{"_id":"51-75129","slug":"Baghpat-75129-51","type":"story","status":"publish","title_hn":"बदमाशों ने ही फोन पर दी कार की जानकारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बदमाशों ने ही फोन पर दी कार की जानकारी
Baghpat
Updated Sat, 09 Aug 2014 05:30 AM IST
विज्ञापन
बागपत। भट्ठा मालिक प्रवीन मित्तल का अपहरण करने के बाद बदमाशों ने उनके परिवार से बात की। हालांकि परिवार के लोग इस बारे में कुछ बता नहीं रहे हैं, लेकिन भट्ठा कारोबार से जुड़े सूत्रों ने कहा बदमाशों ने ही उन्हें फोन पर बताया था कार काठा गांव में खड़ी है। उन्होंने उन लोगों से कहा वे काठा आ जाएं, वहीं बात होगी। इस तरह वे समय व्यतीत कर रहे थे ताकि दूर निकलने का मौका मिल जाए। उन्होंने यह झूठ भी बोला कि प्रवीन मित्तल की गाड़ी ट्रानिका सिटी में खराब हो गई है। उन्होंने जब फोन रिसीव करना बंद कर दिया, तब मित्तल के परिवार ने पुलिस को सूचना दी। इस बीच दो घंटे निकल चुके थे।
प्रवीन मित्तल का अपहरण होने के बाद उनके फोन से परिवार की तीन चार बार बात हुई। एक तो बदमाशों ने प्रवीन मित्तल से मुनीम को फोन करवाया। यह शायद इसलिए ताकि पता चल जाए कि उनका अपहरण हो चुका है। इसके बाद घर बात कराई, ताकि परिवार पर दबाव बने, लेकिन यह भी ख्याल रखा कि सही लोकेशन न दी जाए। बदमाश झूठ पर झूठ बोलते रहे। कभी प्रवीन मित्तल से कहलवाते गाड़ी खराब हो गई तो कभी खुद प्रवीन बनकर बात करते। प्रवीन मित्तल ने जब भट्ठे के मुनीम को फोन किया, तब तक उन्हें शायद बेहोशी का इंजेक्शन दिया जा चुका था। वे कुछ बेहोशी की हालत में ही बोल रहे थे लोग मुझे ले जा रहे हैं।
एक और गौर करने वाला तथ्य यह है कि प्रवीन मित्तल बड़ा गांव से दिल्ली के लिए चले, जबकि उनकी कार इसके विपरीत दिशा में काठा गांव मिली। इससे पुलिस की उलझन और बढ़ गया। यह समझना मुश्किल हो गया कि अपहरण के बाद उन्हें दिल्ली की ओर ले जाया गया या बड़ौत की।
विज्ञापन
विज्ञापन
प्रवीन मित्तल का अपहरण होने के बाद उनके फोन से परिवार की तीन चार बार बात हुई। एक तो बदमाशों ने प्रवीन मित्तल से मुनीम को फोन करवाया। यह शायद इसलिए ताकि पता चल जाए कि उनका अपहरण हो चुका है। इसके बाद घर बात कराई, ताकि परिवार पर दबाव बने, लेकिन यह भी ख्याल रखा कि सही लोकेशन न दी जाए। बदमाश झूठ पर झूठ बोलते रहे। कभी प्रवीन मित्तल से कहलवाते गाड़ी खराब हो गई तो कभी खुद प्रवीन बनकर बात करते। प्रवीन मित्तल ने जब भट्ठे के मुनीम को फोन किया, तब तक उन्हें शायद बेहोशी का इंजेक्शन दिया जा चुका था। वे कुछ बेहोशी की हालत में ही बोल रहे थे लोग मुझे ले जा रहे हैं।
विज्ञापन
एक और गौर करने वाला तथ्य यह है कि प्रवीन मित्तल बड़ा गांव से दिल्ली के लिए चले, जबकि उनकी कार इसके विपरीत दिशा में काठा गांव मिली। इससे पुलिस की उलझन और बढ़ गया। यह समझना मुश्किल हो गया कि अपहरण के बाद उन्हें दिल्ली की ओर ले जाया गया या बड़ौत की।
विज्ञापन