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मजबूत आत्मविश्वास से दी कोरोना की दूसरी लहर को मात
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कोरोना की बीमारी से ठीक होने के बाद साझा किए अनुभव
मन में टीस, घर लौटने पर बदल गया पड़ोसियाें का व्यवहार
संवाद न्यूज एजेंसी
बड़ौत। देशभर में इस समय कोरोना की दूसरी लहर लोगों के लिए घातक साबित हो रही है। बड़ी संख्या में लोग काल का ग्रास बन रहे हैं। मगर, ऐसे लोग भी बड़ी संख्या में हैं, जिन्होंने इस बीमारी का मजबूत आत्मविश्वाश के साथ मुकाबला किया और पूरी तरह स्वस्थ होकर घर लौटे। हालांकि आसपास के लोगों का व्यवहार उनके प्रति पूरी तरह बदल गया। इससे कोरोना को मात देने वाले इन लोगों का मन भी दुखी हुआ। ऐसे लोगाें ने अपने अनुभव अमर उजाला से साझा किए।
चिकित्सकों की सलाह पर अमल किया
बड़ावद गांव निवासी राहुल चिकारा पुत्र भीम सिंह ने बताया कि मैं कोरोना संक्रमित हो गया था। शुरूआत में परिजनों के साथ खुद भी काफी डर गया था। मगर, हिम्मत बिल्कुल नहीं हारी और इस बीमारी का आत्मविश्वास के साथ सामना किया। चिकित्सकों की सलाह पर अमल कर इस बीमारी को मात दी। हालांकि क्वारंटीन होने के बाद जब ठीक होकर गांव लौटे तो लोगों ने मेरे साथ व परिवार के साथ सौतेला व्यवहार शुरू कर दिया, जिससे दुख हुआ। उन्होंने लोगों से अपील की कि संक्रमित लोगों से ऐसा व्यवहार बिल्कुल भी न करें और इस विपरीत स्थिति में परिवार के लोग आत्मविश्वास बढ़ाएं, ताकि संक्रमित का परिवार खुशहाल रहे।
योग और व्यायाम करने से काफी फायदा मिला
बुढ़ेडा गांव के राजेंद्र पुत्र कैप्टन महाराम सिंह ने बताया कि कोरोना संक्रमित होने पर परिजनों और दोस्तों ने हौसला बढ़ाया। चिकित्सकों ने सकारात्मक सोच वाली जीवनशैली अपनाने को कहा। योग और व्यायाम करने से काफी फायदा मिला। संक्रमित लोगों के साथ गलत व्यवहार उनका मनोबल तोड़ सकता है। ऐसा व्यवहार संक्रमित व्यक्ति व उसके परिवार के साथ किसी को नहीं करना चाहिए।
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इम्युनिटी मजबूत करने वाली चीजों का सेवन किया
हिलवाड़ी गांव के शुएब खान पुत्र यूनुस खान का कहना है कि कोरोना संक्रमित आने पर एकबारगी मैं और मेरा परिवार काफी टेंशन में आ गए थे। मगर, हमने हिम्मत नहीं हारी। सकारात्मक सोच के साथ चिकित्सकों की हर सलाह पर अमल किया। समय से दवा लीं और इम्युनिटी मजबूत करने वाली चीजों का सेवन किया। इससे कोरोना को हराकर वापस अपने परिवार के बीच पहुंच गया। कुछ लोगों ने तो दूध वाले और सब्जी वाले को घर में सामान देने से मना कर दिया था। ऐसा बिल्कुल न करें। उन्होंने लोगों से अपील की कि कोरोना की इस दूसरी लहर में खुद को सुरक्षित रखें और ऐसा व्यवहार बिल्कुल न करें, जिससे किसी को ठेस पहुंचती हो।
क्या कहते है चिकित्सक
डॉ. दिनेश बंसल का कहना है कि सावधानी बरतने से ही कोरोना से बचा जा सकता है। संक्रमित होने पर बिल्कुल भी घबराएं नहीं। चिकित्सकों की सलाह पर अमल करें और दवा समय से लें। नियमित योग और व्यायाम करें। इम्युनिटी बढ़ाने वाली चीजों का सेवन करें। मरीज का मनोबल कमजोर करने वाला व्यवहार न करें।
