{"_id":"5a4d37154f1c1b4d198b4bfe","slug":"121515009813-baghpat-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"फर्जी निकली जांच टीम","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
फर्जी निकली जांच टीम
Updated Thu, 04 Jan 2018 01:33 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बड़ौत (बागपत)।
गांधी रोड स्थित सनमति हास्पिटल में जांच के नाम पर 15 लाख रुपये की ठगी करने आए तीन लोगों के खिलाफ चिकित्सक की तहरीर पर मामला दर्ज कर लिया गया है। आरोपी तीनों लोगों को न्यायालय में पेश कर जेल भेजा गया है।
मंगलवार देर शाम एक युवक खुद को केंद्रीय चिकित्सा परिषद का कर्मचारी बताते हुए सनमति अस्पताल पहुंचा और पिछले दिनों खामपुर गांव की महिला की इलाज के दौरान हुई मौत के मामले में दस्तावेज मांगे। उसके साथ आए दो युवकों को उसने दिल्ली पुलिस का सिपाही बताया था। इन्होंने चिकित्सकों, कंपाउंडरों के उन्होंने मोबाइल तक छीन लिए थे। सूचना पर नगर के काफी संख्या में चिकित्सक अस्पताल पहुंचे और तीनों को घेरकर पुलिस को सूचना दी। पुलिस तीनों को कोतवाली ले आई थी। देर रात जांच टीम की पुष्टि न होने पर डॉ. संजय जैन की तहरीर पर सचिन कुमार वशिष्ठ पुत्र ओमपाल शर्मा शास्त्री नगर सराय रुहेला दिल्ली, सौरभ उज्ज्वल पुत्र वीरसैन मवीं कलां थाना बालैनी, विपिन कुमार पुत्र विनोद गांव शबगा थाना छपरौली को नामजद कराते हुए मामला दर्ज किया गया। जांच में यह भी आया था कि जिस विभाग में सचिन कुमार वशिष्ठ कर्मचारी बता रहा था, वह आयुर्वेद कालेजों में ही जांच कर सकते हैं। यह भी उसने फर्जी तौर बताया कि वे पीएमओ ऑफिस से आया है। पुलिस ने तीनों को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया है।
लालच में फंस गए सौरभ और विपिन
बड़ौत। सचिन वशिष्ठ फर्जी तरीके से दिल्ली पुलिस का सिपाही बनाकर सौरभ उज्ज्वल और विपिन को अपने साथ लाया था। जेल जाते समय सौरभ और विपिन की आंखों में आंसू थे। कह रहे थे कि सचिन ने उन्हें फंसाया है। उन्होंने यह भी बताया कि सचिन के पास ही वे दिल्ली में कमरा लेकर रहते थे। उसने उन्हें भी लालच दिया था कि वहां से मोटा पैसा मिलेगा, जिसमें उन्हें भी हिस्सा देेगा। सौरभ बीए करने के बाद दिल्ली में कोचिंग कर रहा है, जबकि विपिन बड़ौत में बीकॉम का छात्र है।
विज्ञापन
विज्ञापन
गांधी रोड स्थित सनमति हास्पिटल में जांच के नाम पर 15 लाख रुपये की ठगी करने आए तीन लोगों के खिलाफ चिकित्सक की तहरीर पर मामला दर्ज कर लिया गया है। आरोपी तीनों लोगों को न्यायालय में पेश कर जेल भेजा गया है।
मंगलवार देर शाम एक युवक खुद को केंद्रीय चिकित्सा परिषद का कर्मचारी बताते हुए सनमति अस्पताल पहुंचा और पिछले दिनों खामपुर गांव की महिला की इलाज के दौरान हुई मौत के मामले में दस्तावेज मांगे। उसके साथ आए दो युवकों को उसने दिल्ली पुलिस का सिपाही बताया था। इन्होंने चिकित्सकों, कंपाउंडरों के उन्होंने मोबाइल तक छीन लिए थे। सूचना पर नगर के काफी संख्या में चिकित्सक अस्पताल पहुंचे और तीनों को घेरकर पुलिस को सूचना दी। पुलिस तीनों को कोतवाली ले आई थी। देर रात जांच टीम की पुष्टि न होने पर डॉ. संजय जैन की तहरीर पर सचिन कुमार वशिष्ठ पुत्र ओमपाल शर्मा शास्त्री नगर सराय रुहेला दिल्ली, सौरभ उज्ज्वल पुत्र वीरसैन मवीं कलां थाना बालैनी, विपिन कुमार पुत्र विनोद गांव शबगा थाना छपरौली को नामजद कराते हुए मामला दर्ज किया गया। जांच में यह भी आया था कि जिस विभाग में सचिन कुमार वशिष्ठ कर्मचारी बता रहा था, वह आयुर्वेद कालेजों में ही जांच कर सकते हैं। यह भी उसने फर्जी तौर बताया कि वे पीएमओ ऑफिस से आया है। पुलिस ने तीनों को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया है।
विज्ञापन
लालच में फंस गए सौरभ और विपिन
बड़ौत। सचिन वशिष्ठ फर्जी तरीके से दिल्ली पुलिस का सिपाही बनाकर सौरभ उज्ज्वल और विपिन को अपने साथ लाया था। जेल जाते समय सौरभ और विपिन की आंखों में आंसू थे। कह रहे थे कि सचिन ने उन्हें फंसाया है। उन्होंने यह भी बताया कि सचिन के पास ही वे दिल्ली में कमरा लेकर रहते थे। उसने उन्हें भी लालच दिया था कि वहां से मोटा पैसा मिलेगा, जिसमें उन्हें भी हिस्सा देेगा। सौरभ बीए करने के बाद दिल्ली में कोचिंग कर रहा है, जबकि विपिन बड़ौत में बीकॉम का छात्र है।
विज्ञापन