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मलकपुर चीनी मिल में पेराई सत्र पर संकट- डीएम
Updated Thu, 18 Oct 2018 12:52 AM IST
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बागपत। मलकपुर चीनी मिल गन्ने के बकाया भुगतान और नया पेराई सत्र शुरू करने की मांग को लेकर किसान बैठक में हंगामा हुआ। डीएम ने कहा कि बकाया भुगतान पर चीनी मिल के चेयरमैन ने कई याचिकाएं हाईकोर्ट में दाखिल कर रखी हैं। इसके अलावा सहकारी गन्ना समिति मलकपुर ने भुगतान नहीं होने तक मिल को गन्ना आवंटन नहीं करने का प्रस्ताव गन्ना आयुक्त को भेजा है। इस वजह से नए पेराई पर भी संकट है। किसानों ने कहा यदि मिल नहीं चलती तो उनका गन्ना दूसरी मिलों को शिफ्ट किया जाए। किसानों ने बकाया भुगतान की मांग भी रखी। मलकपुर मिल से करीब 40 हजार किसान जुड़े हैं।
बुधवार को कलक्ट्रेट में डीएम ऋषिरेंद्र कुमार की अध्यक्षता में किसान बैठक हुई। बैठक शुरू होते ही मलकपुर चीनी मिल का मुद्दा उठा। किसानों ने कहा चीनी मिल पर 360 करोड़ रुपये से ज्यादा बकाया है। उन्होंने नए पेराई सत्र को समय से शुरू कराने की मांग रखी। डीएम ने स्पष्ट किया कि सहकारी गन्ना समिति मलकपुर के चेयरमैन धूम सिंह की अध्यक्षता में समिति ने गन्ना आयुक्त को प्रस्ताव भेजा है कि बकाया भुगतान होने तक मलकपुर मिल को गन्ना आवंटन नहीं किया जाए। इसके अलावा बकाया भुगतान, हाईकोर्ट के आदेश की अवमानना समेत कई याचिकाएं दाखिल की। ऐसे में पेराई सत्र पर ही संकट के बादल हैं। इस पर किसानों ने कहा उनका गन्ना दूसरी चीनी मिलों को शिफ्ट किया जाए। डीएम ने कहा कि निकट भविष्य में इस पर शासन स्तर से फैसला होगा। किसानों ने अन्य समस्याएं रखी, जिनके समाधान का भरोसा भी किसानों को दिलाया । उप निदेशक कृषि प्रशांत कुमार ने संचालन किया। इसमें एसपी शैलेश कुमार पांडेय, एडीएम अनिल कुमार मिश्र, डीसीओ सुशील कुमार, एसई रामवीर सिंह, जिला कृषि अधिकारी सूर्य प्रताप सिंह, एक्सईन राजीव कुमार आर्य के साथ भाकियू जिलाध्यक्ष प्रताप गुर्जर, ठाकुर तेजपाल, चमन सिंह, राजेंद्र चौधरी, हरेंद्र प्रधान, सुभाष नैन, ओमवीर सिंह, जयवीर, रामनिवास, सुरेंद्र, रणवीर सिंह, धूम सिंह, कर्मवीर, अर्जुन सिंह, विजय कुमार, इंद्रपाल सिंह आदि रहे।
इस तरह लटका है मामला
बागपत। बकाया भुगतान के लिए हाईकोर्ट ने चीनी बिक्री का 85 प्रतिशत भुगतान में से 15 प्रतिशत चीनी मिल को देने के आदेश दिए। इसके बाद समिति के चेयरमैन धूम सिंह ने कोर्ट में याचिका दाखिल की, इसके बाद चीनी बिक्री का सौ फीसदी भुगतान के आदेश दिए। पिछले पेराई सत्र में इस पर मिल स्टाफ ने हंगामा किया, पेराई सत्र बीच में ही रुकने की संभावना बन गई थी। प्रशासन ने किसी तरह पेराई सत्र पूरा कराया। धूम सिंह ने पिछले दिनों चीनी बिक्री के सौ फीसदी भुगतान नहीं होने पर डीएम और डीसीओ के खिलाफ अवमानना याचिका दाखिल की।
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क्या मलकपुर चीनी मिल को नहीं मिल सकता सॉफ्ट लोन
बागपत। यूपी सरकार ने चीनी मिलों के लिए सॉफ्ट लोन का एलान किया, लेकिन मलकपुर चीनी मिल को इस का लाभ नहंी मिल सकता। व्यवस्था यह है कि जो मिल 30 फीसदी भुगतान कर चुकी है, उन्हें ही यह लोन मिलेगा। जबकि मलकपुर मिल ने 18 फीसदी भुगतान ही किया। ऐसे में बकाया भुगतान पर संकट के बादल हैं। मिल मालिकों ने कहा चीनी बिक्री का सौ फीसदी किसानों को देने से चीनी मिल की मरम्मत का कार्य लटका है। डीसीओ सुशील कुमार ने कहा चीनी बिक्री नहीं होने से भुगतान का प्रतिशत कम है। शासन को पूरे प्रकरण से अवगत कराया।