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मन में टीस, घर लौटने पर बदल गया पड़ोसियाें का व्यवहार
संवाद न्यूज एजेंसी
बड़ौत। देशभर में इस समय कोरोना की दूसरी लहर लोगों के लिए घातक साबित हो रही है। बड़ी संख्या में लोग काल का ग्रास बन रहे हैं। मगर, ऐसे लोग भी बड़ी संख्या में हैं, जिन्होंने इस बीमारी का मजबूत आत्मविश्वाश के साथ मुकाबला किया और पूरी तरह स्वस्थ होकर घर लौटे। हालांकि आसपास के लोगों का व्यवहार उनके प्रति पूरी तरह बदल गया। इससे कोरोना को मात देने वाले इन लोगों का मन भी दुखी हुआ। ऐसे लोगाें ने अपने अनुभव अमर उजाला से साझा किए।
चिकित्सकों की सलाह पर अमल किया
बड़ावद गांव निवासी राहुल चिकारा पुत्र भीम सिंह ने बताया कि मैं कोरोना संक्रमित हो गया था। शुरूआत में परिजनों के साथ खुद भी काफी डर गया था। मगर, हिम्मत बिल्कुल नहीं हारी और इस बीमारी का आत्मविश्वास के साथ सामना किया। चिकित्सकों की सलाह पर अमल कर इस बीमारी को मात दी। हालांकि क्वारंटीन होने के बाद जब ठीक होकर गांव लौटे तो लोगों ने मेरे साथ व परिवार के साथ सौतेला व्यवहार शुरू कर दिया, जिससे दुख हुआ। उन्होंने लोगों से अपील की कि संक्रमित लोगों से ऐसा व्यवहार बिल्कुल भी न करें और इस विपरीत स्थिति में परिवार के लोग आत्मविश्वास बढ़ाएं, ताकि संक्रमित का परिवार खुशहाल रहे।
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योग और व्यायाम करने से काफी फायदा मिला
बुढ़ेडा गांव के राजेंद्र पुत्र कैप्टन महाराम सिंह ने बताया कि कोरोना संक्रमित होने पर परिजनों और दोस्तों ने हौसला बढ़ाया। चिकित्सकों ने सकारात्मक सोच वाली जीवनशैली अपनाने को कहा। योग और व्यायाम करने से काफी फायदा मिला। संक्रमित लोगों के साथ गलत व्यवहार उनका मनोबल तोड़ सकता है। ऐसा व्यवहार संक्रमित व्यक्ति व उसके परिवार के साथ किसी को नहीं करना चाहिए।
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इम्युनिटी मजबूत करने वाली चीजों का सेवन किया
हिलवाड़ी गांव के शुएब खान पुत्र यूनुस खान का कहना है कि कोरोना संक्रमित आने पर एकबारगी मैं और मेरा परिवार काफी टेंशन में आ गए थे। मगर, हमने हिम्मत नहीं हारी। सकारात्मक सोच के साथ चिकित्सकों की हर सलाह पर अमल किया। समय से दवा लीं और इम्युनिटी मजबूत करने वाली चीजों का सेवन किया। इससे कोरोना को हराकर वापस अपने परिवार के बीच पहुंच गया। कुछ लोगों ने तो दूध वाले और सब्जी वाले को घर में सामान देने से मना कर दिया था। ऐसा बिल्कुल न करें। उन्होंने लोगों से अपील की कि कोरोना की इस दूसरी लहर में खुद को सुरक्षित रखें और ऐसा व्यवहार बिल्कुल न करें, जिससे किसी को ठेस पहुंचती हो।
क्या कहते है चिकित्सक
डॉ. दिनेश बंसल का कहना है कि सावधानी बरतने से ही कोरोना से बचा जा सकता है। संक्रमित होने पर बिल्कुल भी घबराएं नहीं। चिकित्सकों की सलाह पर अमल करें और दवा समय से लें। नियमित योग और व्यायाम करें। इम्युनिटी बढ़ाने वाली चीजों का सेवन करें। मरीज का मनोबल कमजोर करने वाला व्यवहार न करें।