{"_id":"5aa043614f1c1ba32a8bb254","slug":"51520452449-baghpat-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"विद्युत लाइन की चपेट में आकर संविदा कर्मचारी झुलसा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
विद्युत लाइन की चपेट में आकर संविदा कर्मचारी झुलसा
Updated Thu, 08 Mar 2018 01:24 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बड़ौत (बागपत)। रठौडा गांव में विद्युत लाइन की चपेट में आने से एक संविदा कर्मचारी झुलस गया। सूचना देने के बाद निगम से कोई अफसर या कर्मचारी के घटना स्थल पर नहीं पहुंचने पर परिजनों ने काफी हंगामा किया। उन्होंने जेई सहित अन्य अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई करने की मांग की।
विद्युत लाइन से झुलसा संविदा कर्मचारी मुस्तकीम रठौडा गांव का रहने वाला है। वह शट डाउन लेकर विद्युत ट्रांसफार्मर रखवाने का काम कर रहा था। इसी दौरान एसएसओ ने बिना शट डाउन लिए सप्लाई चालू कर दी। इससे मुस्तकीम झुलस गया। इसकी सूचना निगम के अधिकारियों को दी, लेकिन कोई मौके पर नहीं पहुंचा। पीड़ित के परिजनों ने मौके पर पहुंचकर संविदा कर्मचारी को दिल्ली के निजी अस्पताल में भर्ती कराया। उसकी हालत गंभीर बनी है।
उधर, पीड़ित के परिजनों का आरोप है कि सूचना के बाद भी न तो जेई मौके पर पहुंचा और न ही अन्य अधिकारी। उन्होंने पीड़ित को मुआवजा दिलाने के साथ जेई और अन्य कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की मांग की। विद्युत मजदूर पंचायत के जिलाध्यक्ष मनोहर सिंह तोमर ने प्रकरण की जांच कर कार्रवाई की मांग की। इसके साथ ही कार्रवाई न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी। इस मामले में अधिशासी अभियंता प्रथम राहुल शर्मा ने अनभिज्ञता जाहिर की। उन्होंने कहा कि टीम को भेजकर जांच की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
विद्युत लाइन से झुलसा संविदा कर्मचारी मुस्तकीम रठौडा गांव का रहने वाला है। वह शट डाउन लेकर विद्युत ट्रांसफार्मर रखवाने का काम कर रहा था। इसी दौरान एसएसओ ने बिना शट डाउन लिए सप्लाई चालू कर दी। इससे मुस्तकीम झुलस गया। इसकी सूचना निगम के अधिकारियों को दी, लेकिन कोई मौके पर नहीं पहुंचा। पीड़ित के परिजनों ने मौके पर पहुंचकर संविदा कर्मचारी को दिल्ली के निजी अस्पताल में भर्ती कराया। उसकी हालत गंभीर बनी है।
विज्ञापन
उधर, पीड़ित के परिजनों का आरोप है कि सूचना के बाद भी न तो जेई मौके पर पहुंचा और न ही अन्य अधिकारी। उन्होंने पीड़ित को मुआवजा दिलाने के साथ जेई और अन्य कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की मांग की। विद्युत मजदूर पंचायत के जिलाध्यक्ष मनोहर सिंह तोमर ने प्रकरण की जांच कर कार्रवाई की मांग की। इसके साथ ही कार्रवाई न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी। इस मामले में अधिशासी अभियंता प्रथम राहुल शर्मा ने अनभिज्ञता जाहिर की। उन्होंने कहा कि टीम को भेजकर जांच की जाएगी।
विज्ञापन