किसानों ने डीएम को बताई समस्याएं
बागपत। किसानों ने बताया कि मिलावटी पशु आहार बाजार में बेचा जा रहा है। इसके बाद डीएम ने पशुपालन विभाग एक टीम का गठन कर जांच कराकर नमूने लेने और नकली आहार बेचने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने को निर्देशित किया। खुरपका-मुंहपका का अभियान चलाकर टीकाकरण के निर्देश दिए। सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता के बैठक में न होने पर नाराजगी जताई। वर्तमान में कितनी नहरों में पानी चल रहा है और कितनी नहर खाली पड़ी हैं, इसकी आख्या तत्काल अधिशासी अभियंता सिंचाई उपलब्ध कराएं। सिंडिकेट बैंक पर किसानों के कार्य न करने का आरोप लगाया।
हरियाणा के किसानों का 2.94 करोड़ बकाया
बागपत। किसान बैठक में हरियाणा राज्य के सोनीपत जनपद के दर्जनों किसान पहुंचे। उन्होंने डीएम को बताया दोनों जिलों के डीएम की सहमति के बाद मलकपुर मिल में वर्ष 2016-17 में गन्ना डाला, इसका 2.94 करोड़ रुपये बकाया है, इसका आज तक भुगतान नहीं हुआ। जबकि मिल प्रशासन ने बताया कि गन्ना समिति के खाते में भुगतान किया। समिति के चेयरमैन ने भुगतान करने से इंकार किया। कहा है कि जब वह समिति के सदस्य नहीं है तो गन्ने का भुगतान नहीं करेंगे। डीएम ऋषिरेंद्र कुमार ने उन्हें कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसमें समय सिंह, प्रकाश, सुरेंद्र, रामकिशन, पवन, रणवीर, संतकुमार मौजूद रहे।
शादी, बीमारी और शिक्षा के भुगतान पर भी रोक
बागपत। मलकपुर मिल समिति ने पिछले दिनों प्रस्ताव पारित किया था कि प्रशासन और गन्ना विभाग की ओर से शादी, बीमारी और शिक्षा के नाम पर किसानों को भुगतान दिया जाता है, वह नहीं होना चाहिए। समिति चेयरमैन धूम सिंह के अनुसार इसकी वजह यह है कि कुछ अपात्र लोग भुगतान ले लेते हैं, वास्तविक पात्र रह जाते हैं और भुगतान का क्रम टूट जाता है। इस कारण इस प्रस्ताव को पारित किया।
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बुधवार को कलक्ट्रेट में डीएम ऋषिरेंद्र कुमार की अध्यक्षता में किसान बैठक हुई। बैठक शुरू होते ही मलकपुर चीनी मिल का मुद्दा उठा। किसानों ने कहा चीनी मिल पर 360 करोड़ रुपये से ज्यादा बकाया है। उन्होंने नए पेराई सत्र को समय से शुरू कराने की मांग रखी। डीएम ने स्पष्ट किया कि सहकारी गन्ना समिति मलकपुर के चेयरमैन धूम सिंह की अध्यक्षता में समिति ने गन्ना आयुक्त को प्रस्ताव भेजा है कि बकाया भुगतान होने तक मलकपुर मिल को गन्ना आवंटन नहीं किया जाए। इसके अलावा बकाया भुगतान, हाईकोर्ट के आदेश की अवमानना समेत कई याचिकाएं दाखिल की। ऐसे में पेराई सत्र पर ही संकट के बादल हैं। इस पर किसानों ने कहा उनका गन्ना दूसरी चीनी मिलों को शिफ्ट किया जाए। डीएम ने कहा कि निकट भविष्य में इस पर शासन स्तर से फैसला होगा। किसानों ने अन्य समस्याएं रखी, जिनके समाधान का भरोसा भी किसानों को दिलाया । उप निदेशक कृषि प्रशांत कुमार ने संचालन किया। इसमें एसपी शैलेश कुमार पांडेय, एडीएम अनिल कुमार मिश्र, डीसीओ सुशील कुमार, एसई रामवीर सिंह, जिला कृषि अधिकारी सूर्य प्रताप सिंह, एक्सईन राजीव कुमार आर्य के साथ भाकियू जिलाध्यक्ष प्रताप गुर्जर, ठाकुर तेजपाल, चमन सिंह, राजेंद्र चौधरी, हरेंद्र प्रधान, सुभाष नैन, ओमवीर सिंह, जयवीर, रामनिवास, सुरेंद्र, रणवीर सिंह, धूम सिंह, कर्मवीर, अर्जुन सिंह, विजय कुमार, इंद्रपाल सिंह आदि रहे।
