फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Baghpat News ›   स्कूल में पढने गए थे सामने आ खड़ी हुई मौत

स्कूल में पढने गए थे सामने आ खड़ी हुई मौत

Fri, 16 Mar 2018 12:52 AM IST
Updated Fri, 16 Mar 2018 12:52 AM IST
विज्ञापन
स्कूल में पढने गए थे सामने आ खड़ी हुई मौत
दोघट/दाहा (बागपत)। सिस्टम की अनदेखी के चलते मासूम बच्चों के सामने मौत आ खड़ी हुई। बच्चे स्कूल में पढ़ने गए थे। आंगनबाड़ी केंद्र के बच्चे भी भोजन खाने के बाद पानी पीने हैंडपंप पर पहुंच गए। सिस्टम की अदूरदर्शिता को मौत बनकर खड़ी दीवार नजर नहीं आई। बच्चों की किस्मत अच्छी थी, जिस वजह से बड़ा हादसा होने से टल गया। डीएम ऋषिरेंद्र कुमार ने कहा कि जिस स्तर से भी चूक हुई है, कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन

शहीद मुंशीराम आदर्श प्राथमिक विद्यालय, दाहा के परिसर में ही आंगनबाड़ी केंद्र संचालित है। स्कूल में बच्चे पढ़ने जाते हैं और केंद्र में बच्चों को वितरित किया जाता है पोषाहार। बृहस्पतिवार दोपहर करीब 12 बजे बच्चे रोजाना की तरह खेल रहे थे। एकाएक दीवार गिरी और बच्चे दब गए। चीख-पुकार मची। लोग दौड़े, मदद की। भले ही बड़ा हादसा टल जाने पर प्रशासन राहत की सांस ले रहा हो, लेकिन सवाल यह है कि आखिर इतनी बड़ी चूक किस स्तर से हुई। स्कूल की चारदीवारी नहीं कराई गई। बीएसए योगराज सिंह ने कहा दीवार के लिए कभी डिमांड तक नहीं हुई। मौत बच्चों को छूकर निकल गई।
विज्ञापन


न पुलिस पहुंची और न ही एंबुलेंस
दोघट। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। लोगों ने एंबुलेंस को कॉल की और घटनास्थल से करीब साढे़ तीन सौ मीटर की दूरी पर स्थित पुलिस चौकी पर जानकारी दी गई, लेकिन न पुलिस पहुंची और न ही एंबुलेंस। मौत से जूझते बच्चों को ग्रामीण अपने वाहनों से लेकर अस्पतालों तक पहुंचे।
विज्ञापन
विज्ञापन


दाहा, बिनौली, बड़ौत में कराया इलाज
बिनौली। चीख-पुकार मची थी। करीब 12 बच्चे घायल हो गए । परिजन भी मौके पर पहुंचे। ग्रामीण अपने वाहनों से लेकर बच्चों को अस्पताल की तरफ लेकर दौड़े। किसी को दाहा ले जाया गया, किसी को बिनौली और किसी का बड़ौत में उपचार कराया गया। बीएसए योगराज सिंह ने बिनौली के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर पहुंचकर इलाज की जानकारी ली। उन्होंने परिजनों को भरोसा दिलाया कि इलाज में मदद की जाएगी। परिजनों को समझा बुझाकर शांत किया। बीएसए ने कहा कि हादसे की जांच कराई जा रही है।

क्यों नहीं थी चारदीवारी, बीईओ को नोटिस
दोघट/दाहा। बीएसए ने बताया दीवार गिरने से हादसा हुआ है। खंड शिक्षा अधिकारी और प्रधानाध्यापक ने कभी इस बाबत उनसे पत्र व्यवहार नहीं किया। नोटिस भेजकर यह पूछा गया कि स्कूल की चारदीवार क्यों नहीं कराई गई। इस बाबत बजट क्यों नहीं मांगा गया। प्रधानाध्यापक से भी जवाब तलब किया गया है।


95 साल पुराने स्कूल की नहीं चारदीवारी
दाहा। जिस स्कूल में यह हादसा हुआ वह 95 साल पुराना है। स्वतंत्रता सेनानी शहीद मुंशीराम की स्मृति में अंग्रेजी शासन काल में वर्ष 1923 में स्कूल की स्थापना कराई गई । इतनी पुरानी संस्था होने के बाद भी स्कूल की चारदीवारी तक नहीं कराई गई थी। एसडीएम बड़ौत अरविंद कुमार द्विवेदी ने कहा मामले की जांच शुरू करा दी गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed