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कान्हड़ में मां-बेटा भूख हड़ताल पर बैठे
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दोघट (बागपत)। कान्हड़ गांव में पति की मौत के बाद जमीन महिला के नाम चढ़वाने गए परिवार से बड़ौत तहसीलदार कार्यालय में सुविधा शुल्क मांगने का आरोप लगाते हुए मंगलवार को मां-बेटा खेत में भूख हड़ताल पर बैठ गया। उनका कहना है कि समस्या का समाधान होने तक भूख हड़ताल जारी रहेगी।
कान्हड़ गांव निवासी सतीश की फरवरी माह में मौत हो गई थी। हिस्से की जमीन परिवार के लोग उसकी पत्नी राजबाला के नाम चढ़वाने के लिए बड़ौत तहसील पहुंचे। आरोप है कि तहसीलदार कार्यालय में उनसे सुविधा शुल्क की मांग की गई। इससे नाराज होकर मंगलवार को राजबाला अपने बेटे सूर्यप्रकाश अहलावत के साथ अपने खेत में भूख हड़ताल पर बैठ गई। बेटे सूर्यप्रकाश ने आरोप लगाया कि उसके पिता सतीश पुत्र ईश्वर सिंह ने उसकी मां राजबाला के नाम 23 बीघा जमीन की वसीयत की थी। जब वह अपनी मां को लेकर तहसील में पहुंचा तो तहसील कर्मियों ने उसकी मां के नाम जमीन चढ़वाने की एवज में सुविधा शुल्क की मांग की, जिसे देने में वे असमर्थ हैं। इससे नाराज होकर मां-बेटा भूखहड़ताल पर बैठ गए और कहा कि तब तक नहीं उठेंगे जब तक उनकी समस्या का समाधान नहीं हो जाएगा। इस संबंध में तहसीलदार प्रदीप कुमार ने सुविधा शुल्क मांगे जाने का आरोप निराधार बताते हुए कहा कि चुनाव में व्यस्त रहने के कारण कार्य नहीं हो पाया था। उसकी जमीन चढ़वा दी गई है। उसे खतौनी दे दी जाएगी।
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कान्हड़ गांव निवासी सतीश की फरवरी माह में मौत हो गई थी। हिस्से की जमीन परिवार के लोग उसकी पत्नी राजबाला के नाम चढ़वाने के लिए बड़ौत तहसील पहुंचे। आरोप है कि तहसीलदार कार्यालय में उनसे सुविधा शुल्क की मांग की गई। इससे नाराज होकर मंगलवार को राजबाला अपने बेटे सूर्यप्रकाश अहलावत के साथ अपने खेत में भूख हड़ताल पर बैठ गई। बेटे सूर्यप्रकाश ने आरोप लगाया कि उसके पिता सतीश पुत्र ईश्वर सिंह ने उसकी मां राजबाला के नाम 23 बीघा जमीन की वसीयत की थी। जब वह अपनी मां को लेकर तहसील में पहुंचा तो तहसील कर्मियों ने उसकी मां के नाम जमीन चढ़वाने की एवज में सुविधा शुल्क की मांग की, जिसे देने में वे असमर्थ हैं। इससे नाराज होकर मां-बेटा भूखहड़ताल पर बैठ गए और कहा कि तब तक नहीं उठेंगे जब तक उनकी समस्या का समाधान नहीं हो जाएगा। इस संबंध में तहसीलदार प्रदीप कुमार ने सुविधा शुल्क मांगे जाने का आरोप निराधार बताते हुए कहा कि चुनाव में व्यस्त रहने के कारण कार्य नहीं हो पाया था। उसकी जमीन चढ़वा दी गई है। उसे खतौनी दे दी जाएगी।
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