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इस तरह लटका है मामला
बागपत। बकाया भुगतान के लिए हाईकोर्ट ने चीनी बिक्री का 85 प्रतिशत भुगतान में से 15 प्रतिशत चीनी मिल को देने के आदेश दिए। इसके बाद समिति के चेयरमैन धूम सिंह ने कोर्ट में याचिका दाखिल की, इसके बाद चीनी बिक्री का सौ फीसदी भुगतान के आदेश दिए। पिछले पेराई सत्र में इस पर मिल स्टाफ ने हंगामा किया, पेराई सत्र बीच में ही रुकने की संभावना बन गई थी। प्रशासन ने किसी तरह पेराई सत्र पूरा कराया। धूम सिंह ने पिछले दिनों चीनी बिक्री के सौ फीसदी भुगतान नहीं होने पर डीएम और डीसीओ के खिलाफ अवमानना याचिका दाखिल की।
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क्या मलकपुर चीनी मिल को नहीं मिल सकता सॉफ्ट लोन
बागपत। यूपी सरकार ने चीनी मिलों के लिए सॉफ्ट लोन का एलान किया, लेकिन मलकपुर चीनी मिल को इस का लाभ नहंी मिल सकता। व्यवस्था यह है कि जो मिल 30 फीसदी भुगतान कर चुकी है, उन्हें ही यह लोन मिलेगा। जबकि मलकपुर मिल ने 18 फीसदी भुगतान ही किया। ऐसे में बकाया भुगतान पर संकट के बादल हैं। मिल मालिकों ने कहा चीनी बिक्री का सौ फीसदी किसानों को देने से चीनी मिल की मरम्मत का कार्य लटका है। डीसीओ सुशील कुमार ने कहा चीनी बिक्री नहीं होने से भुगतान का प्रतिशत कम है। शासन को पूरे प्रकरण से अवगत कराया।
किसानों ने डीएम को बताई समस्याएं
बागपत। किसानों ने बताया कि मिलावटी पशु आहार बाजार में बेचा जा रहा है। इसके बाद डीएम ने पशुपालन विभाग एक टीम का गठन कर जांच कराकर नमूने लेने और नकली आहार बेचने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने को निर्देशित किया। खुरपका-मुंहपका का अभियान चलाकर टीकाकरण के निर्देश दिए। सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता के बैठक में न होने पर नाराजगी जताई। वर्तमान में कितनी नहरों में पानी चल रहा है और कितनी नहर खाली पड़ी हैं, इसकी आख्या तत्काल अधिशासी अभियंता सिंचाई उपलब्ध कराएं। सिंडिकेट बैंक पर किसानों के कार्य न करने का आरोप लगाया।
हरियाणा के किसानों का 2.94 करोड़ बकाया
बागपत। किसान बैठक में हरियाणा राज्य के सोनीपत जनपद के दर्जनों किसान पहुंचे। उन्होंने डीएम को बताया दोनों जिलों के डीएम की सहमति के बाद मलकपुर मिल में वर्ष 2016-17 में गन्ना डाला, इसका 2.94 करोड़ रुपये बकाया है, इसका आज तक भुगतान नहीं हुआ। जबकि मिल प्रशासन ने बताया कि गन्ना समिति के खाते में भुगतान किया। समिति के चेयरमैन ने भुगतान करने से इंकार किया। कहा है कि जब वह समिति के सदस्य नहीं है तो गन्ने का भुगतान नहीं करेंगे। डीएम ऋषिरेंद्र कुमार ने उन्हें कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसमें समय सिंह, प्रकाश, सुरेंद्र, रामकिशन, पवन, रणवीर, संतकुमार मौजूद रहे।
शादी, बीमारी और शिक्षा के भुगतान पर भी रोक
बागपत। मलकपुर मिल समिति ने पिछले दिनों प्रस्ताव पारित किया था कि प्रशासन और गन्ना विभाग की ओर से शादी, बीमारी और शिक्षा के नाम पर किसानों को भुगतान दिया जाता है, वह नहीं होना चाहिए। समिति चेयरमैन धूम सिंह के अनुसार इसकी वजह यह है कि कुछ अपात्र लोग भुगतान ले लेते हैं, वास्तविक पात्र रह जाते हैं और भुगतान का क्रम टूट जाता है। इस कारण इस प्रस्ताव को पारित किया।