुपये खर्च किए। पत्नी ने जुड़वा बेटियों को जन्म दिया। एक बच्ची को उसने महिला को गोद दे दिया । उसने अनजाने में अपहरण का मुकदमा दर्ज करा दिया।
घर पर ताला, दिनभर थाने में जमावड़ा
बागपत। आरोपी मजदूर के घर पर दिनभर ताला लटका रहा। आरोपियों के अलावा उनके परिवार के सदस्य दिनभर थाने में जमा रहे। पुलिस ने यहीं पर बच्ची को उसकी मां के सुपुर्द किया।