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पूर्वी यमुना नहर में छोड़ा गया 325 क्यूसेक पानी
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संवाद न्यूज एजेंसी
बड़ौत। पूर्वी यमुना के सहारे सिंचाई करने वाले किसानों के लिए बृहस्पतिवार को राहत की खबर आई। हथिनी कुंड बैराज से छोड़ा गया पानी बागपत तक पहुंच गया। सिंचाई विभाग के अधिकारियों के मुताबिक करीब 325 क्यूसेक पानी बागपत तक पहुंचा है। नहर में पानी आने से किसानों के चेहरे पर मुस्कान लौट आई है।
उल्लेखनीय है कि पूर्वी यमुना नहर में पानी न होने के कारण बागपत और गाजियाबाद के 25 हजार किसानों के सामने गन्ने और ज्वार सहित अन्य फसलों की बुवाई का संकट खड़ा हो गया था। सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता उत्कर्ष भारद्वाज, एसडीओ सूरजमल सहित क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों तक ने नहर में पानी छुड़वाने की मांग की थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई थी। पीड़ित किसानों की इस समस्या को अमर उजाला ने 29 अप्रैल के अंक में ‘सूखी नहर... 25 हजार किसानों के सामने सिंचाई का संकट’ शीर्षक से प्रमुखता से प्रकाशित किया था। किसानों की समस्या को देखते हुए सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता उत्कर्ष भारद्वाज ने कहा कि इस संबंध में शासन से लेकर हथिनीकुंड बैराज तक के अधिकारियों को पत्राचार किया गया था। बृहस्पतिवार को इसका परिणाम सामने आया। हथिनी कुंड बैराज से पूर्वी यमुना नहर में पानी छोड़ दिया गया है। बागपत तक 325 क्यूसेक पानी पहुंच गया।
उधर, नहर में पानी आते ही किसानों की खुशी का ठिकाना तक नहीं रहा। भाकियू के प्रदेश उपाध्यक्ष व पूर्व जिला पंचायत सदस्य राजेन्द्र सिंह, विक्रम आर्य, सत्यवीर सिंह, सुभाष आदि किसानों ने खुशी जताई है।
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बड़ौत। पूर्वी यमुना के सहारे सिंचाई करने वाले किसानों के लिए बृहस्पतिवार को राहत की खबर आई। हथिनी कुंड बैराज से छोड़ा गया पानी बागपत तक पहुंच गया। सिंचाई विभाग के अधिकारियों के मुताबिक करीब 325 क्यूसेक पानी बागपत तक पहुंचा है। नहर में पानी आने से किसानों के चेहरे पर मुस्कान लौट आई है।
उल्लेखनीय है कि पूर्वी यमुना नहर में पानी न होने के कारण बागपत और गाजियाबाद के 25 हजार किसानों के सामने गन्ने और ज्वार सहित अन्य फसलों की बुवाई का संकट खड़ा हो गया था। सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता उत्कर्ष भारद्वाज, एसडीओ सूरजमल सहित क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों तक ने नहर में पानी छुड़वाने की मांग की थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई थी। पीड़ित किसानों की इस समस्या को अमर उजाला ने 29 अप्रैल के अंक में ‘सूखी नहर... 25 हजार किसानों के सामने सिंचाई का संकट’ शीर्षक से प्रमुखता से प्रकाशित किया था। किसानों की समस्या को देखते हुए सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता उत्कर्ष भारद्वाज ने कहा कि इस संबंध में शासन से लेकर हथिनीकुंड बैराज तक के अधिकारियों को पत्राचार किया गया था। बृहस्पतिवार को इसका परिणाम सामने आया। हथिनी कुंड बैराज से पूर्वी यमुना नहर में पानी छोड़ दिया गया है। बागपत तक 325 क्यूसेक पानी पहुंच गया।
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उधर, नहर में पानी आते ही किसानों की खुशी का ठिकाना तक नहीं रहा। भाकियू के प्रदेश उपाध्यक्ष व पूर्व जिला पंचायत सदस्य राजेन्द्र सिंह, विक्रम आर्य, सत्यवीर सिंह, सुभाष आदि किसानों ने खुशी जताई है।
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