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छपरौली नगर पंचायत के चुनाव पर भी उठे सवाल
Updated Tue, 02 Jan 2018 01:21 AM IST
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बागपत। छपरौली नगर पंचायत के चुनाव में धांधली का आरोप लगाते हुए एक पराजित प्रत्याशी ने कोर्ट में अर्जी दाखिल कर दी है। उसका आरोप है कि मतदान के दौरान मृतकों के नाम से भी वोट डलवाई गई है और मतपेटी से कम वोट निकली है। इस मामले की सुनवाई 9 जनवरी को होगी।
जनपद में निकाय चुनाव 29 नवंबर को हुआ था। इसका परिणाम एक दिसंबर को घोषित हुआ था। अपनी हार से कई प्रत्याशी संतुष्ट नहीं है। छपरौली नगर पंचायत के पराजित प्रत्याशी योगेंद्र कुमार ने चुनाव में धांधली का आरोप लगाते हुए कोर्ट में रिट दायर कर दी है। उनका कहना है कि मतदान में उनको 2649 वोट प्राप्त हुए। जबकि, प्रतिद्वंद्वी संजीव कुमार को 2657 मत प्राप्त होने का दावा करते हुए प्रशासन ने विजयी घोषित कर दिया। उनका कहना है कि मतदान के समय कुल 11051 वोट डाले गए थे। मतपेटी पर यह अंकित भी है। जबकि, मतगणना के समय मतपेटी से 11045 वोट निकले हैं। छह मत गायब कर दिए गए हैं। उनका कहना है कि वोटर लिस्ट में मृतकों के नाम भी अंकित है। प्रतिद्वंद्वी प्रत्याशी द्वारा मृतकों की वोट डलवाई गई है। इसके अलावा एक नाम से दो या दो से अधिक वोट मतदाता सूची में दर्ज है। उनके वोट भी डलवाए गए है। उन्होंने जांच पड़ताल कर कार्रवाई करने की मांग की। उनका कहना है कि जब तक केस विचाराधीन है तब तक विजयी प्रत्याशी के प्रशासनिक एवं वित्तीय अधिकारों पर रोक लगाई जाए। इस मामले की कोर्ट में सुनवाई की नौ जनवरी नियत की गई है। बता दे कि बड़ौत नगर पालिका के चुनाव में पराजित प्रत्याशी सलीम चौधरी और खेकड़ा नगर पंचायत की प्रत्याशी नीलम धामा ने भी धांधली का आरोप लगाते हुए कोर्ट में अर्जी लगा रखी है, जो फिलहाल विचाराधीन है।
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जनपद में निकाय चुनाव 29 नवंबर को हुआ था। इसका परिणाम एक दिसंबर को घोषित हुआ था। अपनी हार से कई प्रत्याशी संतुष्ट नहीं है। छपरौली नगर पंचायत के पराजित प्रत्याशी योगेंद्र कुमार ने चुनाव में धांधली का आरोप लगाते हुए कोर्ट में रिट दायर कर दी है। उनका कहना है कि मतदान में उनको 2649 वोट प्राप्त हुए। जबकि, प्रतिद्वंद्वी संजीव कुमार को 2657 मत प्राप्त होने का दावा करते हुए प्रशासन ने विजयी घोषित कर दिया। उनका कहना है कि मतदान के समय कुल 11051 वोट डाले गए थे। मतपेटी पर यह अंकित भी है। जबकि, मतगणना के समय मतपेटी से 11045 वोट निकले हैं। छह मत गायब कर दिए गए हैं। उनका कहना है कि वोटर लिस्ट में मृतकों के नाम भी अंकित है। प्रतिद्वंद्वी प्रत्याशी द्वारा मृतकों की वोट डलवाई गई है। इसके अलावा एक नाम से दो या दो से अधिक वोट मतदाता सूची में दर्ज है। उनके वोट भी डलवाए गए है। उन्होंने जांच पड़ताल कर कार्रवाई करने की मांग की। उनका कहना है कि जब तक केस विचाराधीन है तब तक विजयी प्रत्याशी के प्रशासनिक एवं वित्तीय अधिकारों पर रोक लगाई जाए। इस मामले की कोर्ट में सुनवाई की नौ जनवरी नियत की गई है। बता दे कि बड़ौत नगर पालिका के चुनाव में पराजित प्रत्याशी सलीम चौधरी और खेकड़ा नगर पंचायत की प्रत्याशी नीलम धामा ने भी धांधली का आरोप लगाते हुए कोर्ट में अर्जी लगा रखी है, जो फिलहाल विचाराधीन है।
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