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कांवड़ यात्रा को लेकर असमंजस, सुप्रीम कोर्ट के नोटिस के बाद तैयारियां भी रूकी
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बागपत। कांवड़ यात्रा को लेकर असमंजस बरकरार है। यात्रा को अनुमति देने को लेकर यूपी सरकार को सुप्रीम कोर्ट ने नोटिस जारी कर दिया है। ऐसे में स्थानीय स्तर पर हो रही तैयारियों को रोक दिया गया है। पुरा महादेव मंदिर में बृहस्पतिवार को होने वाली तैयारियों की बैठक स्थगित कर दी गई। इसमें टेंट व लाइट व्यवस्था को लेकर ठेके छोड़े जाने थे। कोरोना की तीसरी लहर के मंदिर समिति के पदाधिकारी और ग्रामीण नहीं चाहते कि कांवड़ मेला इस बार लगे। उनका कहना है कि शिवभक्त सिर्फ जलाभिषेक ही करें।
बता दें कि उत्तराखंड सरकार ने कांवड़ यात्रा पर रोक लगा दी है। हरिद्वार पुलिस ने कांवड़ यात्रा के लिए न आने की अपील की है। यदि दूसरे राज्य से कोई शिवभक्त कांवड़ लाने जाता है तो उसे 14 दिन के लिए क्वारंटाइन किए जाने की घोषणा भी वहां के एसएसपी ने कर दी है। इस बार कांवड़ यात्रा को लेकर स्थानीय लोगों में कोई उत्साह भी देखने को नहीं मिल रहा है। अब देखना है कि इस मामले में सुप्रीम कोर्ट का क्या निर्णय आता है। इस संबंध में डीएम राजकमल यादव का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद सरकार के जो भी निर्देश होंगे, उसी के हिसाब से कार्य किया जाएगा।
मंदिर के पुजारी, समिति, प्रधान और दुकानदारों का कहना
कोरोना महामारी की तीसरी लहर की आशंका के चलते लोगों में भय है। सरकार ने यात्रा को अनुमति दी थी। इसके बाद तैयारी भी शुरू कर दी गई थी। अभी सुप्रीम कोर्ट इस संबंध में क्या निर्णय सुनाता है, उसका इंतजार है। भोले के भक्त तो चाहते हैं कि कांवड़ यात्रा होनी चाहिए। - पंडित जयभगवान शर्मा, मुख्य पुजारी, पुरा महादेव।
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कोरोना महामारी की तीसरी लहर की आशंका जताई जा रही है। दूसरी लहर में पहले ही कई परिवार बर्बाद हो चुक हैं। उत्तराखंड सरकार ने पहले ही कांवड़ यात्रा पर रोक लगा दी गई है। ऐसे में शिवभक्त गंगाजल कहां से लाएंगे। मंदिर में इस बार जल, फूल पत्ती की व्यवस्था नहीं रहेगी। बाकी निर्णय सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई के बाद लिया जाएग। - तिलकराज गुप्ता, अध्यक्ष, पुरा महादेव मंदिर समिति।
कोरोना महामारी को देखते हुए अभी भी सचेत रहने की जरूरत है। लाखों की संख्या में मंदिर में शिवभक्त जलाभिषेक लिए पहुंचते हैं। इतनी अधिक भीड़ में कोरोना गाइडलाइन का पालन नहीं कराया जा सकता। ऐसे में सरकार को कांवड़ यात्रा स्थगित कर देनी चाहिए। - संजीव शर्मा, सचिव, पुरा महादेव मंदिर कमेटी।
कोरोना की तीसरी लहर को ज्यादा खतरनाक होने की आशंका है। ऐसे में पुरा महादेव मंदिर पर इस वर्ष भी मेला नहीं लगना चाहिए। इस मुद्दे पर पूरा गांव एकमत है। इसके लिए डीएम राजकमल यादव को ग्रामीण ज्ञापन देकर ग्रामीण अपने निर्णय की जानकारी भी दे चुके हैं। - ब्रह्मपाल, ग्राम प्रधान, पुरा महादेव।
