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कमाला प्रकरण की गूंज लखनऊ तक पहुंची
Updated Wed, 09 May 2018 01:04 AM IST
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अमीनगर सराय (बागपत)।
कमाला गांव में पिटाई के बाद दलित युवक की मौत के मामले की गूंज लखनऊ तक पहुंच गई है। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने मामले को गंभीरता से लेकर पुलिस से जवाब तलब किया है। उधर गांव में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है। दलित बिरादरी के लोग दहशतजदा है। लोग घरों से नहीं निकल पा रहे है। गलियां पूरे दिन सुनसान पड़ी रही। गांव में पुलिस गश्त करती रही।
कमाला गांव में 27 अप्रैल की रात में प्रेमी युगल की मदद करने के शक में दलित युवक आकाश व मनीष की 10-12 युवकों ने फट्टे, डंडे व तमंचों की बटों से पिटाई कर दी थी। आकाश की हालत बिगड़ने पर उसे मेरठ अस्पताल में भर्ती कराया । इस मामले में परिजनों ने सात युवकों को नामजद व दो-तीन अज्ञात के खिलाफ सिंघावली अहीर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई । पुलिस ने आरोपी सात युवकों को गिरफ्तार कर जेल भेजा। घायल दलित युवक आकाश की इलाज के दौरान सोमवार को मौत हो गई । गमगीन माहौल में शव का अंतिम संस्कार किया। इस मामले की गूंज लखनऊ तक पहुंच गई है। पुलिस के आला अधिकारी फोन पर पल-पल की जानकारी लेते रहे।
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने मामले को गंभीरता से लेकर डीजीपी व मुख्य सचिव लखनऊ से जवाब तलब किया है। उधर, कमाला गांव में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है। दलित परिवार घरों से नहीं निकल रहे हैं। पूरे दिन गलियां सुनसान रही। मामले में कोई भी जुबां खोलने को तैयार नहीं है। इस संबंध में एसपी जयप्रकाश ने बताया कि गांव में तनाव नहीं है। सुरक्षा की दृष्टि से गांव में पुलिस बल तैनात है। मामले की विवेचना चल रही है। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग में किसी ने शिकायत की होगी। आयोग को सभी मामलों पर जवाब भेज दिया। स्थित पूरी तरह से नियंत्रण में है।
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मृतक के बयान नहीं हुए थे दर्ज
बागपत। कमाला गांव के दलित युवक आकाश की मौत के मामले की सीओ बागपत दिलीप सिंह जांच कर रहे है। सीओ ने बताया कि मृतक आकाश के बयान नहीं हो पाए। जिस दिन वे उसके बयान देने गए थे, उस दिन आकाश आईसीयू में भर्ती था और कुछ बोलने की स्थिति में नहीं था। चिकित्सकों ने बयान लेने से इंकार कर दिया था। जिसके बाद मृतक के परिजनों व दोस्त मनीष के बयान दर्ज किए हैं। मृतक आकाश की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण अंदरूनी चोट से आया है। पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है।
पैर के नाखून उखाड़े
बागपत। परिजनों के अनुसार आरोपियों ने आकाश के पैर की तीन अंगुलियों के नाखून तक उखाड़ दिए थे। इससे पता चला है कि आरोपियों ने आकाश को कितना दर्द दिया होगा। उन्होंने फरार आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग। उन्होंने कहा वर्तमान प्रधान और पूर्व प्रधान पक्ष के लोगों ने आकाश की पिटाई की थी।
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कमाला गांव में पिटाई के बाद दलित युवक की मौत के मामले की गूंज लखनऊ तक पहुंच गई है। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने मामले को गंभीरता से लेकर पुलिस से जवाब तलब किया है। उधर गांव में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है। दलित बिरादरी के लोग दहशतजदा है। लोग घरों से नहीं निकल पा रहे है। गलियां पूरे दिन सुनसान पड़ी रही। गांव में पुलिस गश्त करती रही।
कमाला गांव में 27 अप्रैल की रात में प्रेमी युगल की मदद करने के शक में दलित युवक आकाश व मनीष की 10-12 युवकों ने फट्टे, डंडे व तमंचों की बटों से पिटाई कर दी थी। आकाश की हालत बिगड़ने पर उसे मेरठ अस्पताल में भर्ती कराया । इस मामले में परिजनों ने सात युवकों को नामजद व दो-तीन अज्ञात के खिलाफ सिंघावली अहीर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई । पुलिस ने आरोपी सात युवकों को गिरफ्तार कर जेल भेजा। घायल दलित युवक आकाश की इलाज के दौरान सोमवार को मौत हो गई । गमगीन माहौल में शव का अंतिम संस्कार किया। इस मामले की गूंज लखनऊ तक पहुंच गई है। पुलिस के आला अधिकारी फोन पर पल-पल की जानकारी लेते रहे।
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राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने मामले को गंभीरता से लेकर डीजीपी व मुख्य सचिव लखनऊ से जवाब तलब किया है। उधर, कमाला गांव में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है। दलित परिवार घरों से नहीं निकल रहे हैं। पूरे दिन गलियां सुनसान रही। मामले में कोई भी जुबां खोलने को तैयार नहीं है। इस संबंध में एसपी जयप्रकाश ने बताया कि गांव में तनाव नहीं है। सुरक्षा की दृष्टि से गांव में पुलिस बल तैनात है। मामले की विवेचना चल रही है। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग में किसी ने शिकायत की होगी। आयोग को सभी मामलों पर जवाब भेज दिया। स्थित पूरी तरह से नियंत्रण में है।
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मृतक के बयान नहीं हुए थे दर्ज
बागपत। कमाला गांव के दलित युवक आकाश की मौत के मामले की सीओ बागपत दिलीप सिंह जांच कर रहे है। सीओ ने बताया कि मृतक आकाश के बयान नहीं हो पाए। जिस दिन वे उसके बयान देने गए थे, उस दिन आकाश आईसीयू में भर्ती था और कुछ बोलने की स्थिति में नहीं था। चिकित्सकों ने बयान लेने से इंकार कर दिया था। जिसके बाद मृतक के परिजनों व दोस्त मनीष के बयान दर्ज किए हैं। मृतक आकाश की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण अंदरूनी चोट से आया है। पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है।
पैर के नाखून उखाड़े
बागपत। परिजनों के अनुसार आरोपियों ने आकाश के पैर की तीन अंगुलियों के नाखून तक उखाड़ दिए थे। इससे पता चला है कि आरोपियों ने आकाश को कितना दर्द दिया होगा। उन्होंने फरार आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग। उन्होंने कहा वर्तमान प्रधान और पूर्व प्रधान पक्ष के लोगों ने आकाश की पिटाई की थी।