विकास की बात: मेरठ-बड़ौत हाईवे निर्माण के लिए 19.71 करोड़ की मंजूरी मिली
- लोनिवि के अफसरों ने मेरठ-बागपत मार्ग का निर्माण कराने के लिए 49 करोड़ रुपये का भेजा था प्रस्ताव
- बागपत जनपद में सड़क की स्थिति खराब देखते हुए अभी 18 किमी मार्ग के निर्माण के लिए 19.71 करोड़ मंजूर किए
विस्तार
बड़ौत-मेरठ हाईवे से रोजाना हजारों लोग आवागमन कर कई जनपदों में पहुंचते हैं। यह हाईवे 42 किलोमीटर लंबा है। इसका वर्ष 2016 में निर्माण कराया गया था जो अब पूरी गड्ढों में तब्दील हो चुका है।
हाईवे में गड्ढों के होने से वाहन चालकों को आवागमन में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जिसको लेकर लोगों ने कई बार लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों से लेकर मंडलायुक्त से शिकायत की। जिसके बाद हरकत में आये लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों ने 42 किलोमीटर लंबे हाईवे का निर्माण कराने के लिए 49 करोड़ रुपये का प्रस्ताव तैयार कर मुख्य अभियंता कार्यालय भेजा।
जहां से स्वीकृति मिलने के बाद प्रस्ताव लखनऊ मुख्यालय भेज दिया गया। हाईवे की बागपत जनपद में स्थिति ज्यादा खराब होने के कारण लखनऊ मुख्यालय से दोनों जनपदों के क्षेत्र में पड़ने वाली सड़क का प्रस्ताव अलग कर दिया। जिसमें बागपत जनपद में 18 किलोमीटर सड़क निर्माण कराने के लिए 19.71 करोड़ रुपये की वित्तीय स्वीकृति दे दी। जिसकी प्रशासनिक स्वीकृति मिलने का इंतजार बाकी रह गया है। जिसके तुरंत बाद ही निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा।
30 से अधिक गांवों के लोगों को मिलेगा फायदा
मेरठ-बड़ौत हाईवे पर जहां अन्य जगहों के लोगों को फायदा होगा। वहीं आसपास के तीस से अधिक गांवों के ग्रामीणों को फायदा होगा। इससे वाजिदपुर, लोहड्डा, जौहड़ी, अंगदपुर, सिरसली, रंछाड़, जिवाना, बिनौली, बरनावा, हजूराबाद गढ़ी, फतेहपुर, माखर, शेखपुरा, बिजवाड़ा, फजलपुर सुंदरनगर, शाहपुर बाणगंगा, सिरसलगढ़, तितरौदा, धनौरा सिलवरनगर समेत अन्य गांव व मेरठ जिले के गांवों को फायदा होगा।
मेरठ-बड़ौत हाईवे के निर्माण का प्रस्ताव मुख्यालय भेजा गया था। जिसमें बागपत जनपद में खराब स्थिति को देखते हुए 18 किलोमीटर सड़क निर्माण के लिए 19.71 करोड़ रुपये की वित्तीय स्वीकृ़ति मिली है। अब बोर्ड की बैठक में प्रशासनिक स्वीकृति मिलने के बाद काम शुरू करा दिया जाएगा। अतुल कुमार, अधिशासी अभियंता, लोक निर्माण विभाग