हम प्रतिवर्ष कांवड़ मेले में फूल, पत्ती और प्रसाद की दुकान लगाते चले आ रहे हैं। पिछले वर्ष भी मेला नहीं लगा था। जलाभिषेक के लिए शिवभक्त आते हैं तो कोई दिक्कत नहीं है। यहां उनके ठहरने से दिक्कत हो सकती है। सभी ग्रामीणों ने मिलकर कांवड़ मेला आयोजित न किए जाने का निर्णय लिया है। हम भी ग्रामीणों के निर्णय से सहमत हैं। - सचिन, दुकानदार पुरा महादेव।
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बता दें कि उत्तराखंड सरकार ने कांवड़ यात्रा पर रोक लगा दी है। हरिद्वार पुलिस ने कांवड़ यात्रा के लिए न आने की अपील की है। यदि दूसरे राज्य से कोई शिवभक्त कांवड़ लाने जाता है तो उसे 14 दिन के लिए क्वारंटाइन किए जाने की घोषणा भी वहां के एसएसपी ने कर दी है। इस बार कांवड़ यात्रा को लेकर स्थानीय लोगों में कोई उत्साह भी देखने को नहीं मिल रहा है। अब देखना है कि इस मामले में सुप्रीम कोर्ट का क्या निर्णय आता है। इस संबंध में डीएम राजकमल यादव का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद सरकार के जो भी निर्देश होंगे, उसी के हिसाब से कार्य किया जाएगा।
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मंदिर के पुजारी, समिति, प्रधान और दुकानदारों का कहना
कोरोना महामारी की तीसरी लहर की आशंका के चलते लोगों में भय है। सरकार ने यात्रा को अनुमति दी थी। इसके बाद तैयारी भी शुरू कर दी गई थी। अभी सुप्रीम कोर्ट इस संबंध में क्या निर्णय सुनाता है, उसका इंतजार है। भोले के भक्त तो चाहते हैं कि कांवड़ यात्रा होनी चाहिए। - पंडित जयभगवान शर्मा, मुख्य पुजारी, पुरा महादेव।
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कोरोना महामारी की तीसरी लहर की आशंका जताई जा रही है। दूसरी लहर में पहले ही कई परिवार बर्बाद हो चुक हैं। उत्तराखंड सरकार ने पहले ही कांवड़ यात्रा पर रोक लगा दी गई है। ऐसे में शिवभक्त गंगाजल कहां से लाएंगे। मंदिर में इस बार जल, फूल पत्ती की व्यवस्था नहीं रहेगी। बाकी निर्णय सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई के बाद लिया जाएग। - तिलकराज गुप्ता, अध्यक्ष, पुरा महादेव मंदिर समिति।
कोरोना महामारी को देखते हुए अभी भी सचेत रहने की जरूरत है। लाखों की संख्या में मंदिर में शिवभक्त जलाभिषेक लिए पहुंचते हैं। इतनी अधिक भीड़ में कोरोना गाइडलाइन का पालन नहीं कराया जा सकता। ऐसे में सरकार को कांवड़ यात्रा स्थगित कर देनी चाहिए। - संजीव शर्मा, सचिव, पुरा महादेव मंदिर कमेटी।
कोरोना की तीसरी लहर को ज्यादा खतरनाक होने की आशंका है। ऐसे में पुरा महादेव मंदिर पर इस वर्ष भी मेला नहीं लगना चाहिए। इस मुद्दे पर पूरा गांव एकमत है। इसके लिए डीएम राजकमल यादव को ग्रामीण ज्ञापन देकर ग्रामीण अपने निर्णय की जानकारी भी दे चुके हैं। - ब्रह्मपाल, ग्राम प्रधान, पुरा महादेव।
हम प्रतिवर्ष कांवड़ मेले में फूल, पत्ती और प्रसाद की दुकान लगाते चले आ रहे हैं। पिछले वर्ष भी मेला नहीं लगा था। जलाभिषेक के लिए शिवभक्त आते हैं तो कोई दिक्कत नहीं है। यहां उनके ठहरने से दिक्कत हो सकती है। सभी ग्रामीणों ने मिलकर कांवड़ मेला आयोजित न किए जाने का निर्णय लिया है। हम भी ग्रामीणों के निर्णय से सहमत हैं। - सचिन, दुकानदार पुरा महादेव।